गौहत्या पर ड़ॉ.सुब्रमण्यम स्वामी ने बीबीसी को दिया करारा जवाब…

🚩गौहत्या पर ड़ॉ.सुब्रमण्यम स्वामी ने बीबीसी को दिया करारा जवाब…
🚩वरिष्ठ
नेता बीजेपी ड़ॉ.सुब्रमण्यम स्वामी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि भारत
के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गाँधी ने कहा था कि अगर हमारे पास
सत्ता आएगी तो मैं गोरक्षा के लिए काम करते हुए गोहत्या पर प्रतिबंध लगा
दूँगा ।
🚩 #महात्मा_गाँधी ने साफ कहा था कि उनके लिए गाय का कल्याण अपनी आजादी से भी प्रिय है।
Dr Subramaniam Swamy, Retort, slaughter, BBC,
🚩देश
में गोरक्षा की परम्परा हजारों साल से चली आ रही है और जब बहादुर शाह जफर
को 1857 में दोबारा #दिल्ली की गद्दी पर बैठाया गया तो उनका पहला कदम था
गोहत्या पर प्रतिबंध ।
🚩जब
भारत का संविधान बना तो राज्य के नीति-निर्देशक तत्व बने, जिनमें कहा गया
है कि सरकार को गोरक्षा करने और गोहत्या रोकने की तरफ कदम उठाने चाहिए ।
🚩हम
पर ये आरोप लगता है कि हमने #हिंदुत्व के नाम पर इसे मुद्दा बनाया है जो
सरासर गलत है, क्योंकि ये एक प्राचीन भारतीय परम्परा रही है ।
🚩सुप्रीम कोर्ट
🚩प्राचीन
काल में सिर्फ गाय के लिए ही नहीं बल्कि मोर की रक्षा की भी परंपरा रही है
और भारत में #मोर की हत्या पर 1951 में प्रतिबंध लगाने के अलावा उसे
#राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया ।
🚩मोर की #हत्या करने पर सात साल के कारावास की सजा का भी प्रावधान है ।
🚩भारत में गोरक्षा को सिर्फ धार्मिक दृष्टि से देखना भी गलत है और इसके दूसरे फायदे नजर अन्दाज नहीं किए जाने चाहिए ।
🚩हमारे यहाँ ‘बॉस इंडिकस’ नामक गाय की नस्ल है और ये सर्वमान्य है कि उसके दूध में जो पोषक तत्व है, वो दूसरी नस्लों में नहीं है ।
🚩1958
में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर गोहत्या पर प्रतिबन्ध लगाएं तो इससे
इस्लामिक संप्रदाय को ठेस नही पहुँचनी चाहिए क्योंकि #इस्लाम में गोमाँस
खाना अनिवार्य नही है ।
🚩आरएसएस प्रमुख और मेरी भी माँग यही है कि भारत में #गोहत्या पर प्रतिबंध लगना चाहिए ।
🚩मेरी
अपनी माँग है कि गोहत्या करने वालों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए और संसद
में मेरे #प्राइवेट मेंबर्स बिल प्रस्तुत करने के बाद कई राज्यों ने इसकी
सजा को आजीवन कारावास कर दिया है ।
🚩मेरे
बिल में इस बात का भी सुझाव है कि जब गाय #दूध देना बंद कर दे तो कैसे
उन्हें गोशालाओं में शिफ्ट किया जाए और इसके लिए एक नैशनल #ऑथॉरिटी का गठन
होना चाहिए।
🚩जामनगर से गुवाहाटी
🚩रहा
सवाल उन इतिहासकारों या विशेषज्ञो का जो अपनी रिसर्च के आधार पर दावा करते
हैं कि प्राचीन काल और मध्य काल में भारत में गोमाँस खाया जाता था, तो ये
लोग आर्यन शब्द का प्रयोग करने वाले अंग्रेजों के पिट्ठू हैं ।
🚩ताजा जेनेटिक या #डीएनए शोध के अनुसार कश्मीर से कन्याकुमारी और जामनगर से गुवाहाटी तक सारे #हिन्दुस्तानियों का डीएनए एक ही है ।
🚩हिंदू-मुसलमान का डीएनए भी एक है इसलिए सभी #मुसलमानों के पूर्वज हिंदू हैं ।
🚩इतिहासकारों ने #आर्यन्स और द्रविडियन्स का जो बँटवारा किया मैं उसे नहीं मानता।
🚩किसी भी #ग्रन्थ में इस बात का उल्लेख नहीं मिलता जिससे गोमाँस खाने के प्रमाण मिले या किसी तरह की अनुमति के प्रमाण मिलें ।
🚩मूलभूत अधिकार
🚩एक
और सवाल #उठता है कि हर नागरिक का एक मूलभूत अधिकार होता है अपनी पसंद का,
यानी जो पसंद होगा वो खाने का और इसे कोई छीन नहीं सकता ।
🚩लेकिन भारत के संविधान में ऐसा नहीं और हर मूलभूत अधिकार पर एक #न्यायपूर्ण अंकुश लग सकता है ।
🚩कल कोई कहेगा कि मैं अफीम खाऊँगा या कोकीन लूँगा, तो ऐसा नही हो सकता ।
🚩रहा
सवाल एकमत होने का तो भारत में लगभग 80% #हिंदू हैं जिसमें से 99% गोहत्या
के पक्ष में नहीं बोलेंगे तो अलग राय होने का सवाल ही नही।
🚩बात
अगर #माइनॉरिटी राइट्स या अल्पसंख्यक समुदाय के हितों की रक्षा की है तो
फिर ये आपको दिखाना होगा कि गोमाँस खाना उनके लिए अनिवार्य है ।
🚩जबकि #सुप्रीम कोर्ट ये कह चुका है कि ये अनिवार्य नही ।
🚩और ये कहना कि सिर्फ #मुसलमानों में कथित गोरक्षा मुहिम से संशय है तो ये बात गलत है।
🚩कई
#हिंदू भी #गोहत्या करके निर्यात करते थे क्योंकि सब्सिडीज मिलती थी और
कारोबार बढ़ता था बूचड़खाने खोलने से । उन्हें भी नुकसान होगा ।
🚩भगवान
राम के अवतार से पहले सतयुग से ही गाय को माता के तरीके से पालन किया गया
है और भगवान श्री कृष्ण तो स्वयं #गाय माता को चराने जाते है उसके रहने
मात्र से वातावरण पवित्र हो जाता है उसके #दूध, घी, दही, गौमूत्र, गोबर का
उपयोग करके जीवन मे व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है , जीवित गाय करोड़ो की कमाई
करके देती है ऐसी पवित्र जीवन उपयोगी गौहत्या करना कहाँ तक उचित है?
🚩और ऐसी पवित्र गाय की रक्षा करने वालों को #प्रोत्साहित करना तो दूर रहा पर उनको गुंडा बोला जाता है जो कितना #शर्मनाक है ।
🚩गाय का पालन करना ही #मनुष्य मात्र के लिए उपयोगी है और गौहत्या करना विनाश का कारण है ।

अन्नदाताओं’ ने पिया पेशाब, आगे मल खाने की धमकी, कब होगी किसानों की सुनवाई?

🚩अन्नदाताओं’ ने पिया पेशाब, आगे मल खाने की धमकी, कब होगी किसानों की सुनवाई?
🚩तमिलनाडु
में भारी सूखे की मार और कर्ज के बोझ के तले दबे करीब 100 किसान दिल्ली
में जंतर मंतर  पर 38 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, इसमें #महिलाएं भी शामिल
हैं। और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिये प्रदर्शनकारी विरोध प्रदर्शन
के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं । विरोध प्रदर्शन करते रहे तमिलनाडु के
किसानों का धैर्य शायद अब जवाब दे चुका है।
curruption farmer dying
🚩सबसे पहले किसानों ने नर खोपड़ियों के साथ प्रदर्शन किया।  उनके दावे के अनुसार, ये खोपड़ियाँ #आत्महत्या करने वाले किसानों की हैं ।
🚩किसानों का दावा है कि पिछले साल तमिलनाडु में कर्ज के बोझ तले दबे 400 किसानों ने #आत्महत्याएँ की ।
🚩सूखे के कारण पूरे राज्य में खेती पर बहुत असर पड़ा है । जिन किसानों ने ऋण लिए उनके लिए इसे चुका पाना भारी पड़ रहा है ।
🚩किसानों
ने शनिवार को अपना विरोध जताने के लिए #पेशाब पिया। किसान जंतर-मंतर में
प्लास्टिक की बोतलों में एकत्रित मूत्र के साथ सामने आए।  #किसानों ने अब
रविवार को मानव मल खाकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। गौरतलब है, तमिलनाडु के
किसान केंद्र से कर्जमाफी और वित्तीय सहायता की माँग के साथ धरने पर बैठे
हैं। सूखे के कारण उनकी फसल मारी गई है। इन किसानों की माँग है कि सरकार
उनके लिए #सूखा राहत पैकेज जारी करे।
🚩नैशनल
साउथ इंडियन रिवर लिंकिंग फॉर्मर्स असोसिएशन के राज्य अध्यक्ष पी
अय्याकनकु ने कहा, ‘तमिलनाडु में पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा और
#प्रधानमंत्री मोदी हमारी प्यास को अनदेखा कर रहे हैं।’  ऐसा लगता है कि
मोदी सरकार हमें #इंसान ही नहीं समझती है। सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी
बदहाली की ओर खींचने के लिए गले में मानव खोपड़ी पहनने से लेकर सड़क पर
#सांम्भर-चावल और मरे हुए सांप-चूहे खाकर इन किसानों ने अपना विरोध जाहिर
किया। ये किसान निर्वस्त्र भी हो चुके हैं। किसानों ने साउथ ब्लॉक में
प्रधानमंत्री दफ्तर के सामने सड़क पर न्यूड होकर भी प्रदर्शन किया था।
🚩यह
है मामला : #तमिलनाडु के #किसान 38 दिनों से दिल्ली के जंतर – मंतर पर
प्रदर्शन कर रहे हैं। ये किसान #केंद्र से अपने लोन की माँफी की मांग कर
रहे हैं। उन किसानों का कहना है कि उनकी फसल कई बार आए सूखे और चक्रवात में
बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने उन लोगों को मिलने वाले राहत पैकेज पर भी
पुनर्विचार करने के लिए कहा है। किसानों की यह भी मांग है कि उनको अगली साल
के लिए बीज खरीदने दिए जाएं और हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
🚩किसान अपने अनोखे विरोध प्रदर्शनों से चर्चा में तो आ गए, लेकिन केंद्र #सरकार से किसी तरह का कोई #आश्वासन नहीं हासिल कर पाए हैं ।
🚩
#केंद्र सरकार की ओर से ऋण माँफी की इन किसानों की माँगों को लेकर अभी तक
कोई आश्वासन नहीं दिया गया है । किसानों का कहना है कि ज्यादातर #ऋण 50
हजार से लेकर 1 लाख तक रुपये के हैं ।
🚩आपको
बता दे कि सप्ताह पहले सुप्रीम कोर्ट ने #तमिलनाडु में किसानों की
आत्महत्या को लेकर राज्य सरकार को फटकार लगाई है । कोर्ट ने कहा है कि
किसानों की हालत वाकई बेहद चिंताजनक है और राज्य सरकार इस मानवीय त्रासदी
पर शांत नही बैठ सकती । #सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे परिस्थितियों में
सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों का ख्याल रखे ।
🚩चुनाव
के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेताओं को जब वोट मिल जाता है तब जनता का
ख्याल ही नही रहता है, कितने किसान #आत्महत्या कर रहे हैं उस पर सरकार का
ध्यान क्यो नही जाता है?
🚩जो
नेता बोलते रहते हैं कि हमे कानून पर पूरा भरोसा है आज वही #सुप्रीम कोर्ट
के आदेश के बाद भी किसानों की बात क्यो नही सुनी जा रही है?
🚩एनसीआरबी के ताजा सर्वे में #चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं!!!
🚩एनसीआरबी
के #आँकड़ों के मुताबिक देश-भर में कर्ज न चुका पाने के कारण खुदकुशी करने
वाले किसानों में से 80 फीसदी ने बैंकों से कर्ज लिया था ।
🚩एनसीआरबी
के #आँकड़ों के मुताबिक 2014 की तुलना में 2015 में किसानों के आत्महत्या
करने की दर में 41.7 फीसदी का इजाफा हुआ है। 1995 से  31 मार्च 2013 तक के
आँकड़े बताते हैं कि अब तक 2,96 438 किसानों ने आत्महत्या की है ।
🚩सरकारी सूत्रों के अनुसार 2014 में 5650 और 2015 में 8000 से अधिक मामले सामने आए।
🚩2014
में देश की जनता ने केंद्र में भाजपा को बहुमत देकर देश की सत्ता सौंपी तो
#देश के किसानों और #मजदूरों ने सोचा था कि उनके अच्छे दिन आ सकते हैं।
लेकिन आत्महत्या के आँकड़े देखकर तो लगता है कि सरकार से किसानो को कोई
राहत नही मिल पा रही है ।
🚩बैंकों से लिए कर्ज के कारण मरने को मजबूर हो जाता है किसान..!!
🚩गरीब
#किसान बैंकों से कर्ज लेकर खेती करता है और जब बेमौसम बरसात, ओले और तेज
हवाओ और सूखे से उसकी #फसल नष्ट हो जाती है तो वो कर्ज नहीं चुका पाता है
तो बैंक उनसे कर्ज वसूलने के लिए उसके खेतों को नीलाम करके अपना कर्ज
वसूलती है। जिसकी वजह से वो आत्महत्या करने को मजबूर हो जाता है।
🚩एक
तरफ #जहाँ #बैंक अमीर डिफाल्टरों के हजारों करोड़ यूँ ही माफ कर देता है और
दूसरी तरफ गरीब #किसानों का उतना कर्ज भी माफ नहीं कर पा रही है जो इन
डिफाल्टरों का 20 फीसदी भी नहीं होगा।
🚩किसान
दिन-रात मेहनत करता है जब फसल लेकर मंडी में आता है तो उसको निराश होना
पड़ता है क्योंकि #सिंचाई के पानी, खाद्य, बीज, #कीटनाशक #दवाइयों आदि का
पैसा भी फसल की बिक्री से नही निकल पाता है । जो किसान ने कड़ी मेहनत की
उसको तो वो गिनता ही नही।
🚩पूर्व
सरकार से ही #किसानों का बहुत शोषण होता रहा है । किसानों के बढ़ते संकट
का निवारण करने के लिए केंद्र और #राज्य सरकार को ध्यान देना चाहिए।
🚩अब
राज्य और #केंद्र सरकार को अन्नदाता किसानों को कर्ज से मुक्त कर देना
चाहिए और उनके लिए पानी, #बिजली, बीज, खाद्य, दवाइयाँ आदि सस्ते भाव देकर
उनको राहत देनी चाहिये जिससे किसान भी अपना जीवन परिवार के साथ खुशहाली से
जी सके ।
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हिमालय से ऊंचा है हमारे जवानों का हौसला, लेकिन कब मिलेगा उनको अधिकार?

🚩हिमालय से ऊंचा है हमारे जवानों का हौसला, लेकिन कब मिलेगा उनको अधिकार?
🚩अभी हाल ही में खाने की शिकायत करने वाले बीएसएफ के सैनिक तेज बहादुर नौकरी से निकाल दिए गए हैं ।
🚩हालांकि रिपोर्ट के अनुसार सही पाया गया था कि जवानों की अधिकतर मौत खराब व अल्प गुणवत्ता वाला भोजन मिलने पर ही हो रही है ।
 the-courage-of-our-soldiers-Higher-than-the-Himalayas-but-when-will-they-get-the-right
🚩अभी एक जगह #श्रीनगर में चुनाव में सैनिक मशीनें लेकर जा रहे थे । उनकी लात घूसों से पिटाई कर रहे थे ।
🚩हाल
ही में कश्मीर युवकों द्वारा सैनिकों पर पथराव होने पर एक वीडियो जारी हुआ
था जिसमें #कश्मीर युवक को पत्थर बांधकर जीप में घुमाया जा रहा था तो उस
कारण जवान पर धारा 302 तहत मुकद्दमा दर्ज किया गया है।
🚩इन
जवानों का हौसला बुलंद करने की जगह गिराया जा रहा है एक तरफ बाहरी दुश्मन
और एक तरफ अंदर के दुश्मन दोनों तरफ उनको लड़ाई लड़नी है उसमें केवल राजनीति
हो रही है ।
🚩हमारे
जवान लेह लद्दाख में माईनस डिग्री में रहकर भी देश की #सुरक्षा कर रहे हैं
तभी तो हम चैन से सो पा रहे हैं उन्ही जवानों का मनोबल डाउन किया जा रहा
है ।
क्यों ???
🚩राजस्थान
में जिस बालू में पापड़ सेक कर खाते है वहाँ पर हमारे जवान देश की सुरक्षा
में लगे रहते हैं आज केवल राजनीति के कारण उनको न अच्छा भोजन #मुहैया
करवाया जा रहा है और न ही लड़ने के लिए अच्छी साधन-सामग्री दी जा रही है और
बड़ी बात तो यह है कि दुश्मन के सामने आने पर भी बिना ऑडर के गोली भी नही
चला सकते भले उनकी जान भी चली जाए ।
🚩अफसर उनको #गुलाम बनाकर रखते हैं घर का काम करवाना, बच्चे की देखभाल करवाना, कुत्ते को घुमाना आदि काम करवाया जाता है ।
🚩चीन के बॉडर पर जवानों का हाल सुनकर रोंगटे खड़े हो जायेंगे ।
🚩उत्तराखंड
के रिमखिम और लपथल वो इलाके हैं जहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग नहीं है।
यहां हेलीकॉप्टर से ही आवा-जाही हो सकती है। भारत-चीन सीमा से लगते इस
इलाके में अभी तक टीवी के कैमरे नहीं पहुंच सके थे । फिर भी हमारे देश के
जाबांज जवान किसी भी #चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मुस्तैद हैं।
🚩रिमखिम/लपथल
से बाराहोती सिर्फ 2 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है । बाड़ाहोती #भारत-चीन
सीमा पर मौजूद विवादित क्षेत्र है। यहां बीते 10 साल में चीन 60 से 70 बार
घुसपैठ कर चुका है। इस क्षेत्र में इन दिनों भी #तापमान माइनस में है।
बाड़ाहोती मे 80 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चारागाह फैला है। यहां चीन अपने
चरवाहे भेजकर क्षेत्र पर दावा जताने की कोशिश करता रहता है।
🚩भारत
के गृह राज्य मंत्री किरन #रिजिजू ऐसे वक्त में इस क्षेत्र के दौरे पर गए
थे जब चीन ने दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश की हालिया यात्रा पर सवाल उठाए
हैं।
आपको बता दें कि ये वही इलाका है जहां बीते साल चीनी सैनिकों ने हमारे राजस्व अधिकारियों को ‘गो बैक, गो बैक’ कहने की हिमाकत की थी।
🚩समुद्र
तल से 14000 से 15000 फीट की ऊचाई वाले इस क्षेत्र में भारत तिब्बत सीमा
पुलिस (आईटीबीपी) के #जवान दिन-रात देश की ड्यूटी में तैनात हैं। ये ऐसा
क्षेत्र है जहां ऑक्सीजन की कमी का भी जवानों को सामना करना पड़ता है। यहां
तैनात जवानों के लिए स्नो स्कूटर बड़ा सहारा है।
🚩जोशीमठ
से #हेलीकॉप्टर के जरिए गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के साथ इस इलाके में
पहुंचते हुए नीचे पहाड़ों के बीच संकरी घाटियों को देखना अपने आप में ही
अनोखा अनुभव था। इलाके की दुर्गमता खुद ही बताती है कि यहां तैनात हमारे
#जवानों को किन कठिन हालात में रहना पड़ता है।  बर्फीले तूफान आने का यहां
खतरा बना रहता है। 15000 फीट की ऊंचाई पर हवा के कम दबाव की वजह से
हेलीकॉप्टर को बंद नहीं किया जा सकता। यहां इसीलिए 15 मिनट तक ही
हेलीकॉप्टर रुका।
🚩इस
क्षेत्र में एक समाधि को देखकर किसी को भी हैरानी हो सकती है। लेकिन ‘बड़े
भाई की समाधि’ के तौर पर जानी जाने वाली इस जगह पर जवानों का अटूट विश्वास
है। उनका मानना है कि #प्राकृतिक आपदा जैसे मुश्किल हालात में आज भी ‘बड़े
भाई’ उनकी हिफाजत करते हैं। इस समाधि के बारे में बताया गया कि कुछ साल
पहले यहां सेना के कुछ जवान बर्फीले तूफान में दब गए थे।
🚩
#ऑक्सीजन की कमी की वजह से यहां बोलने में भी परेशानी होती है, लेकिन जवान
हर तरह के हालात का सामना करने के लिए अभ्यस्त हैं। रिजिजू पहले मंत्री
हैं जिन्होंने यहां पहुंच कर जवानों की इस तरह हौसला अफजाई की। वहाँ मौजूद
बड़े चारागाह में बीते साल भी चीनी सैनिक घुस आए थे। चीनी सैनिक जब भी ऐसा
दुस्साहस दिखाते हैं तो आईटीबीपी के जवान लाल रंग के ये पोस्टर दिखाकर
उन्हें वापस जाने के लिए चेताते हैं। इन पोस्टरों पर #चीनी और #अंग्रेजी
भाषा में लिखा रहता है- “गो बैक, गो बैक”
🚩आईटीबीपी
के आईजी. जी. एस गुराया और डीआईजी जी. एस .चौहान ने इस पूरे क्षेत्र की
विस्तार से जानकारी देने के साथ जवानों के अदम्य हौसले के बारे में भी
बताया। यहां जवान अभी टीन के बने घरों में रहते हैं, आने वाले समय में यहां
#इंटीग्रेटेड बीओपी बनाने की योजना है। यहां जवानों के लिए कई महीनों का
राशन डंप रहता है। रोशनी के लिए सोलर पैनल और जेनेरेटर का इस्तेमाल होता
है। यहां एक चट्टान पर आईटीबीपी के जवानों ने लिख रखा है- ‘मेरा #भारत
महान’ जो दूर से ही नजर आता है।
🚩चीन ने हाल में ही की घुसपैठ
उत्तराखंड
में यहां चीन से 350 किलोमीटर लंबी सीमा लगी हुई है। आमतौर से यहां शांति
बनी रहती है। लेकिन #चीनी #सैनिकों की ओर से जब भी घुसपैठ की कोशिश होती है
तो चमोली के स्थानीय लोग और यहां तैनात अर्द्धसुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी से
उसे नाकाम बनाते हैं। पिछले एक सप्ताह में ही बाड़ाहोती में चीनी सैनिकों
ने तीन बार सीमा का उल्लंघन किया।
🚩19 जुलाई 2016 : चमोली प्रशासन टीम का चीनी सैनिकों से सामना
चमोली
जिला प्रशासन की टीम बाड़ाहोती क्षेत्र में लैंड रिकॉर्ड के रूटीन
निरीक्षण पर गई थी। एसडीएम योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में चमोली जिला
प्रशासन की 19 सदस्यीय टीम सुमना पोस्ट तक पहुंची। होतीगाड़ नदी का जलस्तर
बढ़ने से जिला प्रशासन की टीम अपने वाहन वहीं छोड़, सेना के वाहन से रिमखिम
चौकी पहुंची। वहां सीमा क्षेत्र में करीब आठ किमी की दूरी पर पहले से चीन
सैनिकों को मौजूद देख #प्रशासन की राजस्व टीम चौंक गई। राजस्व टीम से जुड़े
सूत्रों के मुताबिक चीनी सैनिक सीमा के भीतर कैंप कर रहे थे। जैसे ही चीनी
सैनिकों ने भारतीय दल को देखा तो दूर से ही इशारा कर लौट जाने को कहा।
इसके बाद चमोली प्रशासन ने लौट कर वहां तैनात आईटीबीपी के दल को पूरी
जानकारी दी।
🚩22 जुलाई 2016 : भारतीय जवान और चीनी सैनिक आमने सामने
चमोली
जिला प्रशासन की राजस्व टीम लौटने के बाद 22 जुलाई को भारतीय जवानों के
साथ चीनी सैनिकों का आमना-सामना हुआ। सूत्रों ने बताया कि बाड़ाहोती के
बुग्याल में करीब 38 मिनट तक एक दूसरे के पीछे हटने और वहां से चले जाने को
लेकर बहस हुई। 38 मिनट की बहस के बाद फिर दोनों पक्ष वहां से लौट गए । बहस
के दौरान भारतीय जवान सादी वर्दी में थे और उनके पास हथियार भी नहीं थे।
🚩आईटीबीपी ने #गृह_मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी..
सूत्रों
के मुताबिक #आईटीबीपी के डीजी ने गृह मंत्रालय को जो रिपोर्ट सौंपी है,
उसके मुताबिक बाड़ाहोती में तुनजुन-ला पास तक 200 मीटर अंदर चीनी सैनिक घुस
आए थे। 22 जुलाई को ही चीनी सैनिक वापस लौट गए थे।
🚩25 जुलाई 2016 : भारतीय एयरस्पेस का उल्लंघन
सूत्रों
के मुताबिक 25 जुलाई को असैन्य जोन में चीनी सैनिकों का जमावड़ा देखा गया।
इसी दिन चीनी #सैनिकों ने एयर स्पेस का उल्लंघन भी किया। करीब दस मिनट तक
चीन का हेलीकाप्टर भारतीय एयरस्पेस में उड़ान भरता रहा। (स्त्रोत्र : आजतक)
🚩अब
हमारे जवान इतनी कठिनाई सहकर देश की सुरक्षा कर रहे हैं तभी 125 करोड़
देशवासी चैन से सो पा रहे हैं अब उन सैनिको को ही अधिकार नही दिया जायेगा
तो  किसको दिया जाएगा?
🚩अब
हमारे जवानों से #ऑफिसर के घरों का काम करना, खाना अच्छी गुणवत्ता वाला
नही देना, उसके लिए कोई आवाज उठाये तो उनको निकाल देना, #देशद्रोहियों पर
कार्यवाही करने पर मुकद्दमे दर्ज करना, #दुश्मनों पर गोली मारने का अधिकार
नही देना ये कब तक चलेगा?
🚩अब
हमारे #जवानों को अच्छी व्यवस्था मुहैया करना और पूर्ण अधिकार देना ही देश
की सुरक्षा के लिए हितावह है । उनका मनोबल डाउन करना देश के लिए खतरा है ।
🚩जय हिंद!!

उच्च न्यायालय आदेश देने के पश्चात भी मस्जिद पर प्रसारित किए जानेवाले अवैध भोंपूओं पर कार्रवाई नहीं !!

क्या मस्जिदों पर दिन में पांच बार बजने वाले भोंपू देश के अधिनियमों से भी श्रेष्ठ हैं ?
मुम्बई
के उच्च #न्यायालय ने ध्वनिप्रदूषण करनेवाले अवैध भोंपूओं के विरोध में
स्पष्ट आदेश देने के पश्चात भी विश्व में श्रेष्ठ कहलाने वाली मुंबई की
#पुलिस यंत्रणा ने किसी भी मस्जिद पर प्रसारित किए जानेवाले अवैध भोंपूओं
पर कार्रवाई नहीं की है ।
Add caption
इस
संदर्भ में सूचना अधिकार के अंतर्गत प्रश्न पूछने के पश्चात कुर्ला,
#मुंबई पुलिस अधिकारियों ने 28 जनवरी 2017 को इस अर्जी का लिखित स्वरूप में
उत्तर दिया है। उसमें यह प्रस्तुत किया गया है कि, ‘कायदा-सुव्यवस्था का
प्रश्न निर्माण होने की संभावना होने के कारण (अवैध भोंपूओं पर)कार्रवाई
नहीं की गई है !’ इस का अर्थ यह होता है कि, क्या न्यायालय के आदेश देने के
पश्चात भी अवैध #भोंपूओं पर कार्यवाई करने से पुलिस डरती हैं ?
वर्ष
के 365 दिन #ध्वनिप्रदूषण करने वाले मस्जिदों के भोंपूओं की ओर अनदेखा
करने वाली यही पुलिस गणेशोत्सव तथा नवरात्रोत्सव में हिन्दुओं के त्यौहारों
के समय लाठी के बल पर हिन्दुओं पर त्वरित याचिका प्रविष्ट करती है।
क्या
पुलिस को यह बात स्वीकार है कि, मा. उच्च न्यायालय का आदेश तथा भारत के
अधिनियम की अपेक्षा #मस्जिदों पर से बजनेवाले अवैध भोंपू अधिक श्रेष्ठ है ?
अतः ‘मस्जिदों पर भोंपूओं द्वारा प्रसारित की जाने वाली तथा जनता की नींद
उड़ाने वाली ‘अजान’ एक #गुंडागर्दी ही है’ ।
यह
सुविख्यात प्रसिध्द #गायक #सोनू_निगम द्वारा व्यक्त की गई भावना वास्तविक
ही है । देश के करोड़ो #हिन्दू नागरिकों की सहनशीलता का अंत शासन अधिक समय
तक न देखे’, ऐसी प्रतिक्रिया हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा प्रसारित किए गए
प्रसिद्ध पत्रक में कही गई है।
प्रसिद्ध
पत्रक में हिन्दू जनजागृति समिति ने यह आवाहन किया है कि, ‘ #तीन तलाक’ के
संदर्भ में इस्लाम की स्थापना से शरीयत में होने के कारण उसमें परिवर्तन
करने के लिए विरोध करनेवाले मुल्ला मौलावीं को सरकार यह प्रश्न पूछें कि,
यदि #इस्लाम की स्थापना के समय ये भोंपुं अस्तित्व में ही नहीं थे, तो उसका
आग्रह क्यों किया जाता है ? #मुल्लाओं के मतानुसार इस्लाम यदि अन्य धर्मों
के प्रति संवेदना व्यक्त करनेवाला पंथ है, तो देश के अधिनियम की ओर अनदेखा
कर रुग्ण, वृद्ध तथा सर्वसाधारण जनता को कष्ट देनेवाले भोंपुओं द्वारा
अजान किस लिए दी जाती है ? इससे पूर्व सत्ता में होने वाले कांग्रेस सरकार
ने मस्जिदों पर भोंपुओं द्वारा अजान प्रसारित करने के लिए अनुमती देकर यह
समस्या का निर्माण किया है !
अब
देश में तथा राज्य मे शासन परिवर्तित हुआ है। अतः नए #भाजपा सरकार ने इस
लांगूलचालन पर प्रतिबंध डालना चाहिए। यदि चीन की साम्यवादी सरकार इस संदर्भ
में कडी भूमिका अपनाती है, तो भाजपा सरकार ने भी अवैध रूप से की जानेवाली
यह गुंडागर्दी को प्रतिबंधित करना चाहिए !’ स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात
आपको
बता दे कि चीन ने पहले मस्जिदों पर से #लाऊड_स्पीकर हटा दिया गया था बाद
में नमाज पढ़ने और रोजा रखने पर प्रतिबंध लगाया।  अब #दाढ़ी रखने और
महिलाओँ के नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह नियम न मानने वालो पर
देशद्रोह का केस चलाया जाता है ।
बता
दे की मुस्लिम बाहुल देश इसरायल में लाऊड स्पीकर पर बेन लग रही है और यहाँ
#न्यायालय के आदेश होने के बाद भी सरकार रोक नही लगा रही है?
हिंदुओं
के लिये तुरन्त कार्यवाही करने वाली #सरकार मुसलमानों द्वारा रास्ते में
नमाज पढ़ने पर कई इलाकों में ट्रैफिक जाम होने की समस्या से आम जनता की
परेशानी को देखते हुए भी उस पर रोक नही लगा रही, बड़ा आश्चर्य है ।
आपको
बता दें कि फ्रांस के #पेरिस में #ISI के हमले के बाद फ्रांस में कई
मस्जिदों को ताला लगा दिया था और कई मस्जिदों तोड़ दी गई थी ।
 इन
मस्जिदों में #धार्मिक विचारों के प्रचार के नाम पर कट्टरवादी(देश
विरोधी)#शिक्षा दी जाती है। कई मस्जिदों पर छापे के दौरान जेहादी #दस्तावेज
बरामद किए गए है। जेहादी प्रचार सामग्री मिली ।
फ़्रांस
ने तो समझ लिया कि देश को तोड़ने के लिये विदेशी फण्ड से चलने वाली
मस्जिदों में आतंकवादी बनने की ट्रेंनिग दी जाती है और देश विरोधी बातें
सिखाई जाती है ।
 #देश
में #हिंदुओं पर #मुस्लिमों के बढ़ते आतंक की हालत देखकर #भारत_सरकार को
फ्रांस चीन, इजरायल से सीख लेनी चाहिए और मुस्लिमों की बढ़ती संख्या पर
नियंत्रण करना चाहिये ।
आज लव जिहाद के लिए विदेश से पैसा आता है और #ISIS में जो मुस्लिम #युवक- #युवतियाँ भर्ती होने जाते है उस पर रोक लगनी चाहिए ।
देश
को बाहरी #आतंकवादियो से इतना खतरा नही जितना इन जिहादियों से है इसलिए
सरकार को जाँच करवानी चाहिए कि विदेशी फंड से जितनी भी मस्जिदें चल रही है
उसमें जो देश विरोधी बातें सिखाई जाती है ऐसे  मदरसों और मस्जिदों को बंद
कर देना चाहिए जिससे देश सुरक्षित रहें और सुख शांति बनी रहें ।
🚩Official Azaad Bharat Links:👇🏻

हिंदूवादी सरकार आने के बाद भी हिन्दुत्वनिष्ठों पर बरस रहा है कहर

हिंदूवादी सरकार आने के बाद भी हिन्दुत्वनिष्ठों पर बरस रहा है कहर
उत्तर
प्रदेश गाजियाबाद में रविवार को हनुमान छठी पर पुलिस द्वारा शोभायात्रा न
निकालने देने पर हिन्दूवादी नेता पिंकी चौधरी अपने कार्यालय पहुंच गए थे ।
जहां पुलिस ने जाकर  बेरहमी से हिन्दू रक्षा दल कार्यकर्ताओ पर #लाठीचार्ज
किया एवं उनके वाहनों को क्रेन से उठा लिया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया ।
पुलिस
की इस कार्रवाई से महंत यति #नरसिंहानंद_सरस्वती ने सरकार पर आरोप लगाए है
कि सरकार के इशारे से #एसपी सिटी सलमान ने कार्यकर्ताओं के कार्यालय आदि
को तहस-नहस किया है और #पुलिस ने द्वेष भावनाओं के साथ धाराएं लगाकर जेल
भेजा है।
उन्होंने इस घटना को #हिंदुत्व पर कहर बताया है खास बात ये है कि #भाजपा ने इस मामले में चुप्पी साध ली है ।
यति
नरसिंहानंद सरस्वती ने यह भी सवाल उठाया है कि देश में प्रधानमंत्री
हिन्दू है और राज्य में मुख्यमंत्री साधु हैं उस प्रदेश में हिंदुओं को
आयोजन करने पर पुलिसिया #दमन का शिकार होना पड़ता है ।
पत्रिका
की रिपोर्ट के अनुसार यति नरसिंहानंद सरस्वती ने अपने बयान में कहा कि
पुलिस अधिकारी ने भाजपा के इशारे पर हिन्दूवादी नेता पर हमला करवाया और जेल
भेज दिया। यति ने कहा कि पुलिस की #हिन्दूवादी नेता पर यह एक सोची समझी
साजिश है ताकि पिंकी चौधरी मेयर का चुनाव न लड़ सकें।
महंत
जी ने कहा कि अगर एसपी सिटी का तबादला नहीं किया गया, पिंकी चौधरी को बिना
शर्त रिहा नहीं किया गया तो वह #इस्लाम धर्म कबूल करने पर विचार करेंगे
क्योंकि #योगी सरकार में #मुसलमान ही सुरक्षित हैं।
आपको
बता दें कि अखिल भारतीय संत समाज के राष्ट्रीय संयोजक व सिद्ध पीठ प्रचंड
देवी मंदिर डासना के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती पिछले करीब दो दशक से
पश्चिम यूपी में हिन्दू धर्म व #संस्कृति को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे
हैं। यति ने #हिन्दू #धर्म को बचाने के लिए सरकार से कई बार लड़ाई लड़ी है।
इस
मामले में बाबा परमेन्द्र आर्या ने भी नाराजगी जताते हुए बताया कि हिन्दू
केवल राजनीति का चारा बनकर ही रह गए हैं । हिन्दू रक्षा दल के
#कार्यकर्ताओं का अपमान पूरे हिन्दू समाज का अपमान है ।
कई हिन्दू सांगठनों ने पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर मुस्लिम धर्म अपनाने को व और बड़ा #आंदोलन करने को कहा है ।
अब
सवाल उठता है कि जिस देश में हिंदुओं ने अपनी रक्षा के लिए और धार्मिक
स्वतंत्रता के लिए हिन्दूवादी सरकार चुनने में दिन-रात मेहनत की हो उन
#हिंदुत्वनिष्ठों को आज अपने ही देश में सुरक्षा नही मिल रही है और मुस्लिम
धर्म अपनाने को मजबूर होना पड़ रहा है ।
क्या इसलिए हिंदुओं ने इस सरकार को चुना था..???
कुछ
दिन पहले भी यही हुआ था कि #सुदर्शन न्यूज चैनल के चैयरमैन श्री सुरेश
चव्हाणके द्वारा अपने कार्यक्रम #बिंदास बोल में उत्तर प्रदेश संभल में
आतंकी कनेक्शन का पर्दाफाश करने पर वहाँ के मौलवी ने सुरेश #चव्हाणके की
हत्या करने की धमकी दे दी।
सुरेश जी के वहाँ पर जाने से पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया लेकिन मौलवी की गिरफ्तारी नही हुई ।
हिन्दूवादी सरकार को बहुमत देने पर भी हिंदुत्वनिष्ठों पर अत्याचार बन्द क्यों नही हो रहा है..???
ऐसे
ही बिना सबूत 44 महीनों से जोधपुर जेल में बन्द हिन्दू संत बापू आसारामजी
के हजारों समर्थक जो उनके दर्शन करने आते हैं । उनपर भी पुलिस कई बार
द्वेषपूर्ण #लाठीचार्ज करती है ।
कल
आपने देखा होगा कि 9000 करोड़ लेकर भाग जाने वाले #विजय माल्या की 13
महीनों के बाद लन्दन में #गिरफ्तारी की गई पर 3 घण्टे में ही उसे जमानत भी
मिल गई ।
लेकिन भारत मे
कई हिंदुत्वनिष्ठ जेल में बन्द हैं उन पर एक भी आरोप सिद्ध ना होने पर भी
जमानत नही मिल पा रही है जैसे कि हिन्दू संत बापू #आसारामजी, #धनंजय देसाई,
कर्नल राजपुरोहित आदि कई सामाजिक कार्यकर्ता हिंदुत्व का कार्य करने के
कारण जेल में बन्द है।
और बड़ी बात तो यह है कि अधिकतर हिंदुत्वनिष्ठ भी उनके साथ हो रहे अन्याय पर मौन हैं ।
अगर
हिंदुत्वनिष्ठ यूँ ही चुप्पी साधे रहे तो जैसे पहले जयन्द्रे सरस्वती,
स्वामी नित्यानंद, साध्वी प्रज्ञा आदि को जिस तरह जेल जाना पड़ा और वर्तमान
में भी जिस तरह हिंदुत्वनिष्ठों पर कहर बरस रहा है उससे तो यही लगता है कि
आने वाले समय में कोई हिन्दू #संस्कृति के लिए आगे नहीं आएगा !!
अभी भी समय रहते चेत जाओ और हिन्दू #संतों व हिन्दू कार्यकर्ताओं के साथ सरकार द्वारा हो रहे अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठायें ।
जय हिंद!!

भारत में 30,000 से ज्यादा अवैद्य बूचड़खाने,1,707 ही वैध : आरटीआई

🚩भारत में 30,000 से ज्यादा अवैद्य बूचड़खाने,1,707 ही वैध : आरटीआई
🚩उत्तरप्रदेश
समेत अलग-अलग राज्यों में अवैध #बूचड़खानों के विरुद्ध मुहिम शुरू किए जाने
के बीच आरटीआई से पता चला है कि, देश में केवल 1707 बूचड़खाने खाद्य
सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत #पंजीकृत हैं।
azaad bharat ,Illegal slaughterhouses
🚩सबसे
ज्यादा पंजीकृत बूचड़खाने वाले राज्यों में क्रमश: तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और
महाराष्ट्र शीर्ष तीन स्थानों पर हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश और चंडीगढ़ समेत
आठ राज्यों में एक भी बूचड़खाना पंजीकृत नहीं है।
🚩मध्यप्रदेश
के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि, भारतीय
खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (#एफएसएसएआई) ने उन्हें ये आंकड़े फूड
अनुज्ञाप‍त्रिंग एंड रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिये उपलब्ध जानकारी के आधार
पर प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे सूचना के अधिकार ( आरटीआई) के तहत
मुहैया कराए गए इन आंकड़ों की रोशनी में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि
देश में कितनी बड़ी तादाद में अवैध बूचड़खाने चल रहे हैं।’
🚩गौड़
की #आरटीआई अर्जी पर भेजे जवाब में एफएसएसएआई के एक अधिकारी ने बताया कि,
अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा व नगर हवेली, दमन व दीव, मिजोरम, नागालैंड,
सिक्किम और त्रिपुरा में एक भी बूचड़खाना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम
2006 के तहत पंजीकृत नहीं है। आरटीआई से मिली जानकारी यह चौंकाने वाला
खुलासा भी करती है कि, आठों राज्यों में ऐसा एक भी बूचड़खाना नहीं है, जिसने
केंद्रीय या राज्यस्तरीय अनुज्ञाप‍त्र ले रखा हो।
🚩एफएसएसएआई
ने #आरटीआई के तहत बताया कि, तमिलनाडु में 425, मध्यप्रदेश में 262 और
महाराष्ट्र में 249 बूचड़खाने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत
पंजीकृत हैं। यानी देश के कुल 55 प्रतिशत पंजीकृत बूचड़खाने इन्हीं तीन
राज्यों में चल रहे हैं। उत्तरप्रदेश में 58 बूचड़खाने पंजीकृत हैं, जहां
अवैध #पशुवधशालाओं के विरुद्ध नवगठित योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्रवाई
चर्चा में है।
🚩आंध्रप्रदेश
में 1, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 9, असम में 51, बिहार में 5,
छत्तीसगढ़ में 111, देहली में 14, गोवा में 4, गुजरात में 4, हरियाणा में
18, हिमाचल प्रदेश में 82, जम्मू-कश्मीर में 23, झारखंड में 11, कर्नाटक
में 30, केरल में 50, लक्षद्वीप में 65, मणिपुर में 4 और मेघालय में 1
बूचड़खाने को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत पंजीकृत किया गया
है।
🚩ओडिशा
में 5, पुडुचेरी में 2, पंजाब में 112, राजस्थान में 84, उत्तराखंड में 22
और पश्चिम बंगाल में पांच #बूचड़खाने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006
के तहत पंजीकृत हैं। एफएसएसएआई ने आरटीआई के तहत यह भी बताया कि, देश भर
में 162  बूचड़खानों को प्रदेशस्तरीय अनुज्ञाप‍त्र मिले हैं, जबकि 117
#पशुवधशालाओं को #केंद्रीय अनुज्ञाप‍त्र प्राप्त हैं।
🚩इस
बीच, पशुहितैषी संगठन पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट आॅफ #एनिमल्स (पेटा)
इंडिया की विज्ञप्ति में मोटे आकलन के हवाले से कहा गया है कि, देश में
अवैध या गैर अनुज्ञाप‍त्र वाले बूचड़खानों की संख्या 30,000 से ज्यादा है।
हालांकि, कई #अनुज्ञाप‍त्र प्राप्त बूचड़खानों में भी पशुओं को बेहद
क्रूरतापूर्वक मारा जाता है। पेटा इंडिया ने सभी #राज्यों और #केंद्रशासित
प्रदेशों से अनुरोध किया है कि, वे ऐसी पशुवधशालाओं को बंद कराएं जिनके पास
उपयुक्त प्राधिकरणों के अनुज्ञाप‍त्र नहीं है और जो कानून द्वारा निषिद्ध
तरीकों का उपयोग करती हैं।
🚩अब
एक सवाल उठता है कि पहले की सरकार तो निर्दोष #पशु और गौ-हत्या करने में
मानती थी पर वर्तमान सरकार जो गौ-हत्या बन्द करवाने और #हिंदुत्ववादी के
नाम से चुनकर आई है । फिर भी इतने अवैद्य कत्लखानें क्यो चालू?
🚩वर्तमान #सरकार आने के बाद पहला बजट पास किया गया जिसमें कत्लखाने खोलने के लिए 15 करोड़ सब्सिडी प्रदान की जाती है ।
🚩2014 में  4.8 अरब #डॉलर का बीफ एक्सपोर्ट हुआ था । 2015 में भी भारत, 2.4 मिलियन टन बीफ एक्सपोर्ट कर दुनिया में नंबर वन बन गया।
🚩#भारत
में प्रतिदिन लगभग 50 हजार से अधिक गायें बड़ी बेरहमी से काटी जा रही हैं ।
1947 में गोवंश की जहाँ 60 नस्लें थी,वहीं आज उनकी संख्या घटकर 33 ही रह
गयी है । हमारी #अर्थव्यवस्था का आधार गाय है और जब तक यह बात हमारी समझ
में नहीं आयेगी तबतक भारत की गरीबी मिटनेवाली नहीं है । गोमांस विक्रय जैसे
जघन्य पाप के द्वारा दरिद्रता हटेगी नहीं बल्कि बढ़ती चली जायेगी ।
🚩गौवध को रोकें और गोपालन कर #गोमूत्ररूपी विषरहित कीटनाशक तथा गौ दुग्ध का प्रयोग करें । गोवंश का संवर्धन कर देश को मजबूत करें ।
🚩गौमाता हमारे लिए कितनी उपयोगी है। लिंक पर पढ़े
🚩देश
का दुर्भाग्य है कि #कसाईघरों के आधुनिकीकरण पर #हजारों #करोड़ खर्च किये
जा रहे हैं, मगर गायों के संरक्षण के वास्ते सरकार के खजाने में पैसे नहीं
हैं।
🚩अभी
जनता की एक ही मांग है कि सरकार जल्द से जल्द #कत्लखानों को बंद करके
#गौ-शालाओं में #बजट को निवेश करें जिससे हमारी पवित्र गौ-माता की रक्षा हो
और फिर से #भारत #विश्वगुरु पद पर आसीन हो ।

करोड़ों अनुयायी मना रहे है बापू आसारामजी का 81वां जन्म दिवस “अवतरण दिवस के रूप में

🚩करोड़ों अनुयायी मना रहे है बापू आसारामजी का 81वां जन्म दिवस “अवतरण दिवस के रूप में !!”
🚩मीडिया
ने दिन-रात बापू आसारामजी के खिलाफ समाज को भ्रमित किया , उनकी छवि को
धूमिल करने का भरसक प्रयास किया लेकिन उनको मानने वाले करोड़ों अनुयायियों
की आज भी अटल श्रद्धा है उनमें । जिसका प्रमाण हम अपने पाठकों को कई बार दे
चुके हैं ।
Azaad Bharat  #VishwaSevaDiwas 2017
🚩आज
#VishwaSevaDiwas इस हैशटैग द्वारा ट्रेंड टॉप में चल रहा था। जिसमें
हजारों- लाखों ट्वीट्स में संत आसारामजी बापू द्वारा चलाये गए व अभी भी
उनकी संस्थाओं व अनुयायियों द्वारा चल रहे सेवाकार्यों की झांकी देखने को
मिल रही थी ।
🚩उनकी वेबसाइट www.ashram.org पर देखा तो भारत ही नही कई अन्य देशों में भी संत आसारामजी बापू के भक्त उनका जन्मदिन (अवतरण दिवस के रूप में) मना रहे हैं।
🚩ऐसा तो क्या है संत आसारामजी बापू में..???
 कि उनके करोड़ों भक्त उनके जेल जाने के बाद भी उनको #भगवान की तरह पूजते हैं…!!
🚩आइये जाने संत आसारामजी बापू का जीवन चरित्र…

🚩संत
आशारामजी बापू का बचपन का नाम आसुमल था । बापू का जन्म #अखंड भारत के सिंध
प्रांत के बेराणी #गाँव में चैत्र कृष्ण षष्ठी विक्रम संवत् १९९४ (1 मई
1937) के दिन हुआ था । उनकी माता #महँगीबा व पिताजी #थाऊमल नगरसेठ थे ।

🚩बालक #आसुमल को देखते ही उनके कुलगुरु ने #भविष्यवाणी की थी कि “आगे चलकर यह बालक एक महान संत बनेगा, लोगों का उद्धार करेगा ।”
🚩संत
आसारामजी बापू का #बाल्यकाल संघर्षों की एक लंबी कहानी है। 1947 में
भारत-पाकिस्तान विभाजन के कारण अथाह सम्पत्ति को छोड़कर बालक आसुमल #परिवार
सहित अहमदाबाद आ बसे। उनके पिताजी द्वारा लकड़ी और कोयले का व्यवसाय आरम्भ
करने से आर्थिक परिस्थिति में सुधार होने लगा । तत्पश्चात् शक्कर का
व्यवसाय भी आरम्भ हो गया ।
🚩माता-पिता के अतिरिक्त बालक आसुमल के परिवार में एक बड़े भाई तथा दो छोटी बहनें थी।
🚩बालक
आसुमल को #बचपन से ही प्रगाढ़ भक्ति प्राप्त थी । प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त
में उठकर ठाकुरजी की पूजा में लग जाना उनका नित्य नियम था ।
🚩दस वर्ष की नन्ही आयु में बालक आसुमल के पिताजी थाऊमलजी देहत्याग कर स्वधाम चले गये ।
🚩पिता
के देहत्यागोपरांत आसुमल को पढ़ाई (तीसरी कक्षा) छोड़कर छोटी-सी उम्र में ही
कुटुम्ब को सहारा देने के लिये सिद्धपुर में एक परिजन के यहाँ नौकरी करनी
पड़ी ।  3 साल तक नौकरी के साथ-साथ साधना में भी प्रगति करते रहे ।
🚩3 साल बाद वे वापिस अहमदाबाद आ गए और भाई के साथ शक्कर की दुकान पर बैठने लगे ।
🚩लेकिन उनका मन सांसारिक कार्यो में नही लगता था, ज्यादातर जप-ध्यान में ही समय निकालते थे ।
🚩21
साल की उम्र में घर वाले आसुमल जी की शादी करना चाहते थे लेकिन उनका मन
संसार से विरक्त और भगवान में तल्लीन रहता था । इसलिए वे घर छोड़कर भरुच के
अशोक आश्रम चले गए । पर घरवालो ने उन्हें ढूंढ कर जबरदस्ती उनकी शादी करवा
दी ।
🚩लेकिन
मोह-ममता का त्याग कर ईश्वर प्राप्ति की लगन मन में लिए शादी के बाद भी
तुरंत पुनः घर छोड़ दिया और आत्म पद की प्राप्ति हेतु जंगलों-बीहडों में
घूमते और ईश्वर प्राप्ति के लिए तड़पते रहे ।
 🚩नैनीताल के जंगल में योगी ब्रह्मनिष्ठ संत साईं लीलाशाहजी बापू को उन्होंने सद्गुरु के रूप में स्वीकार किया ।
 🚩#ईश्वरप्राप्ति
की तीव्र तड़प देखकर सद्गुरु लीलाशाहजी बापू का ह्रदय छलक उठा और उन्हें 23
वर्ष की उम्र में सद्गुरु की कृपा से आत्म-साक्षात्कार हो गया । तब
सद्गुरु लीलाशाह जी ने उनका नाम आसुमल से आशारामजी रखा ।
🚩अपने
गुरु #लीलाशाहजी बापू की आज्ञा शिरोधार्य कर संत आसारामजी बापू
समाधि-अवस्था का सुख छोड़कर तप्त लोगों के हृदय में शांति का संचार करने
हेतु समाज के बीच आ गये।
🚩सन्
1972 में अहमदाबाद साबरमती के तट पर आश्रम स्थापित किया । भारत की
राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विश्व शांति के लिए संत आसारामजी बापू ने
राष्ट्र के कल्याणार्थ अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया ।
🚩संत
आशारामजी बापू के मार्गदर्शन में देश-विदेश में हजारों ‘बाल संस्कार
केन्द्र निःशुल्क चलाये जा रहे हैं । इनमें बालकों को माता-पिता का आदर
करने के संस्कार, पढ़ाई में अव्वल आने के उपाय और यौगिक प्रयोग आदि सिखाये
जाते हैं ।
🚩विद्यालयों
में ‘योग व उच्च संस्कार शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें
विद्यार्थियों को माता-पिता एवं गुरुजनों का आदर, अनुशासन, यौगिक शिक्षा,
आदर्श दिनचर्या, परीक्षा में अच्छे अंक पाने की कुंजियाँ आदि महत्त्वपूर्ण
पहलुओं पर अनुभवी वरिष्ठों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है ।
🚩अब तक देश के 80,000 से अधिक विद्यालय इस अभियान से लाभान्वित हो चुके हैं ।
🚩विद्यार्थियों
के बाल, छात्र व कन्या मंडल भी बनाये गए है जो व्यसनमुक्ति अभियान,
गौ-रक्षा अभियान, पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम आदि सेवाकार्य करते हैं ।
🚩‘#वेलेंटाइन
डे जैसे  त्यौहारों से भी बचने हेतु हर वर्ष 14 फरवरी को देशभर के विभिन्न
स्थानों के विभिन्न विद्यालयों के साथ साथ घर-घर में ‘मातृ-पितृ पूजन
दिवस’ मनाया जा रहा है ।
🚩अब
‘संत श्री आशारामजी गुरुकुलों ‘ की भी श्रृंखला बढ़ने लगी है, जिनमें
विद्यार्थियों को लौकिक शिक्षा के साथ-साथ स्मृतिवर्धक यौगिक प्रयोग,
योगासन, प्राणायाम, जप, ध्यान आदि के माध्यम से उन्नत जीवन जीने की कला
सिखायी जाती है । उनमें सुसंस्कारों का सिंचन किया जाता है तथा उन्हें अपनी
महान वैदिक संस्कृति का ज्ञान प्रदान किया जाता है ।
 🚩‘युवाधन
सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है तथा ‘युवा सेवा संघ एवं ‘महिला उत्थान
मंडल की स्थापना की गयी है । इन संगठनों द्वारा भारतभर में ‘संस्कार सभाएँ
चलायी जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर युवक-युवतियाँ अपना सर्वांगीण विकास कर
रहे हैं ।
🚩समाज
के पिछडे, शोषित, बेरोजगार व बेसहारा लोगों की सहायता के लिए संत आसारामजी
बापू द्वारा ‘भजन करो, भोजन करो, दक्षिणा पाओ’ योजनायें चलायी जा रही है ।
 🚩इसके
अंतर्गत उन्हें कहा जाता है कि वे आश्रम में अथवा आश्रम द्वारा संचालित
समितियों के केन्द्रों में आकर दिनभर केवल भजन, कीर्तन और ध्यान करें ।
उन्हें दिन का भोजन और शाम को घर जाते समय 50 रुपये तक की नकद राशि दी जाती
है । इसमें भाग लेनेवालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है ।
जिससे
ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मान्तरण में रोक लग रही है और जहाँ लोगों को
भोजन की विकट समस्या से निजात मिलती है, वहीं उनका आध्यात्मिक उत्थान भी हो
रहा है । इससे बेरोजगार लोगों में आपराधिक प्रवृत्ति को रोकने में बहुत
मदद मिल रही है ।
🚩कहा
जाता है कि संत आसारामजी बापू का बहुत बड़ा साधक-समुदाय है । लगभग करीब 8
करोड़ लोग देश-विदेश में है और इतने सालों से बिना सबूत जेल में होते हुए भी
उनके अनुयायियों की श्रद्धा टस से मस नहीं हुई है । उन करोड़ो भक्तों का एक
ही कहना है कि हमारे गुरुदेव (संत आसारामजी बापू) निर्दोष हैं उन्हें
षड़यंत्र के तहत फंसाया गया है । वे जल्द से जल्द निर्दोष छूटकर हमारे बीच
शीघ्र ही आयेगे ।
🚩गौरतलब
है संत आसारामजी बापू का जन्म दिवस 17 अप्रैल को है अभी उनका 81 वां साल
चल रहा है, पिछले 44 महीने से जेल में बन्द होने पर भी उनके करोड़ों
अनुयायियों द्वारा देश-विदेश में एक अनोखे अंदाज में मनाया जाता है ये
दिन..
इस दिन देशभर में
जगह-जगह पर निकाली जाती हैं विशाल भगवन्नाम संकीर्तन यात्रायें,
वृद्धाश्रमों,अनाथालयों व अस्पतालों में निशुल्क औषधि, फल व मिठाई वितरित
की जाती है।
गरीब व अभावग्रस्त क्षेत्रों में होता है विशाल भंडारा जिसमें वस्त्र,अनाज व जीवन उपयोगी वस्तुओं का वितरण किया जाता है।
जगह जगह पर छाछ,पलाश व गुलाब के शरबत के प्याऊ लगाये जाते हैं ।
सत्साहित्य आदि का वितरण कर मनाया जाता है ये दिन ।