आज अचानक सोशल मीडिया पर भगवद्गीता को “राष्ट्रीय ग्रंथ” घोषित करने के लिए उठी लाखों आवाजें..!!!

आज अचानक सोशल मीडिया पर भगवद्गीता को “राष्ट्रीय ग्रंथ” घोषित करने के लिए उठी लाखों आवाजें..!!!
आज दिनभर भारत में एक ट्रेंड टॉप पर चल रहा था जिसका हैशटेग था #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ !!
इस हैशटेग के जरिये लाखों लोग आवाज उठा रहे थे कि सम्पूर्ण मानव जाति का कल्याण करने वाली महान भगवद्गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाये ।
उनका कहना था कि देश-विदेश के विद्वानों व महापुरुषों द्वारा गीता जी की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई है, गीता पढ़ने से करोड़ो-करोड़ो लोगों का जीवन बदल गया है , अनगिणत फायदे हुए हैं ऐसी भगवद्गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिये ।
भगवद्गीता को “राष्ट्रीय ग्रंथ” घोषित करने के लिए उठी लाखों आवाजें
आइये कुछ ट्वीट्स द्वारा देखें कि क्या कहना चाह रहे हैं ये लोग…???
1. मनीष मेघवाल ने लिखा कि
सभी समस्याओं व किसी भी परिस्थिति से निपटने में अगर किसी के ज्ञान की आवश्यकता है तो वह श्रीमद्भगवतगीता है #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ।
2. पूनम डंग ने लिखा कि
जो साक्षात कमलनाभ भगवान श्री विष्णु के मुखकमल से प्रकट हुई, उस #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ – गीता का ज्ञान अर्जन करें ।
3. मोहित मेहरा लिखते हैं कि JantaKeeAwaaz है कि भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ,यह ग्रन्थ किसी एक मजहब के लिए नही बल्कि सर्वधर्मों के लिए अमृत कुंड है।
4.रेखा बजाज लिखती हैं कि श्रीमद्भगवद्गीता में कर्मयोग,ज्ञानयोग,
 और भक्तियोग का समन्वय है। #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ
5.मंजीत कौर ने लिखा कि #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ गीता के गूढ़ अर्थों को संत Asaram Bapu Ji से सरल भाषा में समझकर पूरा विश्व लाभांवित हुआ है!
6.सूरज कुमार लिखते हैं कि भारत की खुशहाली का मूल कारण- गौ-गंगा-गायत्री का सम्मान और श्रीमद् #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ का दिव्य ज्ञान!
7. वैशाली सिंह कहती हैं कि गीता सिर्फ एक पुस्तक नही है, यह तो जीवन मृत्यु के दुर्लभ सत्य को अपने में समेटे हुए है #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ !
8. रवि यादव ने लिखा कि समस्त विश्व के लिये सच्चे सुख, शांति व ज्ञान के लिये भारत की अनमोल भेंट #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ।
9.गौरहरी जी लिखते हैं कि अधर्म और शोषण का मुकाबला करने का सामर्थ्य जगाती है गीता। #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ !
10. अनुजा दाभोलकर ने लिखा कि
गीता हमे जीवन के शत्रुओ से लड़ना सिखाती है और ईश्वर से एक गहरा नाता जोड़ने में भी मदद करती है। #भगवद्गीता_बने_राष्ट्रीय_ग्रंथ
 इस तरीके से हजारों नही लाखों ट्वीट आज इस हैशटैग से देखने को मिली । सभी की एक ही मांग थी कि हजारों सालों के बाद भी जिस ग्रंथ ने अपनी दिव्यता बनाई रखी है और प्राणिमात्र का कल्याण कर रही है उस श्रीमद्भगवद्गीता को शीघ्र राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करना चाहिए जिससे और भी लोग लाभाविन्त हो सकें।
आपको बता दें कि श्री गीता जी से केवल भारत के ही नही बल्कि विदेश के लोग भी लाभान्वित हुए हैं ।
 ऐसी पुण्यदायी श्रीगीता जी पढ़कर 1985-86 में गीताकार की भूमि को प्रणाम करने के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री मि. पीअर ट्रुडो प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र देकर भारत आये थे ।  वे अपने शारीरिक पोषण के लिए एक दुधारू गाय और आध्यात्मिक पोषण के लिए उपनिषद् और गीता साथ में रखते थे ।
 ट्रुडो ने कहा है : ‘‘मैंने बाइबिल पढ़ी, एंजिल पढ़ी और अन्य धर्मग्रंथ पढ़े । सब ग्रंथ अपने-अपने स्थान पर ठीक हैं किंतु हिन्दुओं का यह ‘श्रीमद् भगवद्गीता’ ग्रंथ तो अद्भुत है । इसमें किसी मत-मजहब, पंथ या सम्प्रदाय की निंदा-स्तुति नहीं है वरन् इसमें तो मनुष्यमात्र के विकास की बातें हैं । गीता मात्र हिन्दुओं का ही धर्मग्रंथ नहीं है, बल्कि मानवमात्र का धर्मग्रंथ है ।’’
गीता ने किसी मत, पंथ की सराहना या निंदा नहीं की अपितु मनुष्यमात्र की उन्नति की बात कही है ।
गौरतलब है कि 10 दिसम्बर को गीता जयंती के दिन बापू आसारामजी के समर्थकों के द्वारा #भगवद्गीता_अदभुत_ग्रंथ हैशटैग का उपयोग करते हुए ट्वीट्स की जा रही थी । वो ट्रेंड भी दिन भर टॉप में था । आज के ट्रेंड में भी आम जनता के साथ-साथ अधिकतर ट्वीट्स बापू आसारामजी के ही समर्थकों की दिखाई दे रही थी ।
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