केरल में हर दिन होती है एक हिंदू की हत्या, अब तक हो चुकी है 294 हिंदुओं की हत्या

केरल में हर दिन होती है एक हिंदू की हत्या, अब तक हो चुकी है 294 हिंदुओं की हत्या
19 मई 2017
केरल
: हिंदुओं पर लगातार अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन हिंदुओं पर हमले
होते हैं जिस वजह से उन्हें पलायन करना पड़ता है। अगर हिन्दू उस हमले का
सामना करते हैं तो उनकी हत्या कर दी जाती है।
ऐसा
ही एक मामला आया है केरल के कन्नूर का। जहां हर रोज लगभग किसी न किसी
हिंदू की बर्बरता से हत्या हो रही है, हर रोज एक हिंदू की मां अपने बेटे के
शव पर रोती है।
Hindus Outraged
केरल
में बीजू नाम का एक हिन्दू वामपंथियों का शिकार हो गया। बीजू को
वामपंथियों ने घेरकर धारदार हथियारों से कत्ल कर दिया। जिसके बाद न्याय
पाने के लिए बीजू के पिता केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप में मिलने रूडी
पहुंचे, जहां उन्होंने मदद की गुहार लगाई है।
आपको बता दें कि पिछले 1 साल में केरल में 294 हिन्दुओं की हत्या हो चुकी है।
केरल के मालाबार में लव जिहाद के ईनाम की घोषणा और संचालन होता है ।
केवल केरल में ही लव जिहाद के 5000 से अधिक मामले कोर्ट के सामने आये हैं ।
रिपोर्ट के अनुसार केरल आदि में तो लव जिहाद के जरिये से 4 लाख करीबन हिन्दू लड़कियाँ गायब हो गई है ।
केरल में ईसाई मिशनरियां भी बहुत सक्रिय है जो हिंदुओं का दिन-रात धर्मान्तरण करवाती रहती है ।
वहाँ
जो भी हिंदुत्वनिष्ठ लव जिहाद, धर्मान्तरण आदि का विरोध करता है उसको वहाँ
से भाग जाने की धमकी मिलती है या उनकी हत्या करवा दी जाती है ।
कब तक हिन्दुस्तान में ही हिन्दू अत्याचार सहता रहेगा?
बांग्लादेश
के प्रोफेसर डॉ. अब्दुल बरकत ने रिपोर्ट अनुसार बताया कि अभी अत्याचार के
कारण जिस तरह बांग्लादेश से हिन्दू पलायन हो रहे है 632 हिंदू रोजाना छोड़
रहे हैं बांग्लादेश । तीन दशक बाद बांग्लादेश में एक भी हिन्दू नहीं बचेगा ।
पाकिस्तान
में भी हिंदू नरक जैसी जिदंगी जी रहे हैं उनकी बहू-बेटियों को उठा ले जाते
हैं, पथराव करते हैं,वहाँ की सरकार भी हिंदुओं को कोई सुरक्षा नही देती है
भारत में भी कश्मीर से #पंडितों को भगा दिया गया और आज भी मुस्लिम बाहुल इलाकों से हिन्दू परिवार पलायन कर रहे हैं।
#ईसाई
मिशनरियाँ और #मुस्लिम देश दिन-रात #हिंदुस्तान और पूरी दुनिया से
हिन्दुस्तान को मिटाने में लगे हैं अतः हिन्दू #सावधान रहें ।
अभी समय है हिन्दू #एक होकर #हिन्दुओं पर हो रहे प्रहार को रोके तभी हिन्दू बच पायेंगे । हिन्दू होगा तभी सनातन संस्कृति बचेगी ।
अगर
#सनातन #संस्कृति नही बचेगी तो दुनिया में इंसानियत ही नही बचेगी क्योंकि
#हिन्दू संस्कृति ही ऐसी है जिसने “वसुधैव कुटुम्बकम्” का वाक्य चरितार्थ
करके दिखाया है ।
#सदाचार व भाई-चारे की भावना अगर किसी #संस्कृति में है तो वो सनातन संस्कृति है ।
#शत्रु को भी क्षमा करने की #ताकत अगर किसी संस्कृति में है तो वो #सनातन संस्कृति है ।
#प्राणिमात्र
में ईश्वरत्व के दर्शन कर, सर्वोत्वकृष्ट ज्ञान प्राप्त कर जीव में से
#शिवत्व को प्रगट करने की क्षमता अगर किसी संस्कृति में है तो वो सनातन
#संस्कृति में है ।
ऐसी #महान संस्कृति में हमारा #जन्म हुआ है , #हिन्दू संस्कृति को बचाने के लिए आज हिंदुओं को ही #संगठित होने की जरुरत है ।
दुनिया में केवल एक मात्र भारत ही हिन्दू बाहुल राष्ट्र है अगर वहाँ पर भी हिन्दू सुरक्षित नही रहेगा तो कहाँ रहेगा?
#हिन्दू_कार्यकर्ताओं और #हिन्दू_संतों को जेल भेज दिया गया , फिर भी हिन्दू सोया हुआ है….!!!
हिन्दू कार्यकर्ताओं की दिन दहाड़े हत्याएं हो रही है, फिर भी हिन्दू सोया है…!!!
कश्मीर से सभी #पंडितों को भगा दिया गया, फिर भी हिन्दू सोया है…!!!
मुस्लिम बाहुल इलाकों से हिंदुओं का पलायन हो रहा है, फिर भी हिन्दू सोया है…!!!
#ईसाई दिन-रात हिंदुओं का #धर्मान्तरण कर रहे हैं , फिर भी हिन्दू सोया है…!!!
एक नही,दो नही, हजार नही , लाखों हिन्दू #लड़कियों को लव जिहाद में फंसाकर ले जाते हैं फिर भी हिन्दू सोया है…!!!
हिंदुओं के #मंदिर तोड़े जा रहे है फिर भी हिन्दू सोया है…!!!
और भी कई ऐसी घटनाएँ है जिस पर हिन्दू मौन धारण करके सोया है…!!!
हिन्दू कब जागेगा नींद से …???
अभी
भी वक्त है हिन्दू #संगठित हो जाएँ । कानून या सरकार आपकी रक्षा नही करेगी
। #धर्म की रक्षा खुद को ही करनी पड़ेगी,इसलिए आपके आस-पास कहीं भी हिन्दू
के साथ #अत्याचार हो रहा हो तो निर्भयता से एक होकर सामना करो ।
हे वीर हिन्दू! जाग अपनी महिमा में…
देश
के साथ गद्दारी करने वाले मीडिया हॉउसस्  , #ईसाई_मिशनरियों
#मुस्लिम_समुदाय के जो भी आतंकी आतंक फैला रहे हैं और जो #राजनीति में
हिन्दू संस्कृति विरोधी बैठे है उनको उखाड़ फैको ।
हे हिन्दू! तू वीर #शिवाजी, #पृथ्वीराज_चौहाण, #वीर_महाराणा प्रताप जैसे वीरों का वंशज है । देश के गद्दारों का सफाया कर दें ।

विदेश की किताबों में बच्चे पढ़ रहे रामायण और महाभारत

विदेश की किताबों में बच्चे पढ़ रहे रामायण और महाभारत
17 मई 2017
भारत
मे भले ही विदेशी लुटेरे मुगलों का और अंग्रेजों की महिमा मंडन वाला
इतिहास पढ़ाया जाता हो लेकिन विदेश में आज भी कई जगह पर भगवान श्री राम और
भगवान श्री कृष्ण की महिमा का इतिहास पढ़ाया जा रहा है और वे लोग बौद्धिक,
आर्थिक और सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं ।
विदेश
की भारत से दूरी लगभग 6 हजार किलोमीटर है ।पर वहां पर मजहबी ठेकेदारों की
ठेकेदारी नहीं चलती और वहाँ पर श्रीराम की रामायण और श्री कृष्ण की महाभारत
कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में पढाई जाती है ।
भगवान
श्रीराम , भगवान श्रीकृष्ण , अर्जुन , भीम , नकुल, युधिष्ठिर ऐसी
प्रतिमूर्तियां हैं जिनसे कोई बल,कोई बुद्धि , कोई न्याय, कोई त्याग, कोई
कर्म और कोई धर्म की शिक्षा ले सकता है ।
आपको
ये जान कर आश्चर्य होगा कि दूर देश रोमानिया में कक्षा 11 की
पाठ्यपुस्तकों में रामायण और महाभारत के अंश हैं । ये जानकारी भारत में
रोमानिया के राजदूत डोबरे ने विशेष बातचीत में कहा ।
भारत
और रोमानिया के बीच अत्यंत निकट एवं मजबूत संबंधों को रेखांकित करते हुए
रोमानिया के राजदूत राडू ओक्टावियन डोबरे ने बताया कि, दोनों देशों के निकट
के सांस्कृतिक संबंध हैं और इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि,
हमारे यहां 11वीं कक्षा में बच्चों को रामायण और महाभारत के अंश पढाए जाते
हैं !
इंटरनेशनल
कल्चर खंड में बच्चों को यह पढ़ाया जाता है। आगे उन्होंने कहा कि दोनों
देशों के बीच निकट के सांस्कृतिक संबंध हैं जिन्हें और मजबूत करने की जरूरत
है ।
रामायण, महाभारत व गीता में जीवन की हर समस्या का समाधान है….!!!
हम समाज में किस तरह रहें..?
परिवार में किस तरह रहें …?
अपने कार्य क्षेत्र में कैसे रहें…?
 मित्रों के साथ हमारा व्यवहार कैसा हो…?
ये सभी बातें हम इस ग्रंथ से सीख सकते हैं।
रामायण,
महाभारत एवं श्रीमद्भगवद्गीता  #ग्रंथों की बहुउपयोगिता के कारण ही कई
स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, प्रबंधन #संस्थान ने इस ग्रंथ की सीख व उपदेश
को पाठ्यक्रम में शामिल किया है ।
#आधुनिक
काल में जे. रॉबर्ट आइजनहॉवर ने गीता और महाभारत का गहन अध्ययन किया।
उन्होंने महाभारत में बताए गए #ब्रह्मास्त्र की संहारक क्षमता पर शोध किया
और अपने मिशन को नाम दिया ट्रिनिटी (त्रिदेव)।
रॉबर्ट
के नेतृत्व में 1939 से 1945 के बीच #वैज्ञानिकों की एक टीम ने यह कार्य
किया और #अमेरिका में 16 जुलाई 1945 को पहला परमाणु परीक्षण किया ।
हिन्दू
धार्मिक ग्रंथों में छुपे रहस्यों को उजागर करने के लिए विदेशों में
अनेकों अनुसंधान चल रहे हैं । उसमें विदेशियों को सफलता भी खूब मिल रही है ।
उन्हीं रहस्यों को उजागार करने के लिए अब भारत में विश्वविद्यालय खुलने
लगे हैं । पटना से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित बिद्दूपुर, #वैशाली में
एक विश्वविद्यालय खोला जा रहा है जहाँ रामायण, गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों
की पढ़ाई होगी ।
अमेरिका के #न्यूजर्सी में स्थापित कैथोलिक सेटन हॉ यूनिवर्सिटी में गीता को अनिवार्य पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया है ।
#माध्यमिक_शिक्षा_निदेशालय
बीकानेर के डायरेक्टर बी.एल. स्वर्णकार ने आदेश में कहा है कि
‘विद्यार्थियों को गीता का उपयोग सुनिश्चित करते हुए अध्ययन के लिए प्रेरित
करना होगा, जिससे उनका आध्यात्मिक विकास हो सके ।’
कुछ
दिन पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने भी कहा है कि ‘गीता-रामायण
भारत की #सांस्कृतिक व #आध्यात्मिक धरोहर हैं। इसलिए स्कूलों में इनकी
पढ़ाई को अनिवार्य किया जाना चाहिए।
डीपीएस
#भागलपुर की प्रिंसिपल डॉ. #अरुणिमा चक्रवर्ती ने भी बताया है कि रामायण
और महाभारत की कथाएँ पढ़ाने से बच्चों में शालीनता पैदा की जा सकेगी ।
प्रोफेसर
अनामिका गिरधर का कहना है कि’श्रीमदभगवद्गीता’ में चरित्र निर्माण,
आचरण,व्यवहार व विचार को सुंदर एवं अनुपम बनाने की सामग्री मिल जाती है ।
किसी भी सम्प्रदाय,मत या वाद की कोई भी ऐसी पुस्तक नहीं है कि जो इस कसौटी
पर खरी उतरी हो ।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि गीता में दिया गया ज्ञान आधुनिक मैनेजमेंट के लिए भी एकदम सटीक है और उससे काफी कुछ सीखा जा सकता है।
 इनका तो यहाँ तक कहना है कि गीता का मैनेजमेंट गुण पश्चिमी देशों के सिर्फ
मुनाफा कमाने के मैनैजमेंट वाली सोच से कहीं बेहतर है क्योंकि गीता इंसान
के पूरे व्यक्तित्व में आत्मिक सुधार की बात करती है ।
इंसान
में सुधार आने के बाद उसके जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति तय है और
मैनेजमेंट भी उनमें से एक है । गीता में ऐसे कई श्लोक हैं जो द्वापर युग
में अर्जुन के लिए तो प्रेरणादायी साबित हुए ही थे,अब इस युग में आधुनिक
मैनेजमेंट के भी बहुत काम के हैं । इसलिए आधुनिक मैनेजर गीता ज्ञान से
मैनेजमेंट के गुण सीख रहे हैं ।
#भारत ने वेद-पुराण, उपनिषदों से पूरे विश्व को सही जीवन जीने की ढंग सिखाया है । इससे भारतीय बच्चे ही क्यों वंचित रहे ?
जब
मदरसों में कुरान पढ़ाई जाती है, #मिशनरी के स्कूलों में बाइबल तो हमारे
स्कूल-कॉलेजों में रामायण, महाभारत व गीता क्यों नहीं पढ़ाई जाएँ ?
 मदरसों व मिशनरियों में शिक्षा के माध्यम से धार्मिक उन्माद बढ़ाया जाता
है तो #सेक्युलरवादी उसे संविधान का मौलिक अधिकार कहते है और जब
स्कूलों-कॉलेजों में बच्चों को जीवन जीने का सही ढंग सिखाया जाता है तो
बोलते हैं कि शिक्षा का भगवाकरण हो रहा है ।
अब
समय आ गया है कि पश्चिमी #संस्कृति के #नकारात्मक प्रभाव को दूर किया जाए
और अपनी पुरानी #संस्कृति को अपनाया जाए। #हिंदुत्व को बढ़ावा दिया जाना
भगवाकरण नहीं है।’ अपितु उसमें मानवमात्र का कल्याण और उन्नति छुपी है ।

गौहत्या पर ड़ॉ.सुब्रमण्यम स्वामी ने बीबीसी को दिया करारा जवाब…

🚩गौहत्या पर ड़ॉ.सुब्रमण्यम स्वामी ने बीबीसी को दिया करारा जवाब…
🚩वरिष्ठ
नेता बीजेपी ड़ॉ.सुब्रमण्यम स्वामी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि भारत
के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गाँधी ने कहा था कि अगर हमारे पास
सत्ता आएगी तो मैं गोरक्षा के लिए काम करते हुए गोहत्या पर प्रतिबंध लगा
दूँगा ।
🚩 #महात्मा_गाँधी ने साफ कहा था कि उनके लिए गाय का कल्याण अपनी आजादी से भी प्रिय है।
Dr Subramaniam Swamy, Retort, slaughter, BBC,
🚩देश
में गोरक्षा की परम्परा हजारों साल से चली आ रही है और जब बहादुर शाह जफर
को 1857 में दोबारा #दिल्ली की गद्दी पर बैठाया गया तो उनका पहला कदम था
गोहत्या पर प्रतिबंध ।
🚩जब
भारत का संविधान बना तो राज्य के नीति-निर्देशक तत्व बने, जिनमें कहा गया
है कि सरकार को गोरक्षा करने और गोहत्या रोकने की तरफ कदम उठाने चाहिए ।
🚩हम
पर ये आरोप लगता है कि हमने #हिंदुत्व के नाम पर इसे मुद्दा बनाया है जो
सरासर गलत है, क्योंकि ये एक प्राचीन भारतीय परम्परा रही है ।
🚩सुप्रीम कोर्ट
🚩प्राचीन
काल में सिर्फ गाय के लिए ही नहीं बल्कि मोर की रक्षा की भी परंपरा रही है
और भारत में #मोर की हत्या पर 1951 में प्रतिबंध लगाने के अलावा उसे
#राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया ।
🚩मोर की #हत्या करने पर सात साल के कारावास की सजा का भी प्रावधान है ।
🚩भारत में गोरक्षा को सिर्फ धार्मिक दृष्टि से देखना भी गलत है और इसके दूसरे फायदे नजर अन्दाज नहीं किए जाने चाहिए ।
🚩हमारे यहाँ ‘बॉस इंडिकस’ नामक गाय की नस्ल है और ये सर्वमान्य है कि उसके दूध में जो पोषक तत्व है, वो दूसरी नस्लों में नहीं है ।
🚩1958
में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर गोहत्या पर प्रतिबन्ध लगाएं तो इससे
इस्लामिक संप्रदाय को ठेस नही पहुँचनी चाहिए क्योंकि #इस्लाम में गोमाँस
खाना अनिवार्य नही है ।
🚩आरएसएस प्रमुख और मेरी भी माँग यही है कि भारत में #गोहत्या पर प्रतिबंध लगना चाहिए ।
🚩मेरी
अपनी माँग है कि गोहत्या करने वालों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए और संसद
में मेरे #प्राइवेट मेंबर्स बिल प्रस्तुत करने के बाद कई राज्यों ने इसकी
सजा को आजीवन कारावास कर दिया है ।
🚩मेरे
बिल में इस बात का भी सुझाव है कि जब गाय #दूध देना बंद कर दे तो कैसे
उन्हें गोशालाओं में शिफ्ट किया जाए और इसके लिए एक नैशनल #ऑथॉरिटी का गठन
होना चाहिए।
🚩जामनगर से गुवाहाटी
🚩रहा
सवाल उन इतिहासकारों या विशेषज्ञो का जो अपनी रिसर्च के आधार पर दावा करते
हैं कि प्राचीन काल और मध्य काल में भारत में गोमाँस खाया जाता था, तो ये
लोग आर्यन शब्द का प्रयोग करने वाले अंग्रेजों के पिट्ठू हैं ।
🚩ताजा जेनेटिक या #डीएनए शोध के अनुसार कश्मीर से कन्याकुमारी और जामनगर से गुवाहाटी तक सारे #हिन्दुस्तानियों का डीएनए एक ही है ।
🚩हिंदू-मुसलमान का डीएनए भी एक है इसलिए सभी #मुसलमानों के पूर्वज हिंदू हैं ।
🚩इतिहासकारों ने #आर्यन्स और द्रविडियन्स का जो बँटवारा किया मैं उसे नहीं मानता।
🚩किसी भी #ग्रन्थ में इस बात का उल्लेख नहीं मिलता जिससे गोमाँस खाने के प्रमाण मिले या किसी तरह की अनुमति के प्रमाण मिलें ।
🚩मूलभूत अधिकार
🚩एक
और सवाल #उठता है कि हर नागरिक का एक मूलभूत अधिकार होता है अपनी पसंद का,
यानी जो पसंद होगा वो खाने का और इसे कोई छीन नहीं सकता ।
🚩लेकिन भारत के संविधान में ऐसा नहीं और हर मूलभूत अधिकार पर एक #न्यायपूर्ण अंकुश लग सकता है ।
🚩कल कोई कहेगा कि मैं अफीम खाऊँगा या कोकीन लूँगा, तो ऐसा नही हो सकता ।
🚩रहा
सवाल एकमत होने का तो भारत में लगभग 80% #हिंदू हैं जिसमें से 99% गोहत्या
के पक्ष में नहीं बोलेंगे तो अलग राय होने का सवाल ही नही।
🚩बात
अगर #माइनॉरिटी राइट्स या अल्पसंख्यक समुदाय के हितों की रक्षा की है तो
फिर ये आपको दिखाना होगा कि गोमाँस खाना उनके लिए अनिवार्य है ।
🚩जबकि #सुप्रीम कोर्ट ये कह चुका है कि ये अनिवार्य नही ।
🚩और ये कहना कि सिर्फ #मुसलमानों में कथित गोरक्षा मुहिम से संशय है तो ये बात गलत है।
🚩कई
#हिंदू भी #गोहत्या करके निर्यात करते थे क्योंकि सब्सिडीज मिलती थी और
कारोबार बढ़ता था बूचड़खाने खोलने से । उन्हें भी नुकसान होगा ।
🚩भगवान
राम के अवतार से पहले सतयुग से ही गाय को माता के तरीके से पालन किया गया
है और भगवान श्री कृष्ण तो स्वयं #गाय माता को चराने जाते है उसके रहने
मात्र से वातावरण पवित्र हो जाता है उसके #दूध, घी, दही, गौमूत्र, गोबर का
उपयोग करके जीवन मे व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है , जीवित गाय करोड़ो की कमाई
करके देती है ऐसी पवित्र जीवन उपयोगी गौहत्या करना कहाँ तक उचित है?
🚩और ऐसी पवित्र गाय की रक्षा करने वालों को #प्रोत्साहित करना तो दूर रहा पर उनको गुंडा बोला जाता है जो कितना #शर्मनाक है ।
🚩गाय का पालन करना ही #मनुष्य मात्र के लिए उपयोगी है और गौहत्या करना विनाश का कारण है ।

अन्तर्राष्ट्रीय षड़यंत्र : वन्दे मातरम् गाने पर किया कैरियर हुआ बर्बाद

🚩अन्तर्राष्ट्रीय षड़यंत्र : वन्दे मातरम् गाने पर किया कैरियर बर्बाद
🚩छात्र ने कहा – बाइबिल नहीं वन्दे मातरम् गाऊँगा .. बस फिर क्या था !!
उसकी जिंदगी और कैरियर दोनों हो गए तबाह !!
🚩ये
कृत्य बहुत पहले से चल रहा था । उसे सब जानते थे । कानून मंत्रालय भी और
शिक्षा मंत्रालय भी। सब आँख मूँद कर देख रहे थे पर इसका विरोध करने की
हिम्मत नहीं की । जब एक छात्र ने हिम्मत की तो उसकी जिंदगी और कैरियर को कर
डाला बर्बाद ।
vandematram controversy
🚩मामला
इलाहाबाद के नैनी क्षेत्र स्थित शियाट्स कालेज का है। वहां बहुत पुराना
नियम है कि वहां प्रार्थना हमेशा बाइबिल की करवाई जाती है। काफी लम्बे समय
से ये सब वहां चलता आ रहा है ।कभी किसी ने इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई, भले
ही वो किसी धर्म,पंथ या मजहब से रहे हो , वो चुपचाप बाइबिल गाते रहे ।
अचानक कुछ लोगों को बदले परिवेश और माहौल में ये कार्य थोड़ा उचित नहीं
लगा।उन्होंने सोचा कि एक वर्ग भर को सम्बोधित करने वाली बाइबिल के बजाय
यहाँ सम्पूर्ण भारत को सम्बोधित करता हुआ वन्दे मातरम् का गान होना चाहिए
और इसी आशा और उम्मीद के साथ एक PHD छात्र अभय ने कालेज प्रबंधन को
प्रार्थना पत्र दे दिया ।
🚩उसमें
निवेदन था कि कृपया भारत की सीमा के अंदर आने वाले इस विश्व विद्यालय में
बाइबिल के बजाय वन्दे मातरम् करवाई जाएँ । कालेज प्रबंधन उस प्रार्थना पत्र
को पाते ही आग बबूला हो गया और सीधे उस छात्र को बुलाते हुए कहा कि ये सब
यहाँ नहीं चल सकता और अगर तुम्हारे ऊपर ज्यादा ही देशभक्ति सवार है तो उसका
इलाज हम कर देते हैं । अगले दिन उस छात्र के हाथ में निलंबन का लेटर पकड़ा
कर कहा गया कि आगे की पढ़ाई वहां से करो जहाँ तुम्हारा वन्देमातरम चलता हो ।
🚩अभय
अपना कैरियर और जीवन तबाह होता देख कर एक बार तो चकरा गया पर उसकी एक भी
दलील सुनने को शियाट्स कालेज प्रबंधन तैयार नहीं था । हार कर ये बात उसने
अपने अन्य साथियों को बताई तो काफी दिन से दबा कुचला छात्र वर्ग आंदोलित हो
उठा और अपने मित्र अभय की बहाली की मांग करने लगा । पर कालेज प्रशासन जरा
सा भी झुकने को तैयार नहीं हुआ । अंत में वो छात्र अपने मित्र छात्रों के
साथ इलाहाबाद के जिलाधिकारी से मिला और अपने लिए न्याय माँगा ..
🚩छात्र अभय का कहना है कि अभी तक कालेज या इलाहाबाद प्रशासन ये नहीं बता पाया कि उसे किस बात की सजा मिली है ?
🚩ये प्रश्न अभय का ही नही वरन् हर भारतवासी का है ।
क्यों हिंदुस्तान में ही हिंदुओं को दबोचा कुचला जाता है ???
🚩क्या एक छात्र को अपनी बात रखने का भी अधिकार नहीं है ?
क्योंकि वो बात किसी पंथ के लिए न कहकर भारत माता के लिए कही गई है ।
🚩क्या देश में रहने वाले हर भारतवासी का कर्तव्य नहीं बनता कि वो भारत माता का सम्मान करें ???
🚩ये
घटना राष्ट्र के अंदर चल रही एक बहुत बड़ी आतंरिक षड्यंत्र को चिन्हित करती
है जिसका सीधा सम्बन्ध उन छात्रों से है जिन्हें डाक्टर , इंजीनियर या कुछ
और बनने से पहले अपने धर्म या मजहब के लिए समर्पण करवाया जा रहा है वो भी
जबरदस्ती ।
🚩ईसाई मिशनरियों की चाल तो देखिए भारत में किस किस प्रकार से हिंदुओं का धर्मान्तरित कर रहे हैं ।
🚩जागो हिन्दू !!!
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टी राजा सिंह द्वारा राम मंदिर बनाने और गौरक्षा के लिए बोलने पर मीडिया में आया भूचाल..

टी राजा सिंह द्वारा राम मंदिर बनाने और गौरक्षा के लिए बोलने पर मीडिया में आया भूचाल..
हिंदुस्तानियों
को एक बात गौर करने जैसी है कि जब भी देश के हित के लिए,कोई भी #हिंदुत्व
का कार्य करने आगे बढ़ते हैं तब मीडिया उनके पीछे पड़ जाती है और उनको किसी
भी तरह गिराने का काम करती है ।
आपने
देखा होगा कि जब से #उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने वाली
थी तब से लेकर आज तक कुछ मीडिया और खासकर #बीबीसी न्यूज कैसी मंगढ़तन बातें
योगी जी के खिलाफ लिख रही है।
T Raja Singh – Media Hindu
क्या भारत में शान्ति लाना नही चाहती बीबीसी..? क्यों इतना घबरा गई है #हिंदुत्वनिष्ठों से ???
अगर
आप बीबीसी न्यूज को थोड़ा ध्यान देकर देखेंगे और पढ़ेंगे तो आपको पता चलेगा
कि ये पूरा #मुस्लिम समुदाय के पक्ष में है और हिंदुत्वनिष्ठों के खिलाफ
खड़ा हैं ।
जब-जब मुस्लिम
समुदाय के कुछ असामाजिक लोगों द्वारा आतंक फैलाया गया तब तब बीबीसी न्यूज
मौन रहा पर जैसे ही देश की शांति के लिए हिंदुत्वनिष्ठ उनको जवाब देते हैं
तब वो उनके खिलाफ बोलना शुरू कर देता है ।
भारत
में अल्पसंख्यक #मुस्लिमों की चिंता करने वाले बीबीसी न्यूज ने पाकिस्तान
और बंग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहा अत्याचार पर क्यों चुप्पी साध ली है !!
जिस भारत ने विश्व को शांति और भाईचारे का पाठ पढ़ाया, वहां #अशान्ति का वातावरण बनाने में मीडिया का बड़ा हाथ है ।
क्यों योगी जी सत्ता पर आते ही मीडिया की आँख की किकरी बन गए ?
तेलंगाना,
भारतीय जनता पार्टी विधायक टी राजा सिंह ने भी (भारत लुटेरे #बाबर ने
रामजी का मंदिर तोड़कर मस्जिद बनवाया था ) जब फिर से #राम मंदिर बनाने के
लिए आवाज उठायी तो मीडिया को परेशानी क्यों हुई ?
टी.
राजा सिंह ने #बीबीसी न्यूज के सवांदाता को करारा जवाब देते हुए कहा कि,
“राम मंदिर बनाना हर हिंदू का संकल्प है और मेरा भी संकल्प है । #हिंदू हो
या मुस्लिम सिख हो या ईसाई अगर कोई भी राम मंदिर के बीच में आता है तो हम
हमारे #प्राण दे भी सकते हैं और हम अगले के प्राण ले भी सकते हैं” ।
उन्होंने
आगे कहा कि “अगर कोई बात से नहीं मानता है तो हम हर प्रकार से तैयार हैं ।
बस हमारा लक्ष्य #अयोध्या में राम मंदिर बनाना है । उसके लिए हम हर तरह से
तैयार हैं । “विधायक से पहले मैं एक #हिंदू हूँ । मैं अपना कर्तव्य निभा
रहा हूँ ।”
टी राजा सिंह ने 1999 में #श्रीराम युवा सेना व गोरक्षा दल का निर्माण किया और तभी से गौहत्या का विरोध शुरु किया ।
गोरक्षा
के मुद्दे पर टी राजा $सिंह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन
भागवत के हॉल में कहते हैं कि “मैं मोहन #भागवत के उस बयान का समर्थन करता
हूँ कि जो गोरक्षा के लिए है।
वो किसी के ऊपर हमला न
करें । लेकिन जब हम गोरक्षा को जाते हैं । #ट्रक पकड़ते हैं, तब अगर उनकी
ओर से हमला होता है तो सेल्फ डिफेंस तो करना होगा । नहीं तो हम मारे जाएंगे
।”
गाय का महत्व अगर कोई
व्यक्ति जान लेता है तो गाय की हत्या पर वो आपा खो बैठता है । उन्होंने कहा
कि,” #गाय से बढ़कर हमारे लिए कुछ नहीं है”
#गौमाता को चराने स्वयं भगवान श्री कृष्ण जाते थे उनको बचाने के लिए अगर गौ रक्षक कुछ भी करें तो कोई गलत नही हो सकता ।
अब तो उत्तरप्रदेश में शिया समुदाय के मुस्लिमों ने गोहत्या रोकने के लिए  ‘शिया गो-रक्षा दल’ भी बना लिया है ।
गुजरात
के #मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने भी कहा है कि “गाय हमारी मां है और यह
हमारे लिए विश्वास की बात है, हमारी सरकार को ऐसे लोगों से कोई सहानुभूति
नहीं है जिनको गायों के प्रति कोई दया नहीं है।”
विजय
रूपानी ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने गाय और उसकी संतान को मारने से रोकने
के लिए सख्त कानून बनाए हैं। गाय में प्रजनन के माध्यम से #गांवों में
कमाई का एक तरीका भी है। हम चाहते हैं कि गुजरात में एक बार फिर घी और दूध
की नदियों बहें।
गौमाता हमारे लिए कितनी उपयोगी है जानने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें ।
गाय
आर्थिक रूप से तो समृद्धि देने वाली है ही साथ-साथ में गाय का होना भी
वातावरण में शुद्धि लाता है एवं गाय माता का #दूध, #दही, #छाछ, #मक्खन,
#घी, #मूत्र एवं #गोबर मनुष्य के लिए वरदानस्वरूप है इसके उपयोग से मनुष्य
स्वस्थ्य और सुखी जीवन जी सकता है ।
अतः गौ माता की रक्षा करना हितकारी है और गौ हत्या करना विनाश का संकेत है।

फिल्म देखकर गर्भवती हुई नाबालिक लडकी, कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को भेजा समन

फिल्म देखकर गर्भवती हुई नाबालिक लडकी, कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को भेजा समन…
चेन्नई
के एक न्यायालय में 13 साल की एक लड़की ने कहा है कि, एक फिल्म की वजह से
वह गर्भवती हो गई है। दरअसल कुछ महीने पहले एक लड़की अपने #ब्वॉयफ्रेंड के
साथ घर से भाग गई थी। उसके बाद वह गर्भवती हो गई। #लड़की के घर से भाग जाने
के बाद उसके घरवालों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। एक सप्ताह पहले ही
पुलिस ने लड़की को ढूंढ़ निकाला।
लड़की
के बयान के बाद न्यायालय ने सेंसर बोर्ड को समन भेजा है और उनसे जवाब
मांगा है कि बोर्ड ने ऐसी फिल्म को कैसे #सर्टिफिकेट दिया ?
A minor girl who was pregnant by watching the movie, the court sent summon TO the sensor board
उच्च
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि, सेंसर बोर्ड की खराब व्यवस्था का नतीजा
है कि सिनेमा में #अश्लीलता बढ़ती जा रही है। इस तरह की अश्लीलता युवाओं
का चारित्रिक पतन कर रही है ।
न्यायालय ने इस पूरे मामले में #सेंसर बोर्ड को सोमवार को हल्फनामा पेश करने के लिए कहा है।
लड़की
को जब न्यायालय में पेश किया गया तो उसने कुछ चौंकाने वाली बातें सामने
रखी। उसने अपने बयान में कहा कि 2010 में आई एक फिल्म को देखकर ही उसने
भागने का कदम उठाया और उसके #गर्भवती की वजह भी यही फिल्म है।
अनैतिकता
को बढावा देनेवाली फिल्मों का परिणाम बतानेवाली यह घटना है । समाज को आज
#नैतिकता का पाठ पढाने की कितनी अावश्यकता है, यह ध्यान में आता है ।
आपको
बता दें कि #बॉलीवुड में केवल और केवल भारतीय संस्कृति को खत्म करने की
साजिश चल रही है और उसको समर्थन कर रहा है सेंसर बॉर्ड क्योंकि हिन्दू
विरोधी फिल्में, अश्लीलता भरी फिल्में, डकैती, लूट-पाट आदि भारतीय संस्कृति
विरोधी #फिल्में सेंसर बोर्ड तुंरत ही पास करता है लेकिन भारतीय संस्कृति
की दिव्यता वाली फिल्में पास करने में सेंसर बोर्ड तुरन्त मना ही कर देता
है।
जैसे PK फिल्म, रईस फिल्म आदि सेंसर बोर्ड ने पास कर दी लेकिन #महाराणा प्रताप, राजा भृतहरि आदि फिल्मों पर बेन लगा दिया ।
अभी हाल ही में आई भोजपुरी फिल्म “#बाबरी मस्जिद” बनी है उसको सेंसर बोर्ड ने बैन लगा दिया ।
जहां
एक तरफ घोर हिन्दू विरोधी #PK जैसी फिल्मों को अभिव्यक्ति की आजादी का
प्रतीक मान कर बड़े बड़े मल्टीप्लेक्सों में महीनों चलाया गया वहीं दूसरी तरफ
समुदाय विशेष की भावनाओं की बात आते ही मां केला देवी फिल्म के बैनर तले
बनी $भोजपुरी फिल्म “बाबरी मस्जिद” को सेंसर बोर्ड ने बैन कर दिया ।
समुदाय
विशेष की भावनाओं का ख्याल इस कदर घर कर गया सेंसर बोर्ड के मन में कि उस
फिल्म को सिर्फ उसके #कंटेंट के चलते बैन कर दिया गया ।
 ₹सेंसर
बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी नहीं देने की वजह बताते हुए कहा कि इस फिल्म
की वजह से कम्युनल (सांप्रदायिक) भावना भड़कने का खतरा हैं । जिससे
#सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है । सेंसर बोर्ड को इस फिल्म के नाम से भी
आपत्ति है पर रामलीला जैसी फिल्मों को पास करने में कोई आपत्ति नहीं ।
इतिहास
में शायद ऐसा पहली बार है जब सेंसर बोर्ड ने इतनी तेजी दिखाते हुए बिना
किसी से पूछे और बिना विरोध प्रदर्शन आदि के भी किसी #भोजपुरी फिल्म को
सर्टिफिकेट देने से इन्कार करते हुए उसे बैन किया है । इतिहास में शायद
पहली बार सेंसर बोर्ड को इस प्रकार धार्मिक भावनाओं की चिंता हुई है ।
सरकार तो बदल गई लेकिन पता नही क्यों सेंसर बोर्ड नही बदल रहा है..?
जबकि #बॉलीबुड के अंदर रहें, कई हस्तियों ने पोल भी खोली है लेकिन उनकी बात को दबाया जाता है।
अभिजीत ने तीनों खानों को कहा ‘देशद्रोही’ !!
अभी
हाल ही में एक #न्यूज #चैनल में बात करते हुए सिंगर अभिजीत ने कहा ‘तीनों
खान (आमिर खान, #शाहरुख खान, सलमान खान) देशद्रोही बातें करते हैं। अपनी
फिल्मों में इन्होंने धीरे-धीरे हिन्दू त्यौहारों से जुड़े गानों को बंद कर
दिया अब हर जगह ‘मौला’ ही बजता है।” उन्होंने महेश भट्ट को भी #देशद्रोही
बताया था ।
एक्ट्रेस रश्मि मिश्रा ने खोली बॉलीवुड की पोल !!
रश्मि
ने कहा कि बॉलीवुड में #स्ट्रगल और कैरेक्टर की डिमांड ऐसी दो वजह हैं,
जिनके कारण 60 फीसदी लड़कियां अपना टेलेंट भूल लौट जाती हैं।
रश्मि
ने #बॉलीवुड में कास्टिंग काउच के मुद्दे पर इंडस्ट्री की पोल भी खोली।
उन्होंने कहा, बहुत से लोग यही चाहते हैं, कुछ पैसा भी चाहते हैं। वे
पार्टियों में बुलाते हैं, फिर घर पर बुलाने लगते हैं। हां इनसे जो लड़की
बच जाती है वो अपने टेलेंट के बल पर आगे बढ़ जाती है। जो स्ट्रगल नहीं कर
सकती वो लौट जाती है और कुछ वो सब कर लेती हैं जो #इंडस्ट्री के कुछ कथित
लोग चाहते हैं।
बॉलीवुड पार्टीज के ये राज जानकर हैरत में पड़ जायेंगे आप !!
1 – लेट नाईट 11 बजे के बाद शुरू होती है हर पार्टी, ताकि कोई देखे न और बेवजह उनके लिंकअप्स की खबरें सुर्खियों में न आएं ।
2
– मीडिया को नहीं मिलती है एंट्री क्योंकि कोई नहीं चाहता कि #बॉलीवुड के
अंदरखाने की कोई भी खबर किसी भी तरीके से पब्लिक तक पहुंचे ।
3
– शराब, सेक्स और शबाब की बातें पार्टी में बिंदास होती हैं । इसमें #शराब
और सेक्स के टॉपिक पर लोग एक दूसरे से खुल कर बात करते हैं । इन पार्टीज
को लेकर एक बार रणधीर कपूर ने खुद खुलासा किया था ।
उनका
कहना था, कपूर खानदान में बड़ी से बड़ी #सेलिब्रिटीज आती हैं और इन
पार्टियों में शराब, #सेक्स, #नॉन वेज जोक्स और महिलाओं की बातें होती हैं ।
बॉलीवुड किंग खान और प्रियंका चोपड़ा के अफेयर आदि के किस्से भी इन्हीं
पार्टियों की ही देन है । ये है बॉलीवुड पार्टीज के गन्दे राज राज।
श्री सुरेश चव्हाणके ने खोली #षड्यंत्र की पोल
कुछ
दिन पहले सुदर्शन न्यूज चैनल के #चैयरमेन श्री सुरेश #चव्हाणके ने बताया
था कि आज सभी ईसाई, मुसलमान एवं खाडी देशों ने अपने पैसों का निवेश
दूरचित्रवाहिनियों में किया है; इसलिए इस माध्यम से #‘हिन्दू धर्म’ को
अपकीर्त किया जा रहा है। #हिन्दू #साधु एवं #संतों की विश्वसनीयता समाप्त
करने का कार्य भी नियोजनबद्ध पद्धति से चल रहा है। यह ‘हिन्दू धर्म’ के
विरोध में चलाया जा रहा षडयंत्र है ! ‘
संस्कारहीन
#धारावाहिकों का प्रसारण कर समाज को पतन की ओर ले जाने का कार्य आज की इन
वाहिनियोंद्वारा किया जा रहा है। आज की वाहिनियां दर्शकों को ‘बलि का बकरा’
बना रही हैं; परंतु #सुदर्शन वाहिनी दर्शकों को बाघ बनाने का काम करनेवाली
है। देश में हिंदुत्व एवं क्रांति के विचार पहुंचाने का काम सुदर्शन
वाहिनी द्वारा किया जाएगा।
अतः हिंदुस्तानी सावधान !!
भारतीय
#संस्कृति को खत्म करने के लिए बॉलीबुड और #मीडिया में विदेशी लोगों
द्वारा पैसा निवेश किया जा रहा है। जिसके जरिये देशवासियों का ब्रेन वॉश
करके फिर से देश को गुलाम बनाया जा सकें ।
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छत्तीसगढ़ सरकार और मध्यप्रदेश के कलेक्टर ने वेलेंटाइन डे पर लगाया बेन

🚩छत्तीसगढ़ सरकार और मध्यप्रदेश के कलेक्टर ने वेलेंटाइन डे पर लगाया बेन
🚩छत्तीसगढ़ की सरकार ने इस बार भी 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे की जगह #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस मनाने का फैसला किया है ।
🚩छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सरकार ने पिछले कई वर्षों की तरह इस साल भी  वैलेंटाइन_डे’ यानि 14_फरवरी को छत्तीसगढ़ के सभी #स्‍कूलों में #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस मनाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिलों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है कि सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों व कालेजों में 14 फरवरी को ‘#मातृ_पितृ_पूजन_दिवस’ रूप में ही मनाये ।
🚩मध्यप्रदेश,कलेक्टर का नोटिस, वेलेंटाइन-डे नहीं #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस मनाये!!
🚩मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कलेक्टर ने एक नोटिस जारी करके लोगों से अपील की है कि वह इस वेलेंटाइन-डे पर अपने माता-पिता की पूजा करें।
🚩छिंदवाड़ा के कलेक्टर कार्यालय से जारी नोटिस में लिखा है कि बच्चों तथा युवा वर्ग में माता-पिता के प्रति पूज्य भाव प्रदर्शित करने की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए आगामी 14 फरवरी 2017 को छिंदवाड़ा जिले में #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस के रूप में मनाया जाए। जिले की समस्त शैक्षणिक तथा सामाजिक संस्थाओं में यह कार्यक्रम विशेषरूप से मनाया जाए। घर, परिवार, गांव तथा शहरों एवं  मोहल्लों में भी इस प्रकार के आयोजन कर इसे बृहद स्वरूप प्रदान करने की अपेक्षा की जाती है।
🚩गौरतलब है कि 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे की जगह #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस
अभियान हिन्दू संत बापू आसारामजी ने  ( #Asaram Bapu ji ) ने 2006 से प्रांरभ किया था ।  जिसका अनुसरण कई सालों से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ड़ॉ. रमन सिंह सरकार कर रही है ।

🚩इसी तरह छिंदवाड़ा के कलेक्टर ने भी यही फैसला लिया है कि हम 14 फरवरी #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस के रूप में ही मनाएंगे!!

🚩छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कई सालों से बापू आसारामजी का अनुसरण करके #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस रूप में मनाने के फैसले को कई #हिन्दू_संगठनों के साथ साथ #हिंदू_महासभा के #राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चंद्र प्रकाश कौशिक ने समर्थन किया तथा अपने एक वक्तव्य में उन्होंने कहा कि, ” वैलेंटाइन-डे #पश्‍चिम सभ्‍यता की देन है। वहाँ पर ये दिन प्रेम के इजहार के रूप में मनाते है। भारत में इसे मनाने का कोई औचित्‍य नहीं है । हमारे देश में साल के 365 दिन #प्रेम के लिए होते है । ऐसे में भला 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने का क्‍या औचित्‍य है । ”
🚩उल्लेखनीय है कि हिंदू महासभा सहित अन्‍य कई हिंदू संगठन पिछले कई सालों से पश्चिमी सभ्यता के त्यौहार वैलेंटाइन डे का #विरोध करते आये हैं ।
 🚩इसके लिए वे हर साल प्रेम के नाम पर #अश्लीलता फैलाने वाले जोड़ो का पार्कों से लेकर रेस्‍टोरेंट तक विरोध करते रहे हैं। #भारत में ‘वैलेंटाइन डे’ का प्रचलन #बॉलीवुड #फिल्मों से बढ़ा। जोकि #देश के लिए घातक सिद्ध हो रहा है।
🚩धन्यवाद है छत्तीसगढ़ सरकार को। जिन्होंने #सनातन संस्कृति के लिए इतना बड़ा कदम उठाया। देश के सभी मुख्यमंत्रियों को उनके उठाये कदम का अनुसरण करना चाहिए।
🚩छिंदवाड़ा के कलेक्टर की भी जनता एवं कई हिन्दू संगठन भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहे हैं।
🚩“वेलेंटाइन डे मनाकर भारत भी कहीं इसी दिशा में तो नहीं जा रहा….???
🚩 #अमेरिका में 7% बच्चे 13 वर्ष की उम्र से पहले ही यौनसंबंध बना लेते हैं ।  85 % लड़के और 77% #लड़कियाँ 19 वर्ष के पहले ही यौन संबंध बना लेते हैं |
🚩इससे जो समस्याएं पैदा हुई, उनको मिटाने के लिए वहाँ की सरकार को #करोड़ो रुपये खर्च करके भी सफलता नहीं मिल रही है।
🚩पाश्चात्य #सभ्यता की गन्दगी से #युवावर्ग का #चारित्रिक पतन होते देख लोकहितकारी पूज्य आसारामजी बापू का ह्रदय विह्वल हो उठा और उन्होंने वैलेंटाइन डे की जगह “#मातृ_पितृ_पूजन_दिवस” का आवाहन कर विकारों के घोर अंधकार से संयम के प्रकाश की ओर आगे बढ़ने का अभूतपूर्व प्रयास किया । जिसका आज पूरा विश्व अनुसरण करने लगा है ।
🚩संत आसारामजी बापू की प्रेरणा से पिछले ग्यारह वर्षों से देश-विदेश में करोड़ो लोग “वेलेंटाइन डे” मनाने के बदले “#मातृ_पितृ_पूजन_दिवस” मना रहे हैं। इस विश्वव्यापी अभियान से लाखों युवावर्ग पतन से बचे हैं एवं उनके जीवन में संयम व सदाचार के पुष्प खिले हैं ।
🚩गौरतलब है कि बिना सबूत बापू आसारामजी 40 महीने से जोधपुर जेल में बंद है लेकिन उनके बताए अनुसार उनके करोड़ो भक्तगण आज भी देश-विदेश में स्कूलों, कॉलेजो, जाहिर स्थलों में #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस मना रहे है ।
🚩उनका अनुसरण करके कई हिन्दू संगठन, छतीसगढ़ सरकार, छिंदवाड़ा के कलेक्टर आदि भी 14 फरवरी को #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस के रूप में मनाने का आव्हान कर रहे हैं ।
🚩हम सबका भी फर्ज बनता है कि पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण न करके अपनी महान संस्कृति की महानता समझे और दूसरों तक भी अपनी संस्कृति की सुवास पहुचाएं तथा उन्हें भी वैंलेंटाइन डे के दिन ‘#मातृ_पितृ_पूजन_दिवस’ मनाने की सलाह दें।
🚩आओ ये दिन उनके नाम करें,जो हमसे सच्चा प्यार कर,अपना हर दिन हमारे नाम करते हैं ।
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