ईसाई पादरी नाबालिक छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार, पर मीडिया शांत

अक्टूबर 11, 2017
🚩केरल : ईसाई समुदाय का चर्च जैसे पवित्र धर्मस्थल में दुष्कर्म करने वाले पादरी को मीडिया तथा सेक्युलरिस्ट क्या कहेंगे ?
Pastor arrested on charges of sexual harassment of a minor girl, but calm the media
🚩केरल के एक पादरी को चर्च में 10 वर्षीय स्कूली छात्र के कथित यौन उत्पीडन के मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस ने बताया कि, यह घटना रविवार की है, जब पीड़िता बाइबिल सुनने के लिए चर्च गई थी । आरोपी ईसाई पादरी देवराज (65) को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया । वह कंदनथिट्टा सीएसआई चर्च में पादरी है ।
🚩पुलिस ने बताया कि, पादरी के विरोध में #पोक्सो और आईपीसी की #धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है । लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि, वह जब अपनी बेटी को वापस घर ले जाने चर्च गए तो उन्होंने यह घटना देखी ।
🚩यदि इसी प्रकार का आरोप किसी हिन्दू साधू या संत पर लगता है, तो तुरंत मीडिया के लिए वह Breaking News बन जाती है, सभी सेक्युलरिस्ट तुरंत हिन्दू संत तथा धर्म पर टीका करना प्रारंभ करते हैं । परंतु जब कोर्इ #पादरी इस प्रकार के आरोप में गिरफ्तार हो जाता है, तो ये मीडिया वाले तथा सेक्युलरिस्ट कहां छुप जाते हैं..??
🚩#हिन्दू संतों पर झूठे #आरोप लगाये जाते हैं और आरोप साबित नहीं हुआ है, फिर भी उन्हें ‘रेपिस्ट बाबा’ आदि संबोधन का उपयोग करने वाले मीडिया वाले अब इस पादरी को भी ‘रेपिस्ट पादरी’ क्यों नहीं कहते ? क्या ऐसा करने से उनका ‘सेक्युलरिजम’ खतरे में आनेवाला है, ऐसा विचार वे करते हैं ?
🚩आज भी मीडिया में देखों तो बाबा राम रहीम की ही खबरें दिखती हैं लेकिन उनके जेल जाने के बाद तो कई मौलवियों और पादरियों ने बलात्कार किया और पकड़े भी गये और सजा भी हुई लेकिन एक भी खबर नही दिखाई गई ।
🚩मीडिया इतनी #निष्पक्ष #होती तो #मौलवी और #ईसाई फादर के लिए भी #खबरें #दिखाती और डिबेट बैठाकर उनके खिलाफ भी बहस करती लेकिन ऐसा नही कर रही है इससे साफ पता चलता है कि मीडिया को बाकि किसी खबर से लेना देना नही है।
🚩#मीडिया का केवल यही #उद्देश्य है कि कैसे भी करके #भारतीय संस्कृति को #खत्म कर दिया जाये इसलिए #हिन्दुओं के #धर्मगुरुओं को #टारगेट किया जा रहा है जिससे उनके ऊपर जो करोड़ो लोगों की आस्था है वो टूट जाये और पश्चिमी संस्कृति को अपना ले ।
🚩और बड़े मजे की बात है कि उस न्यूज को हिन्दू ही देखते हैं और बाद में उन्हीं का मजाक उड़ाते है कि देखो कैसे भक्तों को मूर्ख बनाकर पैसे लूट रहे हैं और लड़कियों से बलात्कार करते हैं, लेकिन वही भोला भाला हिन्दू दूसरी ओर कभी नही सोचता कि आखिर #हमारे देश की कई बड़ी बड़ी समस्याएं हैं, #मंहगाई, #बेरोजगारी, किसानों की #आत्महत्या, #राम मंदिर, 370, #गौ हत्या आदि आदि पर #मीडिया #नही #दिखाती है और न ही ईसाई पादरी और मौलवियों के खिलाफ दिखाती है । क्यों इतना प्राइम टाइम देकर हिन्दू धर्मगुरुओं पर ही बहस करती है तो आखिर इतने पैसे आते कहाँ से हैं..??
🚩जैसा कि हम बताते ही आये हैं कि #मीडिया का अधिकतर #फंड #वेटिकन सिटी और मुस्लिम देशों से आता है । जिनका #उद्देश्य है कि कैसे भी करके #हिन्दू संस्कृति को #खत्म करें । जिससे वो आसानी से #धर्मान्तरण करा सके ।
🚩दूसरा पहलू ये भी है कि #राजनेता भी #नहीं चाहते हैं कि किसी भी धर्मगुरू के इतने फॉलोवर्स हो जिससे उनको हर चुनाव में उनके सामने नाक रगड़ना पड़े इसलिए वो भी इसमें शामिल है क्योंकि #राजनेता केवल #वोट बैंक को ही देखते हैं उनको #हिन्दू धर्म से कोई लेना देना नही है।
🚩हमने आज तक अपने पाठकों को सच्चाई से अवगत कराने का प्रयास किया है और आगे भी करवाते रहेंगे ।
🚩आज हर #हिन्दुस्तानी का #कर्त्तव्य है कि वो #मीडिया की बातों में #न आकर स्वयं #सच्चाई तक #पहुँचने का #प्रयास करे । हिन्दू साधु-संतों को बदनाम करने का मतलब भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र है ।
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conversion in india

भारत में ही हिन्दू हो रहे है अल्पसंख्यक, हिंदुओं को खत्म करने की चल रही है साजिश ।

अक्टूबर 6, 2017

बहुसंख्यक हिन्दू बाहुल भारत देश में भले हिन्दू निश्चिंत हों लेकिन रिपोर्ट चौकाने वाला है भारत के ही कई राज्यों में हिन्दू एकदम अल्पसंख्यक हो गए हैं उसमे बाकी जो बचे है उनको भी जबरदस्ती धर्मपरिवर्तन करने या यातनायें देकर भगाने की साजिश रची जा रही है ।
आंकडों के अनुसार इन सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हिन्दू इतने प्रतिशत ही बचे है मिजोरम (2.70%), लक्षद्वीप (2.80%), नागालैंड (8.70%), मेघालय (11.50%), जम्मू-कश्मीर (28.40%), अरुणाचल प्रदेश (29.00%), पंजाब (38.50%) और मणिपुर में (41.40) प्रतिशत है।  तीन राज्यों नागालैंड, मिजोरम और मेघालय में ईसाई बहुसंख्यक होते जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर और लक्षद्वीप में मुस्लिम समुदाय बहुसंख्यक है।
Hindus are becoming minor in India, Hindus are going to eliminate conspiracy
भारत मे हिन्दू ख़त्म किये जा रहे है। अगर अब भी हिन्दू नहीं जागे तो समाप्त होते चले जाएंगे। हिन्दुओं के खात्मे की बड़ी भयंकर साजिश रची जा रही है।
अभी हाल ही में एक सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा था उसमें बताया कि ये वीडियो नायगाओ पश्चिम में  विजय पार्क चेल्सी बिल्डिंग में रहने वाले गुजराती परिवार किरीट बारिया का है, इनकी बिल्डिंग में सारे परिवार क्रिश्चन है, सिर्फ यही एक फैमिली हिन्दू है। इनको  पिछले 10 साल से प्रताड़ित किया जा रहा है कभी पानी बन्द कर देते है, कभी मार पीट करते है। अभी नवरात्रि में इनके घर के बाहर तुलसी का पौधा तोड़ दिया, बच्चो से मारपीट की ओर कहा कि तुम लोग क्रिश्चन बन जाओ । पुलिस भी इनको सहयोग नहीं कर रही है।
उत्तर प्रदेश में भी आए दिन धर्म परिवर्तन करने के मामले सामने आते हैं। जहां आये दिन जबरन धर्मपरिवर्तन कराया जाता है, धर्म की आड़ में ना जाने कितने लोगों को निशाना बनाया जाता है, उत्तर प्रदेश में रहेने वाले लोगों को जबरदस्ती या फिर उनकी कमज़ोरी का फायदा उठाकर उन्हें धर्मपरिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है। जिसको लेकर आए दिन हंगामा हो रहा है। नया मामला कानपुर का है, जहां श्रवण को जबरन धर्मपरिवर्तन करने को मजबूर कर रहे थे, लेकिन श्रवण को अपना हिंदू धर्म छोड़ कर किसी और धर्म में जाना मंजूर नहीं था इसलिए पुलिस से धर्म परिवर्तन करवाने की शिकायत कर डाली।
श्रवण ने बताया कि उसके इलाके में चर्च का पादरी प्रदीप राव लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कर गुमराह कर रहा है।
आपको बता दें कि केवल उत्तर प्रदेश या मुम्बई में ही नही भारत में हर कोने में ईसाई पादरी प्रलोभन देकर धर्मान्तरण करवा रहे हैं दूसरी और मुस्लिमों द्वारा जबरन धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है अभी भी हिन्दू नहीं जागे तो जैसे आठ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गये है ऐसे ही अन्य राज्यों में भी होने लगेंगे ।
 वेटिकन सिटी और इस्लामिक देशों द्वारा भारतीय मीडिया में भारी फंडिंग की जा रही है जिससे वे श्री राम मंदिर, धारा 370, गौ-हत्या, महंगाई, किसानों की आत्महत्या, जवानों की हत्या, हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार आदि समस्याओं पर बहस नहीं करके केवल हिन्दू साधु-संतों के खिलाफ ही खबरें दिखाते हैं और भोले हिन्दू इसी बात को सही समझकर उनके ही धर्मगुरुओं पर उंगली उठाता है और गलत बोलता है जबकि मीडिया ईसाई पादरियों और मौलवियों द्वारा हो रहे कुकर्मो को छुपाता है क्योंकि उनके द्वारा फंडिग की जा रही है।
गौरतलब है कि आजतक जिन्होंने भी हिन्दू धर्म की हित की बात की, धर्मांतरण पर रोक लगाई, हिन्दुओ की घर वापसी करवाई, विदेशी कम्पनियों का बहिष्कार करवाया, पाश्चात्य संस्कृति का विरोध किया उन हिन्दू साधु-संतों एवं कार्यकताओं के खिलाफ सुनियोजित षडयंत्र करके उनकी हत्या करवा दी या मीडिया द्वारा बदनाम करवाकर राजनेताओं से मिलकर जेल में भिजवा दिया ।
अतः हिन्दू आज भी एकजुट होकर इन षडयंत्रों का विरोध नहीं करेंगे तो एक के बाद एक हिन्दुओं को नष्ट कर दिया जायेगा और हिन्दू अल्पसंख्यक होते जायेंगे ।
Media-christian conversion,

र्इसार्इ कट्टरपंथियों ने राष्ट्रध्वज तथा हिन्दू देवता की प्रतिमा जलार्इ, मीडिया ने साधी चुप्पी

अक्टूबर 2, 2017
मिजोरम के लुन्ग्लेर्इ जिले में 21 सितंबर को र्इसार्इ पंथ के कुछ कार्यकर्ताआें द्वारा हिन्दू देवता की प्रतिमा तथा राष्ट्रध्वज जलाने की घटना सामने आर्इ है । उस समय इन कार्यकर्ताआें ने यह भी कहा कि, उन्हें भारत में नहीं रहना है, वे भारत से स्वतंत्रता चाहते हैं । इस घटना से यह तथ्य सामने आया है कि, मिजोरम में अलगाववादी कट्टरपंथियों की ताकत बढ़ रही है ।
प्रारंभ में पुलिस ने इस घटना को दबाकर रखने का प्रयास किया था क्योंकि उन्हें राज्य की शांति में बाधा नहीं डालनी थी, परंतु सोशल मीडिया के माध्यम से जब ये वीडियो सामने आया, तब पुलिस ने अपराधियों की खोज करना प्रारंभ किया । मिजोरम में 87 प्रतिशत लोग र्इसार्इ पंथ के हैं तथा हिन्दू वहां अल्पसंख्यंक हैं । पहले हिन्दू बहुसंख्यक थे पर ईसाईयों ने हिन्दुओं का धर्मांतरण करके ईसाई बना दिया ।
Christian fundamentalists burnt incense of national flag and Hindu deity,The media is silent
यह पढ़कर कुछ सूत्र ध्यान में आते है :
1.कई भोले देशवासी प्रश्न करते हैं कि धर्मपरिवर्तन करने से कोई नुकसान नही होगा लेकिन देश में अल्पसंख्यंक होनेवाले हिन्दू जब बहुसंख्यंक हो जाते हैं, तो उसका परिणाम क्या हो सकता है..??
यह दर्शानेवाला यह आैर एक उदाहरण है ।
 इसी प्रकार आज हिन्दूआें की स्थिति कश्मीर के बाद कर्इ राज्य तथा राज्यों के कुछ जिलों में हो रही है ।
2. भारत में हिन्दूआें पर तथा उनके श्रद्धास्थानों पर धर्मांध जिहादी आक्रमण कर ही रहे हैं,अब उनके साथ धर्मांध र्इसार्इ भी हिन्दूआें के विरूद्ध हिंसापर उतर आए हैं, ऐसा इस घटना से प्रतीत होता है । यह स्थिति रोकने हेतु हिन्दुआें का प्रभावी संगठन होना यही समय की मांग है ।
हिन्दुओं भविष्य में जीवित रहने तथा धर्म एवं राष्ट्र की रक्षा करने हेतु संगठित होकर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करें ।
3. भारत में इससे पूर्व भी र्इसार्इयों ने हिन्दूआें पर भयंकर अत्याचार किए हैं, जिसका उदाहरण है ‘गोवा इन्क्विजिशन’ । आज भी कर्इ जगह वे हिन्दूआें को प्रलोभन दिखाकर या अन्य मार्गों से धर्मान्तरित कर रहे हैं । गोवा में तो मिशनरियों ने उनका विरोध करने वाले हिन्दू कार्यकर्ताआें पर झूठे आरोप भी लगाए थे तथा कुछ कार्यकर्ताआें पर आक्रमण भी किया था ।
क्या यही है र्इसार्इयों की मानवता ?
 क्या यही है उनका प्रेम ?
4. मिजोरम में आज ये र्इसार्इ हिन्दू देवता की प्रतिमा जला रहे हैं, राष्ट्रध्वज जला रहे हैं तथा भारत से स्वतंत्रता चाहते हैं । पुलिस भी उनपर कड़ी कार्यवाही करने की बजाए इस घटना को दबाने का प्रयास कर रही है । इसलिए इन धर्मांध र्इसार्इ तत्त्वों पर तथा निष्क्रिय पुलिस पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए ।
5. इतनी बडी घटना होने पर भी सेक्युलर मीडिया आैर कार्यकर्ता चुप क्यों है ?
 केवल मुस्लिम या र्इसार्इयों के विरूद्ध कुछ होता है तभी ‘भारत में असहिष्णुता बढ चुकी है’ ऐसा साक्षात्कार इन्हें होता है ?
क्या ऐसी दोगली मीडिया का संपूर्ण बहिष्कार करना चाहिए !!
आप क्या कर सकते हैं..???
1. देशद्रोही मांग करनेवाले मिजोरम के र्इसार्इ कार्यकर्ताआें के विरूद्ध तुरंत कड़ी कार्यवाही हो, यह मांग मिजोरम सरकार तथा केंद्र सरकार से आप कर सकते हैं । इसमें आप इमेल, सोशल मीडिया तथा अन्य मार्गों का उपयोग भी कर सकते है ।
2. अपने शहर / गांव में यदि कोर्इ मिशनरी संस्था हिन्दुआें को लालच देकर उन्हें धर्म-परिवर्तन करने के लिए कह रही हो, तो उसकी शिकायत तुरंत पुलिस में करें ।
3. अपने क्षेत्र में सभी हिंदुओं को र्इसार्इयों द्वारा हो रहे धर्मांतरण के विषय में जागृत करें ।
4. साथ ही कोर्इ भी हिन्दू धर्मांतरण की बलि ना चढें, इसके लिए प्रत्येक हिन्दू धर्मशिक्षा लें । इस विषय में विस्तृत लेख आप यहां पढ सकते हैं आैर उसे अपने मित्र-परिवार को शेयर भी कर सकते हैं : https://www.hindujagruti.org
5. हिन्दू जनजागृति समिति की आेर से धर्म परिवर्तन के विषय में जागृति करने हेतु कुछ ग्रंथ प्रकाशित किए गए है । आप स्वयं इन्हें खरीद सकते है तथा अन्यों को भी यह ग्रंथ पढने हेतु बता सकते है ।
indonesia & india the-limits-of-atrocities-hindus-are-ending-in-indonesia-bangladesh-and-pakistan

अत्याचार की हदें हुई पार: इंडोनेशिया, बांग्लादेश व पाकिस्तान में तेजी से खत्म हो रहे हैं हिन्दू |

सितम्बर 8, 2017
 भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और रोहंगिया को देशवासियों की सुरक्षा को देखते हुए वापस भेजने का फैसला लिया गया तो मानवाधिकारी केन्द्र के इस फैसले को अत्याचार कह कर विरोध कर रहे हैं और कुछ वकील तो सरकार के फैसले के खिलाफ अदालत में बिना सोचे समझे याचिका भी दायर कर रहे हैं । शायद ये बुद्धिजीवी इंडोनेशिया, बांग्लादेश और पाकिस्तान की घटनाओं से वाकिफ नहीं हैं । भारत की तरह इंडोनेशिया भी हिन्दू राष्ट्र हुआ करता था लेकिन अब वहाँ हिन्दुओं की तादाद न के बराबर रह गयी है। वजह है अवैध तरीके से वहाँ बसे लोग जिन्होंने अपनी तादाद बढ़ाने के लिए हिंदुत्ववादियों को मारना शुरू कर दिया और अगर बात करें खुद भारत की तो जहां-जहां से भारत की सीमा बांग्लादेश से लगती है अब वहां जातीय गणित गड़बड़ा रहा है। वहाँ हिन्दू अल्पसंख्‍यक और मुसलमान बहुसंख्‍यक हो गये हैं । बांग्लादेश की ओर से घुसपैठ जारी है जिसके चलते असम में हालात बिगड़ रहे हैं ।
Extinction of Hindus In Indonesia
आपको बता दें कि जब पाकिस्तान का जबरन हिस्सा बन गए बंगालियों ने विद्रोह छेड़ दिया तो इसे कुचलने के लिए पश्‍चिमी पाकिस्तान ने अपनी पूरी ताकत लगाते हुए हिन्दुओं को चुन-चुनकर मारना शुरू कर दिया। जिसमें लाखों बंगालियों की मौत हुई। हजारों बंगाली औरतों का बलात्कार हुआ।
 आकड़ो के अनुसार लगभग 30 लाख से ज्यादा हिन्दुओं का युद्ध की आड़ में कत्ल कर दिया गया। 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ 9 महीने तक चले बांग्लादेश के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान हिन्दुओं पर अत्याचार, बलात्कार और नरसंहार के आरोपों में दिलावर को दोषी पाया गया तो भारतीय सेना ने अपना खून बहाकर सन् 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान के कब्जे से आजाद कराया । इस खूनी संघर्ष में पूर्वी बंगाल (बांग्लादेश) के लगभग 1 करोड़ मुसलमान भारत के पश्‍चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्य में आ गये । जिनकी  संख्‍या 1 करोड़ से बढ़कर 3.50 करोड़ के आसपास हो गई है।
 जहां-जहां से भारत की सीमा बांग्लादेश से लगती है वहाँ हिन्दू अल्पसंख्‍यक और मुसलमान बहुसंख्‍यक हो गये हैं ।
आपको बता दें कि 2011 में बांग्लादेशी सरकार द्वारा जारी किए गए धार्मिक जनगणना के डाटा अनुसार इस समय बांग्लादेश में हिन्दुओं की संख्या महज 8.6 प्रतिशत रह गई है। बांग्लादेश में हिन्दुओं पर कई उत्पीड़न के मामले भी सामने आये हैं जिसमें हिन्दुओं की संपत्ति को लूटा गया, घरों को जला दिया गया तथा मंदिरों को आग के हवाले कर दिया गया ।
वही इंडोनेशिया में बाली द्वीप प्रांत पर ही हिन्दू बचे हैं। कभी हिन्दू राष्ट्र रहे इंडोनेशिया में आज भी हिन्दू काल के कई प्रचीन और विशालकाय मंदिर मौजूद हैं जो उस देश की पहचान हैं। वहाँ के मुस्लिमों को कभी हिन्दुओं से तकलीफ नहीं रही है क्यूंकि वे जानते हैं कि उनके पूर्वज हिन्दू थे लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वहां बाहरी लोगों ने आकर कट्टरवाद को बढ़ावा दिया है। वर्तमान में यहां पर अल कायदा और आईस के सक्रिय होने से देश की सरकार‍ चिंता में है और वहाँ के हिन्दू नागरिकों पर भी खतरा मंडरा रहा है ।
पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा है। #स्कूलों में #इस्लाम की #शिक्षा दी जाती है। गैर-मुस्लिमों, खासकर हिंदुओं के साथ असहिष्णु व्यवहार किया जाता है।  #हिंदू युवतियों और महिलाओं के साथ #दुष्कर्म, #अपहरण की घटनाएं आम हैं। उन्हें #इस्लामिक मदरसों में रखकर जबरन #धर्मतांरण का दबाव डाला जाता है। गरीब हिंदू तबका बंधुआ मजदूर की तरह जीने को मजबूर है। हिंसक हमले भी किये जाते है । अभी कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के थार जिले में एक नाबालिग हिन्दू लड़की का कथित तौर पर अपहरण करके उसको धर्मान्तरित करा दिया गया।
अब जानिए भारत क्यों रोहिंग्याओं को वापस भेजना चाहता है…
केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि UNHCR का पेपर होने के बावजूद रोहिंग्या शरणार्थियों को भारत में नहीं रहने दिया जा सकता। भारत रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इसके पीछे के कुछ कारण ये हैं…
भारत में 40,000 रोहिंग्या शरणार्थी जम्मू, हैदराबाद, देहली-एनसीआर, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में शरण लिए हुए हैं। इनमें 17,000 के पास UNHCR के कागजात हैं।
1. शरणार्थियों के आतंकी संगठनों से संबंध है !
2. रोहिंग्या शरणार्थी न केवल भारतीय नागरिकों के अधिकार पर अतिक्रमण कर रहे हैं अपितु सुरक्षा के लिए भी चुनौती हैं !
3. रोहिंग्या शरणार्थियों के कारण सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक समस्याएं खड़ी हो सकती हैं !
4. इसके पीछे की एक सोच यह भी है कि, भारत के जनसांख्यिकीय स्वरूप सुरक्षित रखा जाए !
मुद्दे की बात यह है कि जिस तरह से घुसपेठियों ने देश में आकर देश की जनता को मजहब के नाम पर और खुद की संख्या ज्यादा करने के लिए मारना शरू किया है उससे देश में आतंक फैल सकता है जिससे खून खराबे हो सकते हैं जो कि किसी भी देश के लिए सही बात नहीं है । इसलिए इस पर काबू पाना अनिवार्य बन गया है। जिसपर केंद्र ने फैसला भी लिया लेकिन कुछ बुद्धिजीव इस बात को समझ नहीं रहे हैं ।
conspiracy against lord buddha

भगवान बुद्ध के साथ भी यही हुआ था

अभी जिन संतों पर आरोप लग रहे हैं उनके भक्त दुःखी न हो, भगवान बुद्ध के साथ भी यही हुआ था
कपिलवस्तु के राजा #शुद्धोदन का युवराज था सिद्धार्थ! यौवन में कदम रखते ही #विवेक और #वैराग्य जाग उठा। युवान पत्नी #यशोधरा और नवजात शिशु #राहुल की मोह-ममता की रेशमी जंजीर काटकर महाभीनिष्क्रमण (गृहत्याग) किया। एकान्त अरण्य में जाकर गहन ध्यान साधना करके अपने साध्य तत्त्व को प्राप्त कर लिया।
conspiracy against lord buddha
🚩एकान्त में तपश्चर्या और ध्यान साधना से खिले हुए इस आध्यात्मिक कुसुम की मधुर सौरभ लोगों में फैलने लगी। अब #सिद्धार्थ भगवान #बुद्ध के नाम से जन-समूह में प्रसिद्ध हुए। हजारों हजारों लोग उनके उपदिष्ट मार्ग पर चलने लगे और अपनी अपनी योग्यता के मुताबिक #आध्यात्मिक यात्रा में आगे बढ़ते हुए #आत्मिक शांति प्राप्त करने लगे। असंख्य लोग बौद्ध भिक्षुक बनकर भगवान बुद्ध के सान्निध्य में रहने लगे। उनके पीछे चलने वाले अनुयायियों का एक संघ स्थापित हो गया।
 🚩चहुँ ओर नाद गूँजने लगे :
 बुद्धं शरणं गच्छामि।
धम्मं शरणं गच्छामि।
संघं शरणं गच्छामि।
🚩श्रावस्ती नगरी में भगवान बुद्ध का बहुत यश फैला। लोगों में उनकी जय-जयकार होने लगी। लोगों की भीड़-भाड़ से विरक्त होकर बुद्ध नगर से बाहर जेतवन में आम के बगीचे में रहने लगे। नगर के पिपासु जन बड़ी तादाद में वहाँ हररोज निश्चित समय पर पहुँच जाते और उपदेश-प्रवचन सुनते। बड़े-बड़े राजा महाराजा भगवान बुद्ध के सान्निध्य में आने जाने लगे।
🚩समाज में तो हर प्रकार के लोग होते हैं। अनादि काल से दैवी सम्पदा के लोग एवं #आसुरी सम्पदा के लोग हुआ करते हैं। बुद्ध का फैलता हुआ यश देखकर उनका तेजोद्वेष करने वाले लोग जलने लगे। संतों के साथ हमेशा से होता आ रहा है ऐसे उन #दुष्ट तत्त्वों ने #बुद्ध को #बदनाम करने के लिए #कुप्रचार किया। विभिन्न प्रकार की युक्ति-प्रयुक्तियाँ लड़ाकर बुद्ध के यश को हानि पहुँचे ऐसी बातें समाज में वे लोग फैलाने लगे। #उन दुष्टों ने अपने #षड्यंत्र में एक #वेश्या को #समझा-बुझाकर #शामिल कर लिया।
🚩वेश्या बन-ठनकर जेतवन में भगवान बुद्ध के निवास-स्थान वाले बगीचे में जाने लगी। धनराशि के साथ दुष्टों का हर प्रकार से सहारा एवं प्रोत्साहन उसे मिल रहा था। रात्रि को वहीं रहकर सुबह नगर में वापिस लौट आती। अपनी सखियों में भी उसने बात फैलाई।
🚩लोग उससे पूछने लगेः “अरी! आजकल तू दिखती नहीं है?कहाँ जा रही है रोज रात को?”
🚩“मैं तो रोज रात को जेतवन जाती हूँ। वे बुद्ध दिन में लोगों को उपदेश देते हैं और रात्रि के समय मेरे साथ रंगरलियाँ मनाते हैं। सारी रात वहाँ बिताकर सुबह लौटती हूँ।”
🚩वेश्या ने पूरा स्त्रीचरित्र आजमाकर #षड्यंत्र करने वालों का साथ दिया । लोगों में पहले तो हल्की कानाफूसी हुई लेकिन ज्यों-ज्यों बात फैलती गई त्यों-त्यों लोगों में जोरदार विरोध होने लगा। लोग बुद्ध के नाम पर फटकार बरसाने लगे। बुद्ध के भिक्षुक बस्ती में भिक्षा लेने जाते तो लोग उन्हें गालियाँ देने लगे। बुद्ध के संघ के लोग सेवा-प्रवृत्ति में संलग्न थे। उन लोगों के सामने भी उँगली उठाकर लोग बकवास करने लगे।
🚩बुद्ध के शिष्य जरा असावधान रहे थे। #कुप्रचार के समय साथ ही साथ सुप्रचार होता तो कुप्रचार का इतना प्रभाव नहीं होता। 
🚩शिष्य अगर निष्क्रिय रहकर सोचते रह जायें कि ‘करेगा सो भरेगा… भगवान उनका नाश करेंगे..’ तो कुप्रचार करने वालों को खुल्ला मैदान मिल जाता है।
🚩#संत के #सान्निध्य में आने वाले लोग #श्रद्धालु, #सज्जन, #सीधे सादे होते हैं, जबकि #दुष्ट प्रवृत्ति करने वाले लोग #कुटिलतापूर्वक #कुप्रचार करने में #कुशल होते हैं। फिर भी जिन संतों के पीछे सजग समाज होता है उन संतों के पीछे उठने वाले कुप्रचार के तूफान समय पाकर शांत हो जाते हैं और उनकी सत्प्रवृत्तियाँ प्रकाशमान हो उठती हैं।
🚩कुप्रचार ने इतना जोर पकड़ा कि बुद्ध के निकटवर्ती लोगों ने ‘त्राहिमाम्’ पुकार लिया। वे समझ गये कि यह व्यवस्थित आयोजन पूर्वक षड्यंत्र किया गया है। बुद्ध स्वयं तो पारमार्थिक सत्य में जागे हुए थे। वे बोलतेः “सब ठीक है, चलने दो। व्यवहारिक सत्य में वाहवाही देख ली। अब निन्दा भी देख लें। क्या फर्क पड़ता है?”
🚩शिष्य कहने लगेः “भन्ते! अब सहा नहीं जाता। संघ के निकटवर्ती भक्त भी अफवाहों के शिकार हो रहे हैं। समाज के लोग अफवाहों की बातों को सत्य मानने लग गये हैं।”
🚩बुद्धः “धैर्य रखो। हम पारमार्थिक सत्य में विश्रांति पाते हैं। यह #विरोध की #आँधी चली है तो शांत भी हो जाएगी। समय पाकर सत्य ही बाहर आयेगा। आखिर में लोग हमें जानेंगे और मानेंगे।”
 🚩कुछ लोगों ने अगवानी का झण्डा उठाया और राज्यसत्ता के समक्ष जोर-शोर से माँग की कि बुद्ध की जाँच करवाई जाये। लोग बातें कर रहे हैं और वेश्या भी कहती है कि बुद्ध रात्रि को मेरे साथ होते हैं और दिन में सत्संग करते हैं।
🚩बुद्ध के बारे में जाँच करने के लिए राजा ने अपने आदमियों को फरमान दिया। अब षड्यंत्र करनेवालों ने सोचा कि इस जाँच करने वाले पंच में अगर सच्चा आदमी आ जाएगा तो #अफवाहों का सीना चीरकर सत्य बाहर आ जाएगा। अतः उन्होंने अपने #षड्यंत्र को आखिरी पराकाष्ठा पर पहुँचाया। अब ऐसे ठोस सबूत खड़ा करना चाहिए कि बुद्ध की प्रतिभा का अस्त हो जाये।
🚩उन्होंने वेश्या को दारु पिलाकर जेतवन भेज दिया। पीछे से गुण्डों की टोली वहाँ गई। वेश्या के साथ बलात्कार आदि सब दुष्ट कृत्य करके उसका गला घोंट दिया और लाश को बुद्ध के बगीचे में गाड़कर पलायन हो गये।
🚩लोगों ने #राज्यसत्ता के द्वार खटखटाये थे लेकिन सत्तावाले भी कुछ #लोग दुष्टों के साथ #जुड़े हुए थे। ऐसा थोड़े ही है कि सत्ता में बैठे हुए सब लोग दूध में धोये हुए व्यक्ति होते हैं।
🚩राजा के अधिकारियों के द्वारा जाँच करने पर वेश्या की लाश हाथ लगी। अब दुष्टों ने जोर-शोर से चिल्लाना शुरु कर दिया।
🚩“देखो, हम पहले ही कह रहे थे। वेश्या भी बोल रही थी लेकिन तुम भगतड़े लोग मानते ही नहीं थे। अब देख लिया न? बुद्ध ने सही बात खुल जाने के भय से वेश्या को मरवाकर बगीचे में गड़वा दिया। न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी। लेकिन सत्य कहाँ तक छिप सकता है? मुद्दामाल हाथ लग गया। इस ठोस सबूत से बुद्ध की असलियत सिद्ध हो गई। सत्य बाहर आ गया।”
🚩लेकिन उन मूर्खों का पता नहीं कि तुम्हारा बनाया हुआ कल्पित सत्य बाहर आया, वास्तविक सत्य तो आज ढाई हजार वर्ष के बाद भी वैसा ही चमक रहा है। आज बुद्ध भगवान को लाखों लोग जानते हैं, आदरपूर्वक मानते हैं। उनका तेजोद्वेष करने वाले दुष्ट लोग कौन-से नरकों में जलते होंगे क्या पता!
🚩अभी जिन #संतों के ऊपर #आरोप लग रहे है उनके भक्त अगर सच्चाई किसी को बताने जाएंगे तो #दुष्ट प्रकृति के लोग तो बोलेंगे ही लेकिन जो #हिंदूवादी और #राष्ट्रवादी कहलाने वाले लोग है वे भी यही बोलेंगे की कि बुद्ध तो भगवान थे, आजकल के संत ऐसे ही है, उनको इतने पैसे की क्या जरूत है? लड़कियों से क्यों मिलते हैं..??? ऐसे कपड़े क्यों पहनते हैं..??? आदि आदि
 🚩पर उनको पता नही है कि पहले ऋषि मुनियों के पास इतनी सम्पत्ति होती थी कि राजकोष में धन कम पड़ जाता था तो ऋषि मुनियों से लोन लिया जाता था और रही कपड़े की बात तो कई भक्तों की भावना होती है तो पहन लेते हैं और लड़कियां दुःखी होती हैं तो उनके मां-बाप लेकर आते हैं तो कोई दुःख होता है तो मिल लेते हैं,उनके घर थोड़े ही बुलाने जाते हैं और भी कई तर्क वितर्क करेगे लेकिन आप सब दुःखी नहीं होना, सबके बस की बात नही है कि महापुरुषों को पहचान पाये, आप अपने गुरूदेव का #प्रचार #प्रसार करते रहें,एक दिन ऐसा आएगा कि निंदा करने वाले भी आपके पास आयेंगे और बोलेंगे कि मुझे भी अपने गुरु के पास ले चलो ।
🚩जय हिन्द
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वेटिकन के विश्व प्रमुख काडर्निल जॉर्ज पेल पर बाल यौन अपराध के आरोप तय

वेटिकन के विश्व प्रमुख काडर्निल जॉर्ज पेल पर बाल यौन अपराध के आरोप तय
जून 30, 2017
सिडनी
: पोप के सहायक वेटिकन के विश्व प्रमुख काडर्निल जॉर्ज पेल पर ऑस्ट्रेलिया
में कई बाल यौन अपराधों के कारण आज (29 जून 2017) आरोप तय किए गए । देश के
सबसे वरिष्ठ कैथोलिक धर्मगुरू पेल से गत वर्ष अक्तूबर में आस्ट्रेलियाई
पुलिस ने रोम में पूछताछ की थी ।
उपायुक्त शेन पैट्टन ने संवाददाताओं से कहा,
विक्टोरिया
पुलिस ने यौन हमलों के अपराधों को लेकर काडर्निल जॉर्ज पेल पर कई आरोप तय
किए हैं जो ऐतिहासिक है । इन आरोपों से संबंधित कई शिकायतें थी।  पेट्टन ने
कहा कि 76 वर्षीय काडर्निल को 18 जुलाई को सुनवाई के लिए मेलबोर्न की
मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश होना होगा ।
पेल
को 1971 में ऑस्ट्रेलिया लौटने से पहले 1966 में रोम में पादरी बनाया गया
था और देश के शीर्ष कैथोलिक अधिकारी बनाया गया था । पोप फ्रांसिस द्वारा
चर्च के वित्तीय मामलों को और अधिक पारदर्शी तरीके से संभालने के लिए चुने
जाने के बाद वह 2014 में वेटिकन रवाना हुआ ।
स्त्रोत : जी न्यूज
आपको
बता दें कि पिछले साल ईसाईयों के सर्वोच्च धर्मगुरु ‘पोप’ जान पॉल के ‘लव
लेटर्स’ भी सामने आये थे जिन्होंने एक शादीशुदा अमेरिकी विचारक महिला
अन्ना-टेरेसा ताइमेनिका से रिश्ता रखा हुआ था ।
ईसाई धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु स्वयं ही छोटे-छोटे बच्चों का यौन शोषण करते हैं वो दूसरों का क्या भला करेंगे?
सबसे
बड़ी आश्चर्य की बात तो ये है कि जब भी किसी निर्दोष हिन्दू संत पर कोई भी
छोटा सा झूठा आरोप लगता है तो मीडिया दिन-रात ब्रेकिंग न्यूज बनाकर उसमें
मिर्च-मसाला डाल कर दिखाती है । लेकिन ईसाई धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरु पर
बच्चों के साथ किये दुष्कर्म का आरोप साबित भी हो गया है फिर भी मीडिया चुप
क्यों है..???
क्या मीडिया को वेटिकन चर्च  से फंडिग आती है?
सुदर्शन
न्यूज चैनल के मालिक श्री सुरेश चव्हाणके की बात यहाँ सही निकलती है कि
भारत की मीडिया को अधिकतर फंडिग वेटिकन सिटी जो ईसाई धर्म का बड़ा स्थान है
वहाँ से आता है इसलिए मीडिया केवल हिन्दू धर्म के साधु-संतों को बदनाम करती
है और ईसाई पादरियों के दुष्कर्म को छुपाती है ।
अब आपके मन मे प्रश्न होता होगा कि उनको इससे क्या फायदा होगा?
आपको बता दें कि भारतीय मीडिया को हिन्दू संतों को बदनाम करने के लिए और पादरियों के दुष्कर्म छुपाने के लिए पैसा मिलता है ।
अगर हिन्दू साधु-संतों के प्रति देशवासियों की आस्था बनी रही तो भारत में धर्मांतरण का कार्य आसानी से नहीं होगा।
अब सवाल है कि धर्मांतरण करवाने से उनको क्या फायदा मिलेगा..??
भारतीय
संस्कृति वो उत्तम और पवित्र संस्कृति है जो हमें कम सुविधाओं में भी सुखी
स्वस्थ और सम्मानित जीवन जीने की शैली देती है । पश्चिमी संस्कृति में भोग
की प्रधानता है जबकि भारतीय संस्कृति में योग की प्रधानता है । ये वो
संस्कृति है जो मानव को महेश्वर तक की यात्रा कराने में सक्षम है और दूसरी
ओर पाश्चात्य संस्कृति बाहरी चकाचौंध वाले जीवन को ही सर्वस्व समझती है।
अब
अगर भारत पर राज्य करना है तो सबसे पहले भारतवासियों का नैतिक व चारित्रिक
पतन कराना होगा व इनके आस्था के केंद्रों को तोड़ना होगा ।
यही काम मीडिया द्वारा मिशनरियाँ करा रही हैं हिन्दू साधु संतों के प्रति समाज के मन में नफरत पैदा करके ।
अतः हिन्दू सावधान !!
जो
भी दुष्कर्मी पादरी आपको धर्म परिवर्तन करने को बोले या आपके आसपास कहीं
भी धर्म परिवर्तन हो रहा हो तो उसका पुरजोर विरोध करें और उनको पुलिस के
हवाले करें ।
जो भी मीडिया
आपको सच्चाई से अवगत न कराए पर अनर्गल खबरें बना-बनाकर हिन्दू साधू-संतों
और हिन्दू कार्यकर्ताओं के विरुद्ध ही खबरें दिखाए तो
समझ जाना कि ये विदेश फंडिग मीडिया है जो देश को तोड़ने का काम कर रही है ।
जागो हिन्दू !!

ईसाई मिशनरियां दलित एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का काम पुरजोश से कर रही हैं

ईसाई मिशनरियां दलित एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का काम पुरजोश से कर रही हैं
जून 23, 2017
विश्रामपुर
(झारखंड) : भूत प्रेत से शांति दिलाने के नाम पर ईसाई मिशनरियां दलित
पिछड़े वर्ग एवं गरीबों का धर्म परिवर्तन कराने का जोरशोर से काम कर रही हैं
। पिछले दिनों राज्यस्तरीय पार्टी कार्यकर्ता की बैठक में धर्मांतरण पर
सक्त कानून बनाने की बात मुख्यमंत्री #रघुवर दास की ओर से कही गई थी। परंतु
इसका कोई प्रभाव लोगों पर नहीं पड़ा । धर्मांतरण का खेल चरम सीमा पर है।
कुछ बिचौलिये भोले भाले गरीब परिवार को लालच देकर अपने लक्ष्य में सफल हो
रहे हैं। इसमें विश्रामपुर व नावा बाजार थाना क्षेत्र भी इसमें पीछे नहीं
है।
conversion
थाना
क्षेत्र के #उमेश चौधरी, #सुगेंद्र उरांव, #विजय राम व तोलरा गांव से
#गणेश उरांव, #चतुगुण उरांव जैसे दर्जनों लोगों ने बातचीत के क्रम में
स्वीकार किया है कि धर्मांतरण के बाद उन्हें भूत प्रेत से शांति मिली है।
नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुकबेरा गांव निवासी बिशुनदेव भुइयां ने बताया
कि, उनकी पत्नी का दो बार गर्भपात हो गया था। पुत्र प्राप्ति के मोह में
ईसाई धर्म स्वीकार करने को कहा गया है और वे धर्मांतरित भी हो गए ।
#धर्मांतरण
करने वाले कुछ लोग शहर में किराए के मकान में रहते हैं। साथ हीं अपने आप
को ऊंची जाति का हवाला देकर कहते हैं कि, हमने ईसाई धर्म अपना लिया है तो
तुम दलित पिछड़े लोग अपनाने से क्यों परहेज कर रहे हो..??
इसमें कोई पाप नहीं। लोगों को बताया जाता है कि प्रभु यीशु
से तुम्हारा सम्पर्क होगा । घर में सुख शांति आएगी। सभी प्रकार के दर्द
पीड़ाएँ दूर होंगी । इसके साथ साथ लोगों को कहा जाता है कि ईसाई धर्म ही बड़ा
धर्म है।
तुकबेरा
गांव के एक भुईयां परिवार ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध एक विडियो में स्वीकार
किया है कि ईसाई धर्म अपनाने से दर्द पीड़ाएं भूत- प्रेतो से शांति मिलती
है। चर्च में गरीबों को मुर्गा भात खिलाकर उन्हे धर्म परिवर्तन कराया जा
रहा है। राजहारा कोठी निवासी सुमंत साव के पूरा परिवार ने इसलिए हिन्दू
धर्म त्याग कर दिया कि भूत प्रेत से शांति चाहिए थी। जो ईसाई धर्म अपनाने
से मिली। जब ईसाई धर्मांतरण से दर्द पीड़ा व भूत-प्रेत से शांति मिलती है तो
सरकार द्वारा स्वास्थ्य पर किया जा रहा करोडो़ का खर्चा बेमानी है।
इस
क्षेत्र में #धर्मांतरण कर ईसाई बनाने का खेल वर्षों से चल रहा है। परंतु
तीन वर्षों से क्षेत्रों में धर्मांतरण का कार्य हावी है। इससे पूर्व ईसाई
बने लोग मेदिनीनगर जाकर रविवार को प्रार्थना करते थे। बढ़ती संख्या को देखते
हुए धर्म के दलाल स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि से संपर्क स्थापित किए। जिसने
लालच में आकर प्रत्येक रविवार को सार्वजनिक जगहों पर प्रार्थना की अनुमति
दे दी। पिछले साल 2015 में गांव में एक विशाल गिरजाघर बना दिया गया। जहां
प्रत्येक रविवार को प्रार्थना कराई जाती है। साथ ही बाहर से आने वाले फादर
या पास्टर अंधविश्वास से जकडे़ लोगों को धर्म अपनाने के बाद मुक्त होने की
बात कहते हैं। जिसके बहकावे में लोग आ रहे हैं।
#धर्मांतरण के विरुद्ध #कार्रवाई की मांग
प्रखंड
के #अनुसूचित जाति, जन जाति व पिछड़ी जाति के लगभग तीन सौ लोगों ने
धर्मातरण कर लिया है। इसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने की
है। इनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों ने आदिम
जनजाति,अनुसूचित जाति-जनजाति और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों
को विदेशी धन के बल पर प्रलोभन देकर धर्मांतरित करने का अभियान चलाया है।
नावाबाजार थाना क्षेत्र के राजहारा कोठी, तुकबेरा, छतवा इसका प्रत्यक्ष
प्रमाण है।
उन्होंने
कहा कि राज्य के कई जिलों में एक रणनीति के तहत भोले-भाले लोगों को
#शिक्षा एवं #स्वास्थ्य सेवा की आड़ में चंगाई करिश्मा दिखाकर #धर्मातरित
किया जा रहा है। इसके कारण गांवों का समीकरण बदल गया है। राजहारा जैसे
हिन्दू बहुल गांव में चर्च बन गए। प्रशासन अनभिज्ञ बना हुआ है। धर्मातरण से
संबंधित संस्था या व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही।
नावा
बाजार के प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक चौपडा ने कहा कि, भूत प्रेत जैसे
अंधविश्वास के नाम पर झूठे भ्रम फैलानेवाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की
जाएगी। क्षेत्र में धर्मांतरण की जानकारी नहीं मिली है। संज्ञान में आने पर
कानूनी कार्रवाई की जायेगी। स्थानीय लोगों से इसकी समुचित जानकारी ली जा
रही है।
 स्त्रोत : जागरण
विदेश
के फिलॉसफर #नित्शे ने बताया कि मैं ईसाई धर्म को एक अभिशाप मानता हूँ,
उसमें आंतरिक #विकृति की पराकाष्ठा है । वह द्वेषभाव से भरपूर वृत्ति है ।
इस भयंकर विष का कोई मारण नहीं । #ईसाईत गुलाम, क्षुद्र और #चांडाल का पंथ
है ।
 #एच.जी.वेल्स ने भी लिखा था कि दुनिया की सबसे बड़ी बुराई है रोमन #कैथोलिक चर्च ।
#डॉ.
एनी बेसेन्ट लिखते हैं कि मैंने 40 वर्षों तक विश्व के सभी बड़े धर्मो का
अध्ययन करके पाया कि हिन्दू धर्म के समान पूर्ण, महान और वैज्ञानिक धर्म
कोई नहीं है ।
2017
साल पुराना, गौ मांस खाने वाला, शराब पीने वाला, छोटे-छोटे बच्चों के साथ
कुकर्म करने वाला ईसाई धर्म बड़ा है या सबको सुखी स्वस्थ और सम्मानित जीवन
जीने देने वाला सनातन धर्म बड़ा???
आपको
बता दें कि अक्टूबर 2016 को #झारखंड के मुख्यमंत्री #रघुवर दास ने कहा था
कि कुछ लोग हमारी हिन्दू संस्कृति और परंपरा को नष्ट करने का प्रयास कर रहे
हैं । लालच या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना अपराध है ।
मुख्यमंत्री
ने लोगों को कहा कि हिन्दू धर्म और #सनातन #संस्कृति पर चोट या आंच
पहुंचाने की कोशिश करने वालों को पकड़ कर पुलिस के हवाले करो ।
पूरी
दुनिया मानती है कि #हिन्दू #धर्म सबसे श्रेष्ठ है और जो उनको ही लालच
देकर धर्मान्तरण करवा रहे हैं उनकी तो जेल में ही जगह होनी चाहिये ।
ये मुख्यमंत्री जी ने बिलकुल सही कहा है ।
जैसा
कि हमने पहले भी बताया है कि रोमन #केथोलिक चर्च का एक छोटा राज्य है जिसे
वेटिकन सिटी बोलते हैं । अपने धर्म (ईसाई) के प्रचार के लिए वे हर साल
करीब​ 17 हजार करोड़ डॉलर खर्च करते हैं ।
वेटिकन के किसी भी व्यक्ति को पता नहीं है कि उनके कितने व्यापार चलते हैं ।
रोम शहर में 33% #इलेक्ट्रॉनिक , प्लास्टिक, #एयर लाइन, #केमिकल और इंजीनियरिंग बिजनेस वेटिकन के हाथ में हैं ।
दुनिया में सबसे बड़े #Shares​ वेटिकन के पास हैं ।
इटालियन #बैंकिंग में उनकी बड़ी संपत्ति है और अमेरिका एवं स्विस बैंकों में उनकी बड़ी भारी deposit है ।
ज्यादा जानकारी के लिए पुस्तक #VATICANEMPIRE पढ़े !!
आपको
बता दें कि ईसाई पादरी छोटे #बच्चे- बच्चियों के साथ #दुष्कर्म करते हैं
लेकिन उनके खिलाफ #मीडिया कुछ नही बोलती बल्कि उनका पक्ष लेती है क्योंकि
90% मीडिया ईसाई मिशनरियों के फंड से चलती है ।
लेकिन
जब कोई हिन्दू साधु-संत या हिन्दू संगठन या सरकार भोले-भाले #हिन्दुओं को
#पैसा, #दवाई, कपड़े आदि देकर धर्मान्तरण के खिलाफ मुहिम चलाते हैं तो
देशद्रोही और बिकाऊ मीडिया उनके खिलाफ देश में एक माहौल बनाकर उनकी छवि को
धूमिल कर देते हैं ।
ईसाई
धर्मान्तरण पर रोक लगाने और हिंदुओं की घरवापसी कराने वाले #जयेन्द्र
सरस्वती, संत #आसारामजी बापू, स्वामी असीमानन्द जैसे अनेक हिन्दू संतों को
जेल भेज दिया गया और स्वामी #लक्ष्मणानन्द जी की तो हत्या करवा दी गई । ऐसे
जो भी धर्मान्तरण के खिलाफ आवाज उठाता है उनको जेल भेज दिया जाता है या तो
हत्या करवा दी जाती है ।
ये देश में बहुत बड़ा #षडयंत्र चल रहा है । हिन्दुओं का दिन-रात धर्मान्तरण करवा रहे हैं ।
#केंद्र_सरकार
को आगे आना चाहिये और #धर्मान्तरण के खिलाफ कानून पारित कर देना चाहिए और
जो भी धर्मान्तरण करता हुआ पाया जाये उसको आजीवन जेल भेज देना चाहिए जिससे
#धर्म #सुरक्षित हो, देश सुरक्षित हो ।
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