प्रेस विज्ञप्ति : निर्दोष संत आसारामजी बापू जेल में, दोषी ईसाई पोप बाहर कैसे ?

Press Release: In innocent Asaram Bapu jail,
how guilty Christian Pope out?
🚩संत आसारामजी बापू के सजा के निर्णय से आहत होकर हिन्दू संगठनो कि दिनांक 2 मई 2018 को हिन्दू महासभा भवन दिल्ली में बैठक हुई।
🚩बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश कौशिकजी ने कहा कि संत आसारामजी बापू कि गिरफ्तारी और सजा इस बात का प्रमाण है कि न्यायालय कि हिन्दू धर्म विरोधी कार्यप्रणाली में कोई कमी नही आई है। संत आसारामजी बापू के पूरे परिवार को पूरी संस्था को प्रताड़ित किया जा रहा है। संत आसारामजी बापू कि गिरफ्तारी और सजा इस बात का प्रमाण है कि 15 अगस्त सन 1947 को भारत कि जनता ने लिखित रूप से ईसाई अंग्रेजो कि गुलामी को स्वीकार कर लिया है। यह हिन्दुओं के लिए चेतावनी है कि यदि भारत की जनता स्वाभिमान और न्याय के साथ  जीना चाहती है तो उसे सन 1857 की स्वतंत्रता की अधूरी लड़ाई को पूरी लड़नी होगी। देश का प्रबुद्ध नागरिक इस अन्याय पूर्ण फैसले पर सवाल जरूर उठाएगा यह उसका संवैधानिक अधिकार और कर्तव्य है। यह बात फैसले कि सुनवाई में स्पष्ट है कि न्यायाधीश महोदय ने संत आसारामजी बापू के वकीलों द्वारा प्रस्तुत लड़की के बालिग होने के प्रमाण पत्रों को संज्ञान में नही लिया। लड़की कि मेडिकल रिपोर्ट में बलात्कार और छेड़खानी के निशान नही पाए गए। स्पष्ट है कि संत आसारामजी बापू के केस में बलात्कार हुआ ही नही है। जो राजनेता बापूजी के चरणों में लोटपोट होते थे वो हिंदुओ कि पीठ में छुरा घोपने वाले साबित हुए, वे इस अत्याचार पर चुप है। सरकार ने पहले भी कई बड़े केसों की फाइलें बन्द की है, जेल में सजा काट रहे आतंकवादियों को छोड़ा है, मुकदमें वापस लिए हैं, सरकार चाहे तो सब कुछ कर सकती है। जिन्होंने श्री रामजी से कपट किया वो संत आसारामजी से क्या निभाएँगे?
🚩हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विष्णु गुप्ता ने कहा बापू आसारामजी कि लीगल टीम को न्यायाधीश के विरुद्ध अपील में जाना चाहिए। हिन्दू सेना न्यायाधीश पर कार्यवाही कि मांग करेगी, सरकार को चेतावनी देगी। राष्ट्र व्यापी आंदोलन करेगी। जो अवसरवादी राजनेता है, तथाकथित हिन्दू संगठन हैं, साधु-संत हैं, हिंदूवादी होने का दावा करते हैं, वे बेनकाब हो चुके हैं । कांग्रेस के पप्पू को इस जन्म में यदि प्रधानमंत्री बनना है तो अधर्मी गुरु ईसाई पोप की शरण छोड़कर अहमद पटेल और सोनिया गांधी के साथ बापूजी के आश्रम में सेवा खोजने के लिए जाना चाहिए और अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहिये। संत आसारामजी बापू जोधपुर जेल में तो  ईसाई पोप जेल से बाहर कैसे? चर्च के अनाथ आश्रम के 235 शारीरिक मानसिक अपंग बच्चों से 20 वर्ष तक यौन शोषण करने के मामले में ईसाई पोप दोषी पाए गए, सन 2010 से  उनकी गिरफ्तारी कि मांग हो रही है।सन 2008 से उड़ीसा के स्वामी लक्ष्मणानंद के हत्यारे ईसाई पोप कि गिरफ्तारी कि मांग हिन्दू संगठन कर रहे हैं ।
🚩श्री मानिक भाईजी अध्यक्ष धर्म रक्षा दल ने कहा छद्म युद्ध के द्वारा हिंदुओं को समाप्त किया जा रहा है उनका शोषण किया जा रहा है। भारत में खुले आम हिन्दू देवी -देवताओं का अपमान हो रहा है ,गौ मांस खाने की खुली घोषणा हो रही है। संविधान का खुला उल्लंघन करके हिंदुओ कि जेब काटी जा रही है। संत आसारामजी बापू इस दैवी -दानवी युद्ध में निर्णायक बिंदु बन गए हैं क्योंकि पूरे विश्व में उनके करोड़ो अनुयायी हैं ।
🚩दारा सेना अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने कहा कि भारत में न्यायालय, राजनेता, प्रचार तंत्र ईसाई मिशनरी के खरीदी गुलाम है। जब चर्च के नक्सली ईसाई आंतकवादी देशद्रोही टीम अन्ना -केजरीवाल कि धुन पर भारत कि जनता आँख बन्द करके नाच रही थी जब देशद्रोही टीम अन्ना-केजरीवाल भारत का तख्ता पलट करके भारत को लीबिया, सीरिया, मिश्र की तरह कब्रिस्तान, खंडहर बनाने के लिए आंदोलन कर रहे थे तब इन देशद्रोही ताकतों को हमने कुचल दिया था। देशद्रोही बिकाऊ मीडिया टीम अन्ना केजरीवाल को भगवान बना रहा था। ईसाई दानवाधिकार आयोग और इसके बिकाऊ भ्रष्ट न्यायाधीशों को हमने कई बार इनकी औकात दिखाई है, सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसले बदलवाए है। अधर्मी ईसाई पोप धर्मान्तरण का धंधा  कर रहे हैं और भारत में कई तरह के आतंकवाद नाम बदल कर चला रहे हैं, सैनिक पुलिस जवानों की आये दिन हत्या करवा रहे हैं ।
🚩चर्च से कई राजनीतिक दल,पक्ष ,विपक्ष कई हिन्दू संगठन,कई साधु संत भारत की हिन्दू जनता को भ्रमित करने के लिए चलाए जा रहे हैं,असली मुद्दे ही गायब हैं। ये दलित,मुस्लिम मुद्दे बना कर दंगे भड़का रहे हैं ।धर्मान्तरण के विरुद्ध संत आसारामजी बापू उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती रहे हैं, इसलिये उनको झूठे आरोप में फंसाया गया है। बापूजी के आश्रम से  प्रकाशित ब्रह्मचर्य महिमा पुस्तक, दिव्य प्रेरणा प्रकाश पुस्तक को विश्व कि सभी शिक्षा संस्थाओ में अनिवार्य रूप से लागू किया जाये । इसकी मांग हमने संयुक्त राष्ट्र संघ से कई बार की है जिससे बच्चों को ईसाई पादरियों के यौन शोषण से बचाया जा सके ,युवा पीढ़ी को बर्बाद होने से बचाया जा सके। इस बैठक में यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट एवम अन्य हिन्दू  संगठन शामिल हुए।

*प्रेषक:*  दीपक वर्मा
(गाज़ियाबाद) जिला अध्यक्ष
धर्म रक्षा दल      09971955430
*कार्यालय पता:*  दीपक वर्मा
(वर्मा इंटर प्राइजेज) रामानुज दयाल मार्केट, opp. मोहन प्लाज़ा गाज़ियाबाद
*जिला:* गाज़ियाबाद (उ.प्र.)

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इतिहास देख लो हयातिकाल में सभी संतों की भयंकर निंदा हुई है, बाद में लोग पूजते हैं

🚩भारत देश #ऋषि-मुनियों, #साधु-संतों का देश रहा है, उनके ही मार्गदर्शन में राजसत्ता चलती थी, भगवान #श्रीकृष्ण भी #संदीपनी ऋषि के पास जाते थे, भगवान #श्री राम भी उनके गुरु #वशिष्ठ के पास से सलाह सूचन लेने के बाद ही कुछ निर्यण लेते थे, वर्तमान में भी देश सच्चे साधु-संतों के कारण ही देश में सुख-शांति है और देश की संस्कृति जीवित है।
See history, all saints have been severely condemned
 in the Hyattikalal, people worship afterwards
🚩वर्तमान में #विदेशी फंड से चलने वाली #मीडिया द्वारा एक #कुचक्र चल रहा है जिसमें सभी #हिन्दू साधु-संतों को #बदनाम #किया जा रहा है, भारत की भोली जनता भी उन्हीं को सच मानकर अपने ही धर्मगुरुओं की निंदा करने लगी है और बोलते हैं कि पहले जैसे साधु-संत नहीं हैं पर अगर वे भगवान श्री राम के गुरु की योगवासिष्ठ महारामायण पढ़े तो उसमें भगवान श्री रामजी के गुरुजी विशिष्ठ जी कहते है की “मैं बाजार से गुजरता हूँ तो मूर्ख लोग मेरे लिए न जाने क्या-क्या बोलते हैं पर मेरा दयालु स्वभाव है मैं सबको क्षमा कर देता हूँ ।”
🚩त्रेतायुग में भी भगवान रामजी जिनको पूजते थे उनको भी जनता ने नही छोड़ा तो आज तो कलयुग है लोगों की मति-गति छोटी है इसलिए साधु-संतों की निंदा करेंगे और उनके भक्तों को अंधभक्त ही बोलेंगे ।
🚩आइये आपको बताते हैं पहले जो महापुरुष हो गए उनकी कैसी निंदा हुई और बाद में कैसे लोग पूजते गए..
🚩स्वामी विवेकानंदजी
🚩अत्याचार : ईसाई #मिशनरियों तथा उनकी कठपुतली बने #प्रताप मजूमदार द्वारा दुश्चरित्रता, स्त्री-लम्पटता,  ठगी, जालसाजी, धोखेबाजी आदि आरोप लगाकर अखबारों आदि के द्वारा बहुत #बदनामी की गयी ।
🚩परिणाम : काफी समय तक उनकी जो निंदाएँ चल रही थी उनका प्रतिकार उनके अनुयायियों ने भारत में सार्वजनिक सभाएँ आयोजित करके किया और अंत में #स्वामी विवेकानंदजी के पक्ष की ही #विजय हुई । (संदर्भ : युगनायक विवेकानंद, लेखक – स्वामी गम्भीरानंद, पृष्ठ 109, 112, 121, 122)
🚩महात्मा बुद्ध
🚩अत्याचार : #सुंदरी नामक बौद्ध भिक्षुणी के साथ अवैध संबंध एवं उसकी #हत्या के #आरोप लगाये गये और सर्वत्र घोर #दुष्प्रचार हुआ ।
🚩परिणाम : उनके शिष्यों ने सुप्रचार किया । कुछ समय बाद #महात्मा बुद्ध #निर्दोष साबित हुए । लोग आज भी उनका आदर-सम्मान करते हैं ।
(संदर्भ : लोक कल्याण के व्रती महात्मा बुद्ध, लेखक – पं. श्रीराम शर्मा आचार्य, पृष्ठ 25)
🚩संत कबीरजी
🚩अत्याचार : अधर्मी, शराबी, वेश्यागामी आदि कई घृणित #आरोप लगाये गये और बादशाह #सिकंदर के आदेश से कबीरजी को #गिरफ्तार किया गया और कई प्रकार से सताया गया ।
🚩परिणाम : अंत में #बादशाह ने #माफी माँगी और शिष्य बन गया ।
(संदर्भ : कबीर दर्शन, लेखक – डॉ. किशोरदास स्वामी, पृष्ठ 92 से 96)
🚩संत नरसिंह मेहताजी
🚩अत्याचार : जादू के बल पर स्त्रियों को आकर्षित कर उनके साथ स्वेच्छा से विहार करने के #आरोप लगाकर खूब बदनाम व #प्रताड़ित किया गया ।
🚩परिणाम : #नरसिंह मेहताजी #निर्दोष #साबित हुए । आज भी लाखों-करोड़ों लोग उनके भजन गाकर पवित्र हो रहे हैं ।    (संदर्भ : भक्त नरसिंह मेहता, पृष्ठ 129, प्रकाशन – गीताप्रेस)
🚩स्वामी रामतीर्थ
🚩अत्याचार : #पादरियों और #मिशनरियों ने लड़कियों को भेजकर दुश्चरित्र सिद्ध करने के #षड्यंत्र रचे और खूब #बदनामी की । जान से मार डालने की धमकी एवं अन्य कई प्रताड़नाएँ दी गयी।
🚩परिणाम : स्वामी रामतीर्थजी के सामने बड़ी-बड़ी #मिशनरी #निरुत्तर हो गई। उनके द्वारा प्रचारित वैदिक संस्कृति के ज्ञान-प्रकाश से अनेकों का जीवन आलोकित हुआ । (संदर्भ : राम जीवन चित्रावली,  रामतीर्थ प्रतिष्ठान, पृष्ठ 67 से 72)
🚩संत ज्ञानेश्वर महाराज
🚩अत्याचार : कई वर्षों तक समाज से #बहिष्कृत करके बहुत अपमान व निंदा की गयी । इनके माता-पिता को 22 वर्षों तक कभी तृण-पत्ते खाकर और कभी केवल जल या वायु पीके जीवन-निर्वाह करना पड़ा । ऐसी #यातनाएँ ज्ञानेश्वरजी को भी सहनी पड़ी ।
🚩परिणाम : #लाखों-करोड़ों लोग आज भी संत ज्ञानेश्वर जी द्वारा रचित ‘#ज्ञानेश्वरी गीता’ को श्रद्धा से पढ़-सुन के अपने हृदय में #ज्ञान-भक्ति की ज्योति जगाते हैं और उनका #आदर-पूजन करते हैं । (संदर्भ : श्री ज्ञानेश्वर चरित्र और ग्रंथ विवेचन, लेखक – ल.रा. पांगारकर, पृष्ठ 32, 33, 38)
🚩भक्तिमती मीराबाई
🚩अत्याचार : चरित्रभ्रष्टता का आरोप लगाया गया । कभी नाग भेजकर तो कभी #विष पिला के, कभी भूखे शेर के सामने भेजकर तो कभी #तलवार चला के जान से #मारने के #दुष्प्रयास हुए ।
🚩परिणाम : जान से मारने के सभी #दुष्प्रयास #विफल हुए । मीराबाई के प्रति लोगों की सहानुभूति बढ़ती गयी । उनके गाये पदोें को पढ़-सुनकर एवं गा के आज भी लोगों के विकार मिटते हैं, भक्ति बढ़ती है ।
🚩 वर्तमान में भी #शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वतीजी, #स्वामी नित्यानंदजी, #स्वामी केशवानंदजी, श्री #कृपालुजी महाराज, #संत आशारामजी बापू, #साध्वी प्रज्ञा सिंह आदि हमारे #संतों को #षड्यंत्र में फँसाकर #झूठे आरोप लगा के #गिरफ्तार किया गया, प्रताड़ित किया गया, अधिकांश #मीडिया द्वारा #झूठे आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया परंतु जीत हमेशा सत्य की ही होती रही है और होगी ।
🚩इतिहास उठाकर देखें तो पता चलेगा कि #सच्चे संतों व महापुरुषों की #जय-जयकार होती रही है और आगे भी होती रहेगी । दूसरी ओर #निंदकों की #दुर्गति होती है और समाज उन्हें घृणा की दृष्टि से ही देखता है । अतएव समझदारी इसीमें है कि हम संतों का आदर करके या उनके आदर्शों को अपनाकर लाभ न ले सकें तो कम-से-कम उनकी निंदा करके या सुनके अपने पुण्य व शांति को तो नष्ट न करें ।
🚩#सनातन धर्म के संतों ने जब-जब व्यापकरूप से #समाज को #जगाने का #प्रयास किया है, तब-तब उनको #विधर्मी ताकतों के द्वारा #बदनाम करने के लिए #षड्यंत्र किये गये हैं ।
जिनमें वे हिन्दू संतों को भी मोहरा बनाकर हिन्दू संतों के खिलाफ #दुष्प्रचार करने में सफल हो जाते हैं ।
🚩यह #हिन्दुओं की #दुर्बलता है कि वे विधर्मियों के चक्कर में आकर अपने ही संतों की निंदा सुनकर विधर्मियों की हाँ में हाँ करने लग जाते हैं और उनकी हिन्दू धर्म को नष्ट करने की गहरी साजिश को समझ नहीं पाते । इसे हिन्दुओं का भोलापन भी कह सकते हैं ।
🚩अतः हिन्दू सावधान रहें ।
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मीडिया ट्रायल न्यायधीशों को प्रभावित करने कि एक बड़ी प्रवृत्ति – दिल्ली उच्च न्यायालय

🚩मीडिया ट्रायल इतना खतरनाक है कि किसी भी अच्छे व्यक्ति कि छवि को खराब कर दे और बुरे व्यक्ति को महान बना दे। भारत में आज यही सब चल रहा है । इसके लिए न्यायलय ने भी चिंता जताई है।
🚩दिल्ली उच्च न्यायलय ने कहा है : ‘‘मीडिया में दिखायी गयी खबरें न्यायधीश के फैसलों पर असर डालती हैं । खबरों से न्यायधीश पर दबाव बनता है और फैसलों का रुख भी बदल जाता है। पहले मीडिया अदालत में विचाराधीन मामलों में नैतिक जिम्मेदारियों को समझते हुए खबरें नहीं दिखाता था लेकिन अब नैतिकता को हवा में उड़ा दिया है।
🚩मीडिया ट्रायल के जरिये दबाव बनाना न्यायधीशों को प्रभावित करने की प्रवृत्ति है। जाने-अनजाने में एक दबाव बनता है और इसका असर आरोपियों और दोषियों की सजा पर पड़ता है ।’’
A big tendency to influence media trial judges – Delhi High Court
🚩सर्वोच्च न्यायलय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति के एस. राधाकृष्णन् का मानना है : ‘‘मीडिया ट्रायल अच्छा नहीं है क्योंकि कई बार इससे दृढ़ सार्वजनिक राय कायम हो जाती है जो न्यायपालिका को प्रभावित करती है । मीडिया ट्रायल के कारण कई बार आरोपी कि निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाती ।’’
🚩न्यायधीशों की बात सही है अभी हाल कि तीन ताजा उदाहरण देते है।
🚩पहला कठुआ में जनवरी की घटना का तूल पकड़ता है अप्रैल में! और एक हिन्दू को पकड़ा जाता है जबकि रिपोर्ट में स्पष्ट आया है कि रेप हुआ ही नही लेकिन मीडिया ट्रायल के कारण एक हिंदू युवक को जेल जाना पड़ा और मंदिर को बदनाम किया गया ।
🚩दूसरा मामला सलमान खान है अभी हाल ही में जोधपुर सेशन कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई लेकिन जैसे ही मीडिया ने सलमान खान के फेवर में खबरें दिखानी शुरू किया तो दो दिन में ही जमानत मिल गई ।
🚩तीसरा मामला है हिन्दू संत आसारामजी बापू का जब भी उनकी जमानत अर्जी लगती है तो मीडिया उनके खिलाफ खबरे चलाना शुरू कर देती जिससे उनको जमानत नही मिल पाती और निर्णय सुनाने पहले ही उनके खिलाफ खबरें दिखाना शुरू किया जिससे उनको उम्रकैद की सजा दी गई जबकि गवाहों और सबूतों के आधार पर केस बनता ही नही है और मीडिया जिसको रेप (बलात्कार) शब्द उपयोग कर रही है वास्तविकता में उनके ऊपर रेप का कोई आरोप ही नही है केवल छेड़छाड़ी के ही आरोप है, उसमे ही उनको उम्रकैद कि सजा दे दी तो कही न कही मीडिया ट्रायल का ही प्रभाव है ।
🚩पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रविशेखर सिंह बताते हैं : ‘‘कई देशों में मीडिया ट्रायल के खिलाफ बड़े सख्त कानून बनाये गये हैं। इंग्लैंड में कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1981 की धारा 1 से 7 में मीडिया ट्रायल के बारे में सख्त निर्देश दिये गये हैं । कई बार इस कानून के तहत बड़े अखबारों पर मुकदमा भी चलाये गये हैं । धारा 2(2) के तहत प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ऐसा कोई समाचार प्रकाशित नहीं कर सकता जिसके कारण ट्रायल की निष्पक्षता पर गम्भीर खतरा उत्पन्न होता हो । जिस तरह भारत में मीडिया ट्रायल के द्वारा केस को गलत दिशा में मोड़ने का प्रचलन हो रहा है, ऐसे में अन्य देशों की तरह भारत में भी मीडिया ट्रायल पर सख्त कानून बनाना बहुत ही आवश्यक हो गया है।’’
🚩विश्व हिन्दू परिषद के मुख्य संरक्षक व पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय श्री अशोक सिंहलजी कहते हैं : ‘‘मीडिया ट्रायल के पीछे कौन है ? हिन्दू धर्म व संस्कृति को नष्ट करने के लिए मीडिया ट्रायल पश्चिम का बड़ा भारी षड़्यंत्र है हमारे देश के भीतर ! मीडिया का उपयोग कर रहे हैं विदेश के लोग ! उसके लिए भारी मात्रा में फंड्स देते हैं, जिससे हिन्दू धर्म के खिलाफ देश के भीतर वातावरण पैदा हो ।’’
🚩मीडिया विश्लेषक उत्पल कलाल कहते हैं: ‘‘यह बात सच है कि संतों, राष्ट्रहित में लगी हस्तियों पर झूठे आरोप लगाकर मीडिया ट्रायल द्वारा देशवासियों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है । जनता पर अपनी बात को थोपना, सही को गलत, गलत को सही दिखाना – क्या इससे प्रजातंत्र को मजबूती मिलेगी । मीडिया के ऐसी रिपोर्टिंग पर सरकार, न्यायपालिका और जनता द्वारा लगाम कसी जानी चाहिए ।
🚩राजस्थान उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश सुनील अम्बवानी ने बताया था कि जब तक लोगों की मान्यता नहीं बनी है तब तक वह न्यायधीश किसी से नहीं डरता है । लेकिन मीडिया कई मामलों में पहले ही सही-गलत की राय बना चुका होता है । इससे न्यायधीश पर दबाव बन जाता है कि एक व्यक्ति जो जनता कि नजर में दोषी है, उसको अब दोषी ठहराने की जरूरत है । न्यायधीश भी मानव है । वह भी इनसे प्रभावित होता है ।
🚩कई न्यायविद् एवं प्रसिद्ध हस्तियाँ भी मीडिया ट्रायल को न्याय व्यवस्था के लिए बाधक मानती हैं । एक याचिका कि सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायलय के न्यायधीश न्यायमूर्ति कुरीयन जोसेफ ने कहा है : ‘‘दंड विधान संहिता की धारा 161 और 164 के तहत दर्ज आरोपी के बयान भी मीडिया को जारी कर दिये जाते हैं। अदालत में मुकदमा चलता है, उधर समान्तर मीडिया ट्रायल भी चलता रहता है।’’ सर्वोच्च न्यायलय ने कहा है : ‘‘मीडिया का रोल अहम है और उससे उम्मीद कि जाती है कि वह इस तरह अपना काम करे कि किसी भी केस कि छानबीन प्रभावित न हो । जब मामला अदालत में हो, तब मीडिया को संयम रखना चाहिए । उसे न्यायिक प्रक्रिया में दखल देने से बचना चाहिए।’’
🚩उच्चतम न्यायलय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर कहते हैं : ‘‘मीडिया ट्रायल काफी चिंता का विषय है । यह नहीं होना चाहिए। इससे अभियुक्त के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित होने की धारणा बनती है । फैसला अदालतों में ही होना चाहिए ।’’
🚩अब मीडिया पर लगाम लगाना जरूरी है नही तो एक के बाद एक इसके शिकार होते रहेंगे ।
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हिन्दू धर्म को दुनियाभर में बदनाम करने के लिए कांग्रेस ने रचे थे अनेक षडयंत्र

🚩भारतीय संस्कृति इतनी महान है कि उसको तोड़ने के लिए विदेशी ताकतें लगी रही है और जो उसको बचाने के लिए आगे आते हैं उनको नष्ट करने का भरपूर प्रयास किया जाता है ।
🚩विदेशी ताकतों के इशारे पर चलने वाली कांग्रेस सरकार ने भारत देश में करीब 60 साल तक राज किया है उसमें भी आखिरी 10 साल में तो उन्होंने विदेशी ताकतों के इशारों पर भारतीय संस्कृति रक्षार्थ कार्य करने वालों को झूठे आरोपों द्वारा जेल भिजवा दिया और मीडिया द्वारा इतनी बदनामी करवाई कि आम जनता उनसे विमुख हो जाये।
🚩कांग्रेस ने हिन्दू धर्म को केवल भारत में ही नही वरन पूरी दुनिया में बदनाम करने के लिए कई षड्यंत्र रचे ।
जिसके तहत दो षड्यंत्र प्रमुख थे।
Congress had created many conspiracies to defame Hinduism in the world.

🚩1. हिन्दू आतंकवाद शब्द गढ़ना जिससे दुनिया को लगे कि हिन्दू संस्कृति खराब है और हिन्दू ही आतंकवादी होते हैं ।

🚩2. साधु संतों को मीडिया द्वारा बदनाम करवाकर उनकी छवि धूमिल करना, जिससे जनता उनसे नफरत करने लगे जिसे ईसाई मिशनरियों को धर्मांतरण करने में आसानी रहे ।
🚩कांग्रेस द्वारा हिन्दू आतंकवाद साबित करने के लिए कई हिंदुत्वनिष्ठों को निशाना बनाया गया ।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर
स्वामी असीमानंद
शंकराचार्य अमृतानंद
कर्नल पुरोहित
डीजी बंजारा
🚩दूसरे प्रकार के षड्यंत्र के तहत फंसाये गये हिंदुत्वनिष्ठ-
शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती –
सत्य साई बाबा
स्वामी नित्यानंद
श्री कृपालु महाराज
संत आसाराम बापू
🚩वर्तमान सरकार ने इन सभी देश भक्त लोगों को बारी-बारी से न्याय दिलवाया।
🚩इनमें से अब केवल संत आसाराम बापू ही जेल में हैं, बाकि सभी निर्दोष बरी हो चुके हैं ।
🚩कांग्रेस को बापू आसारामजी को बदनाम करवाने में बहुत पसीना आया, सबसे पहले 2008 में बापू आसारामजी के आश्रम में दो बच्चो की मौत का इल्जाम लगाया, मगर वहाँ से उनको क्लीनचिट मिल गई जिसके कारण वे सफल नही हो पाए।
🚩फिर कांग्रेस ने POCSO कानून बनाया और इस कानून का पहला शिकार बापू आसारामजी का किया गया ,क्योकि POCSO में जमानत होना भी मुश्किल होता है।
🚩आप भी जानिए कांग्रेस द्वारा संत आसाराम बापू को साइड करना क्यों जरूरी था –
🚩 – सबसे पहले ,राहुल गांधी को पप्पू बापू  आसारामजी ने ही कहा था।
🚩– बापू आसारामजी ने ही पहली बार कहा था ,सोनिया मैडम भारत छोड़ो।
🚩– झारखंड राज्य में बापू आसारामजी ने एक साल में लाखों आदिवासियों को दोबारा हिन्दू बनाया जो ईसाई बन चुके थे।
🚩-गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान जहाँ भारी मात्रा में ईसाई मिशनरियां धर्मान्तरण करवा रही थी वहाँ जाकर गरीबों को मकान बनवा कर दिया, जीवनुपयोगी  वस्तुएं दी और हिन्दू धर्म की महिमा बताई जिससे ईसाई मिशनरियों का मिशन फ्लॉप हो गया।
🚩– बापू आसारामजी हिन्दू धर्म को विश्व पटल के चरम पर पहुँचा रहे थे और भारत में धर्मान्तरण नही होने दे रहे थे जिसके कारण वेटिकन सिटी बापू आसारामजी के खिलाफ हो गया ।
🚩– बापू आसारामजी के देशभर में 40 से भी अधिक वैदिक गुरुकुल महंगी फीस ऎंठने वाले कान्वेंट स्कूलों पर भारी पड़ रहे हैं।
🚩– 2006 से बापू आसारामजी ने शुरू किया 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस, जिसका बढ़ता प्रभाव देखकर वैलेंटाइन की दुकाने बंद होने लगी जिससे विदेशी कंपनियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा ।
🚩– 2017 के गुजरात चुनाव में एक प्रमुख पादरी ने ईसाईयों से BJP को हराने को कहा। बापू आसारामजी ने अगले ही दिन मीडिया द्वारा राष्ट्रवादियों को जिताने का सन्देश भेज दिया।
🚩-हाल ही में DK त्रिवेदी कमीशन ने बापू आसारामजी को 2008 केस में क्लीन चिट दी तो कांग्रेस ने गुजरात विधानसभा में हंगामा शुरू कर दिया और BJP विधायक के ऊपर माइक से हमला कर दिया।
🚩– 2013 के झूठे रेप केस में भी जल्द ही फैसला आने की संभावना है। संत आसाराम बापू के बाहर आने के रस्ते खुलते नजर आ रहे हैं तो कइयों के राजनीतिक चूल्हे हिल जाएंगे इसलिए वे लोग अभी भी उनको अंदर रखना चाहते हैं पर सत्य को कबतक झूठ की परतों से ढका जा सकता है !!
🚩आपको बता दें कि न्यायालय में बहस के दौरान सारी परतें खुल चुकी हैं जिसमें उनको षडयंत्र तहत फंसाने के कई प्रमाण सामने आए हैं । अब 25 अप्रैल को जो फैसला आएगा वो उनके पक्ष में ही आयेगा ऐसा जानकारों का कहना है ।
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संत जेवियर्स के रक्त रंजित इतिहास को बहुत कम लोग जानते है, जानकर करेंगे नफरत

🚩 *संत जेवियर्स के रक्त रंजित इतिहास को बहुत कम लोग जानते है, जानकर करेंगे नफरत*
🚩इतिहास की एक अनजानी पर हृदय द्रावक घटना है 500 साल पहले गोवा में कुमुद राजा का शासन चलता था। राजा कुमुद को जबरजस्ती से हटा कर पोर्तुगीज ने गोवा को अपने कब्जे में कर दिया।
Very few people know the history of St. Xavier’s
blood-stained history, will hate knowing
🚩पुर्तगल सेना के साथ केथलिक पादरी भी धर्मान्तरण करने के लिए बड़ी संख्या में हमला किया। हर गाँव में लोगो को धमकी और जबरन ईसाई बनाते पादरी गोवा के पूरे शहर पर कब्जा किया। जो लोग चलने के लिए तैयार नहीं होते उनको क्रूरता से मार दिया जाता।
🚩जैनधर्मी राजा कुमुद और गोवा के सारे 22 हजार जैनों को भी धर्म परिवर्तन करने के लिए ईसाई ने धमकी दे दी कि 6 महीनों में जैन धर्म छोड़ कर ईसाई धर्म स्वीकार कर दो अथवा मरने के लिए तैयार हो जाओ राजा कुमुद और भी जैन मरने के लिए तैयार थे परंतु धर्म परिवर्तन के लिए हरगिज राजी नहीं थे।
🚩छः महीने के दौरान ईसाई जेवियर्स ने जैनों का धर्म परिवर्तन करने के लिए साम-दाम, दंड-भेद जैसे सभी प्रयत्न कर देखे । तब एक जैन ईसाई बनने के लिए तैयार नहीं हुआ। तब क्रूर जेवियर्स पोर्तुगीझ लश्कर को सभी का कत्ल करने के लिए सूचन किया। एक बड़े मैदान में राजा कुमुद और जसिं धर्मी श्रोताओं, बालक-बालिकाओं को बांध कर खड़ा कर दिया गया। एक के बाद एक को निर्दयता से कत्ल करना शुरू किया। ईसाई  जेवियर्स हस्ते मुख से संहरलीला देख रहा था। ईसाई बनने के लिए तैयार न होनेवालों के ये हाल होंगे। यह संदेश जगत को देने की इच्छा थी। बदले की प्रवृति को वेग देने के लिए ऐसी क्रूर हिंसा की होली जलाई थी।
🚩केथलिक ईसाई धर्म के मुख्य पॉप पोल ने ईसाई पादरी जेवियर्स के बदले के कार्य की प्रसंशा की और उसके लिए उसने बहाई हुई खून की नदियों के समाचार मिलते पॉप की खुशी का अंत नहीं रहा। जेवियर्स को विविध इलाक़ा देकर सम्मान किया। जेवियर्स ने सेंट जेवियर्स के नाम से घोषित किया और भारत में शुरू हुई अंग्रेजी स्कूसंत जेवियर्स के रक्त रंजित इतिहास को बहुत कम लोग जानते है, जानकर करेंगे नफरतल और कॉलेजों की श्रेणी में सेंट जेवियर्स का नाम जोड़ने में आया। आज भारत में सबसे बड़ा स्कूल नेटवर्क में सेंट जेवियर्स है।
🚩हजारों जैनों और हिंदुओं के खून से पूर्ण एक क्रूर ईसाई पादरी के नाम से चल रही स्कूल में लोग तत्परता से डोनेशन की बड़ी रकम दे कर अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेज रहें है। कैसे करुणता है। और जेवियर्स कि बदले की वृत्ति  को पूर्ण समर्थन दे रहे पाटुगिझो को पॉप ने पूरे एशिया खंड के बदले की वृत्ति के सारे हक दे दिए। धर्म परिवर्तन प्राण की बलि देकर भी नहीं करने वाले गोवा के राजा कुमुद और बाईस हजार धर्मनिष्ठ जैनों का ये इतिहास जानने के बाद हम इससे बोध पाठ लेने जैसा है। आज की रहन-सहन में पश्चिमीकरण ईसाईकरण का प्रभाव बढ़ रहा है। भारत की तिथि-मास भूलते जा रहें है। अंग्रेजी तारीख पर ही व्यवहार बढ़ रहा है। भारतीय पहेरवेश घटता जा रहा है ।पश्चिमीकरण की दीमक हमें अंदर से कमज़ोर कर रही है। धर्म और संस्कृति रक्षा के लिए फनाहगिरी संभाले । स्त्रोत : ह्रदय परिवर्तन  दिसम्बर 2017
🚩ईसाई धर्म तो ऊपर से देखने पर एक सभ्य, सुशिक्षित एवं शांतिप्रिय समाज लगता हैं।  जिसका उद्देश्य ईसा मसीह की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार एवं निर्धनों व दीनों की सेवा-सहायता करना हैं। इस मान्यता का कारण ईसाई समाज द्वारा बनाई गई छवि है।
🚩भारत में तो ईसाई मिशनरियां खुल्लेआम धर्मान्तरण करवा रही है, हिन्दू देवी-देवताओं को गालियां बोल रही है, हिन्दू साधु-संतों को जेल में भिजवा रही है, कान्वेंट स्कूलों में भारत माता की जय बोलने से मना कर रही है, मेहंदी नही लगाने देती, हिन्दू त्यौहार मनाने को मना करती है, यहाँ तक कि हिन्दू त्यौहारों पर भी छुट्टियां नही दी जाती हैं और भारत माता की जय बोलने और हिन्दू त्यौहार मनाने पर उनको स्कूल से बाहर किया जाता है फिर भी सरकार उनपर कोई कार्यवाही नही करती है ।
🚩मीडिया में भी ईसाई मिशनरियों का भारी फंडिग रहता है इसलिए मीडिया चर्च के पादरी कितने भी दुष्कर्म करें, उनके खिलाफ नही दिखाती जबकि कोई हिन्दू साधु-संत पर झूठा आरोप भी लग जाता है तो उसपर 24 घण्टे खबरें चलाती है।
🚩भारत मे हिन्दुओं के खिलाफ इतना अत्याचार ईसाई मिशनरियां द्वारा हो रहा फिर भी कोई हिन्दू कुछ बोल नही रहा है और ये मिशनरियां ट्रंप के सामने घुटने टेकने लगी हैं की उनपर ही अत्याचार हो रहा है।
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India is threatened by Christian missionaries and clerics: Suresh Chavanke

भारत को ईसाई मिशनरियों और पादरियों से खतरा है : सुरेश चव्हाणके

November 27, 2017
सुदर्शन न्यूज के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके ने कहा कि, भारत को राष्ट्रवादियों से नहीं बल्कि ईसाई मिशनरियों और पादरियों से खतरा है, जो भारत को धर्मांतरित कर बर्बाद करने के मुहीम पर हैं, सुरेश चव्हाणके ने बताया कि देश का कोई ऐसा जिला नहीं है जहाँ पर ईसाई मिशनरियों के खिलाफ धर्मांतरण के केस दर्ज नहीं हो।
India is threatened by Christian missionaries and clerics: Suresh Chavanke
सुरेश चव्हाणके ने बताया कि उत्तर पूर्व के राज्यों जैसे नागालैंड, मणिपुर इत्यादि में ईसाई मिशनरियां आतंकियों का भी समर्थन करती है, केरल के मिशनरियों में यौन शोषण के केस रोजाना दर्ज किये जाते हैं ।
उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी इलाकों में लोगों का धर्मांतरण करने के लिए ये लोग पैसों का इस्तेमाल तो करते ही है साथ ही ये लोग पैसों के बल पर गुंडे भी रखते हैं, जिससे धर्मांतरण का विरोध करने वालों का कत्ल तक कर दिया जाता है।
सुरेश चव्हाणके ने यह भी बताया कि राष्ट्रवादी लोग तो भारत की बात करते हैं, भारत की संस्कृति की बात करते हैं, वहीं ईसाई मिशनरियां और पादरी भारत से भारतीय संस्कृति खत्म कर रोम की संस्कृति स्थापित करना चाहते हैं, देश को खतरा राष्ट्रवादियों से नहीं बल्कि पादरियों और ईसाई मिशनरियों से है।
जो लोग राष्ट्र के पक्ष में बोलते हैं, भारतीय सेना के पक्ष में बोलते हैं, भारतीय संस्कृति के पक्ष में बोलते हैं, उन्हें ही राष्ट्रवादी यानि नेशनलिस्ट कहते हैं, जो देश के पक्ष में होते हैं वही राष्ट्रवादी होते हैं।
गुजरात का एक पादरी कहता है कि देश को राष्ट्रवादियों से बचाओ, समझना मुश्किल है कि राष्ट्रवादियों को हटाकर ईसाई पादरी और चर्च गुजरात किसे देना चाहते हैं?
राष्ट्रवाद नहीं तो क्या आतंकवाद..??
गौरतलब है कि हाल ही में गुजरात के ईसाई धर्मगुरु पादरी आर्चबिशप थॉमस मैकवान ने एक पत्र जारी करके लिखा है कि राष्ट्रवादी पार्टी को हरा दो, इस पर प्रहार करते हुए सुरेश चव्हाणके ने ये सब कहा है ।
इसपर मीडिया ने हिन्दू संत आसारामजी बापू का मंतव्य जानना चाहा तो उन्होंने भी कहा कि राष्ट्रहित करने वालो को हराना माने अपने पैर पर कुहाडा मारना हुआ, हम तो चाहते हैं देश का विश्व में जो नाम करते हैं और भारत को विश्वगुरु बनाते हैं भगवान उनके साथ हैं ।
उन्होंने आगे कहा कि जो पार्टी राष्ट्र का मंगल चाहती है, विश्वगुरु बनाना चाहती हैं उनका मंगल ही मंगल होगा देखते रहो ।
हिन्दू धर्म को मिटाने का खुला षड्यंत्र
अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने कहा था कि
‘‘भारत में ईसाई पादरियों का धर्म-प्रचार हिन्दू धर्म को मिटाने का खुला षड्यंत्र है, जो कि एक लम्बे अरसे से चला आ रहा है ।”
 हिन्दुओं का तो यह धार्मिक कर्तव्य है कि वे ईसाइयों के षड्यंत्र से आत्मरक्षा में अपना तन-मन-धन लगा दें और आज जो हिन्दुओं को लपेटती हुई ईसाईयत की लपट परोक्ष रूप से उनकी ओर बढ़ रही है, उसे यहीं पर बुझा दें ।
ऐसा करने से ही भारत में धर्म-निरपेक्षता, धार्मिक बंधुत्व तथा सच्चे लोकतंत्र की रक्षा हो सकेगी अन्यथा आजादी को पुनः खतरे की सम्भावना हो सकती है ।’’(संदर्भ : ‘अखंड ज्योति’ पत्रिका, जनवरी 1967)
फिलॉसफर नित्शे ने कहा कि मैं ईसाई धर्म को एक अभिशाप मानता हूँ, उसमें आंतरिक विकृति की पराकाष्ठा है । वह द्वेषभाव से भरपूर वृत्ति है । इस भयंकर विष का कोई मारण नहीं । ईसाईत गुलाम, क्षुद्र और चांडाल का पंथ है ।
गांधीजी ने धर्मान्तरण पर कठोर बातें कही थी
“हमें गोमांस भक्षण और शराब  पीने की छूट देने वाला ईसाई धर्म नहीं चाहिए। धर्म परिवर्तन वह ज़हर है जो सत्य और व्यक्ति की जड़ों को खोखला कर देता है। मिशनरियों के प्रभाव से हिन्दु परिवार का विदेशी भाषा, वेशभूषा,रिति रिवाज के द्वारा विघटन हुआ है। यदि मुझे कानून बनाने का अधिकार होता तो मैं धर्म परिवर्तन बंद करवा देता। इसे तो मिशनरियों ने व्यापार बना लिया है पर धर्म आत्मा की उन्नति का विषय है। इसे रोटी, कपड़ा या दवाई के बदले में बेचा या बदला नहीं जा सकता।”
जय हिंद!!

ईसाई पादरी नाबालिक छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार, पर मीडिया शांत

अक्टूबर 11, 2017
🚩केरल : ईसाई समुदाय का चर्च जैसे पवित्र धर्मस्थल में दुष्कर्म करने वाले पादरी को मीडिया तथा सेक्युलरिस्ट क्या कहेंगे ?
Pastor arrested on charges of sexual harassment of a minor girl, but calm the media
🚩केरल के एक पादरी को चर्च में 10 वर्षीय स्कूली छात्र के कथित यौन उत्पीडन के मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस ने बताया कि, यह घटना रविवार की है, जब पीड़िता बाइबिल सुनने के लिए चर्च गई थी । आरोपी ईसाई पादरी देवराज (65) को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया । वह कंदनथिट्टा सीएसआई चर्च में पादरी है ।
🚩पुलिस ने बताया कि, पादरी के विरोध में #पोक्सो और आईपीसी की #धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है । लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि, वह जब अपनी बेटी को वापस घर ले जाने चर्च गए तो उन्होंने यह घटना देखी ।
🚩यदि इसी प्रकार का आरोप किसी हिन्दू साधू या संत पर लगता है, तो तुरंत मीडिया के लिए वह Breaking News बन जाती है, सभी सेक्युलरिस्ट तुरंत हिन्दू संत तथा धर्म पर टीका करना प्रारंभ करते हैं । परंतु जब कोर्इ #पादरी इस प्रकार के आरोप में गिरफ्तार हो जाता है, तो ये मीडिया वाले तथा सेक्युलरिस्ट कहां छुप जाते हैं..??
🚩#हिन्दू संतों पर झूठे #आरोप लगाये जाते हैं और आरोप साबित नहीं हुआ है, फिर भी उन्हें ‘रेपिस्ट बाबा’ आदि संबोधन का उपयोग करने वाले मीडिया वाले अब इस पादरी को भी ‘रेपिस्ट पादरी’ क्यों नहीं कहते ? क्या ऐसा करने से उनका ‘सेक्युलरिजम’ खतरे में आनेवाला है, ऐसा विचार वे करते हैं ?
🚩आज भी मीडिया में देखों तो बाबा राम रहीम की ही खबरें दिखती हैं लेकिन उनके जेल जाने के बाद तो कई मौलवियों और पादरियों ने बलात्कार किया और पकड़े भी गये और सजा भी हुई लेकिन एक भी खबर नही दिखाई गई ।
🚩मीडिया इतनी #निष्पक्ष #होती तो #मौलवी और #ईसाई फादर के लिए भी #खबरें #दिखाती और डिबेट बैठाकर उनके खिलाफ भी बहस करती लेकिन ऐसा नही कर रही है इससे साफ पता चलता है कि मीडिया को बाकि किसी खबर से लेना देना नही है।
🚩#मीडिया का केवल यही #उद्देश्य है कि कैसे भी करके #भारतीय संस्कृति को #खत्म कर दिया जाये इसलिए #हिन्दुओं के #धर्मगुरुओं को #टारगेट किया जा रहा है जिससे उनके ऊपर जो करोड़ो लोगों की आस्था है वो टूट जाये और पश्चिमी संस्कृति को अपना ले ।
🚩और बड़े मजे की बात है कि उस न्यूज को हिन्दू ही देखते हैं और बाद में उन्हीं का मजाक उड़ाते है कि देखो कैसे भक्तों को मूर्ख बनाकर पैसे लूट रहे हैं और लड़कियों से बलात्कार करते हैं, लेकिन वही भोला भाला हिन्दू दूसरी ओर कभी नही सोचता कि आखिर #हमारे देश की कई बड़ी बड़ी समस्याएं हैं, #मंहगाई, #बेरोजगारी, किसानों की #आत्महत्या, #राम मंदिर, 370, #गौ हत्या आदि आदि पर #मीडिया #नही #दिखाती है और न ही ईसाई पादरी और मौलवियों के खिलाफ दिखाती है । क्यों इतना प्राइम टाइम देकर हिन्दू धर्मगुरुओं पर ही बहस करती है तो आखिर इतने पैसे आते कहाँ से हैं..??
🚩जैसा कि हम बताते ही आये हैं कि #मीडिया का अधिकतर #फंड #वेटिकन सिटी और मुस्लिम देशों से आता है । जिनका #उद्देश्य है कि कैसे भी करके #हिन्दू संस्कृति को #खत्म करें । जिससे वो आसानी से #धर्मान्तरण करा सके ।
🚩दूसरा पहलू ये भी है कि #राजनेता भी #नहीं चाहते हैं कि किसी भी धर्मगुरू के इतने फॉलोवर्स हो जिससे उनको हर चुनाव में उनके सामने नाक रगड़ना पड़े इसलिए वो भी इसमें शामिल है क्योंकि #राजनेता केवल #वोट बैंक को ही देखते हैं उनको #हिन्दू धर्म से कोई लेना देना नही है।
🚩हमने आज तक अपने पाठकों को सच्चाई से अवगत कराने का प्रयास किया है और आगे भी करवाते रहेंगे ।
🚩आज हर #हिन्दुस्तानी का #कर्त्तव्य है कि वो #मीडिया की बातों में #न आकर स्वयं #सच्चाई तक #पहुँचने का #प्रयास करे । हिन्दू साधु-संतों को बदनाम करने का मतलब भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र है ।
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