santon ke khilaaf shadyantra

समाज को गुमराह करने वाले लोग संतों का ओज, प्रभाव, यश देखकर जलते रहते हैं

समाज को गुमराह करने वाले लोग संतों का ओज, प्रभाव, यश देखकर जलते रहते हैं
🚩इस संसार में सज्जनों, सत्पुरुषों और संतों को जितना सहन करना पड़ता है उतना दुष्टों को नहीं। ऐसा मालूम होता है कि इस संसार ने सत्य और सत्त्व को संघर्ष में लाने का मानो ठेका ले रखा है। यदि ऐसा न होता तो #मीरा बाई को #विष नही दिया जाता, #गुरु नानक देव को #जेल नही भेजा जाता, #स्वामी दयानंद सरस्वती को #जहर नही दिया जाता और #लक्ष्मणानन्द महाराज की #हत्या नही होती ।
#jUSTICE FOR ASARAM BAPUJI
🚩#स्वामी विवेकानन्द की तेजस्वी और अद्वितिय प्रतिभा के कारण कुछ लोग #ईर्ष्या से जलने लगे। कुछ दुष्टों ने उनके कमरे में एक वेश्या को भेजा। #श्री रामकृष्ण परमहंस को भी #बदनाम करने के लिए ऐसा ही #घृणित प्रयोग किया गया, किन्तु उन वेश्याओं ने तुरन्त ही बाहर निकल कर दुष्टों की बुरी तरह खबर ली और दोनों संत विकास के पथ पर आगे बढ़े। शिर्डीवाले #साँईबाबा, जिन्हें आज भी लाखों लोग नवाजते हैं, उनके हयातिकाल में उन पर भी दुष्टों ने कम जुल्म न किये। उन्हें भी अनेकानेक #षडयन्त्रों का #शिकार बनाया गया लेकिन वे निर्दोष संत निश्चिंत ही रहे।
🚩पैठण के #एकनाथ जी महाराज पर भी दुनिया वालों ने बहुत #आरोप-प्रत्यारोप गढ़े लेकिन उनकी विलक्षण मानसिकता को तनिक भी आघात न पहुँचा अपितु प्रभुभक्ति में मस्त रहने वाले इन संत ने हँसते-खेलते सब कुछ सह लिया। #संत तुकाराम महाराज को तो बाल मुंडन करवाकर गधे पर उल्टा बिठाकर जूते और चप्पल का हार पहनाकर पूरे गाँव में घुमाया, #बेइज्जती की एवं न कहने योग्य कार्य किया। #ऋषि दयानन्द के ओज-तेज को न सहने वालों ने बाईस बार उनको जहर देने का #बीभत्स कृत्य किया और अन्ततः वे नराधम इस घोर पातक कर्म में सफल तो हुए लेकिन अपनी सातों पीढ़ियों को नरकगामी बनाने वाले हुए।
🚩हरि गुरु निन्दक दादुर होई।
जन्म सहस्र पाव तन सोई।।
🚩ऐसे #दुष्ट #दुर्जनों को हजारों जन्म #मेंढक की योनि में लेने पड़ते हैं। ऋषि दयानन्द का तो आज भी आदर के साथ स्मरण किया जाता है लेकिन संतजन के वे हत्यारे व पापी निन्दक किन-किन नरकों की पीड़ा सह रहे होंगे यह तो ईश्वर ही जाने।
🚩#समाज को #गुमराह करने वाले #संतद्रोही लोग संतों का ओज, प्रभाव, यश देखकर अकारण #जलते पचते रहते हैं क्योंकि उनका स्वभाव ही ऐसा है। जिन्होंने संतों को सुधारने का ठेका ले रखा है उनके जीवन की गहराई में देखोगे तो कितनी दुष्टता भरी हुई है!अन्यथा #सुकरात, #जीसस, #ज्ञानेश्वर, #रामकृष्ण, #रमण महर्षि, #नानक और #कबीर जैसे संतों को कलंकित करने का पाप ही वे क्यों मोल लेते? ऐसे लोग उस समय में ही थे ऐसी बात नहीं, आज भी मिला करेंगे।
🚩कदाचित् इसीलिए विवेकानन्द ने कहा थाः “जो अंधकार से टकराता है वह खुद तो टकराता ही रहता है, अपने साथ वह दूसरों को भी अँधेरे कुएँ में ढकेलने का प्रयत्न करता है। उसमें जो जागता है वह बच जाता है, दूसरे सभी गड्डे में गिर पड़ते हैं।
🚩इस संसार का कोई विचित्र रवैया है, रिवाज प्रतीत होता है कि इसका अज्ञान-अँधकार मिटाने के लिए जो अपने आपको जलाकर प्रकाश देता है, संसार की आँधियाँ उस प्रकाश को बुझाने के लिए दौड़ पड़ती हैं। टीका, टिप्पणी, निन्दा, गलच चर्चाएँ और अन्यायी व्यवहार की आँधी चारों ओर से उस पर टूट पड़ती है।
🚩सत्पुरुषों की स्वस्थता ऐसी विलक्षण होती है कि इन सभी बवंडरों (चक्रवातों) का प्रभाव उन पर नहीं पड़ता। जिस प्रकार सच्चे सोने को किसी भी आग की भट्ठी का डर नहीं होता उसी प्रकार संतजन भी संसार के ऐसे कुव्यवहारों से नहीं डरते। लेकिन उन संतों के प्रशंसकों, स्वजनों, मित्रों, भक्तों और सेवकों को इन अधम व्यवहारों से बहुत दुःख होता है।
🚩#आज के युग मे सबसे अधिक #गुमराह करने का काम करी है तो वे है #मीडिया, मीडिया #कलोकल्पित #कहानियां बनाकर जनता में इस तरह की पिरोस रही है कि सज्जन लोग भी उसकी बातों में आकर संतों-महापुरुषों को गलत बोल देते है, अतः उनके भक्त दुःखी, चिंतित नही होकर समाज तक सच्चाई पहुँचाये, एक न एक दिन #सच सामने आयेगा और #झूठी खबरों की #पोल खुल जायेगी ।
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conspiracy against lord buddha

भगवान बुद्ध के साथ भी यही हुआ था

अभी जिन संतों पर आरोप लग रहे हैं उनके भक्त दुःखी न हो, भगवान बुद्ध के साथ भी यही हुआ था
कपिलवस्तु के राजा #शुद्धोदन का युवराज था सिद्धार्थ! यौवन में कदम रखते ही #विवेक और #वैराग्य जाग उठा। युवान पत्नी #यशोधरा और नवजात शिशु #राहुल की मोह-ममता की रेशमी जंजीर काटकर महाभीनिष्क्रमण (गृहत्याग) किया। एकान्त अरण्य में जाकर गहन ध्यान साधना करके अपने साध्य तत्त्व को प्राप्त कर लिया।
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🚩एकान्त में तपश्चर्या और ध्यान साधना से खिले हुए इस आध्यात्मिक कुसुम की मधुर सौरभ लोगों में फैलने लगी। अब #सिद्धार्थ भगवान #बुद्ध के नाम से जन-समूह में प्रसिद्ध हुए। हजारों हजारों लोग उनके उपदिष्ट मार्ग पर चलने लगे और अपनी अपनी योग्यता के मुताबिक #आध्यात्मिक यात्रा में आगे बढ़ते हुए #आत्मिक शांति प्राप्त करने लगे। असंख्य लोग बौद्ध भिक्षुक बनकर भगवान बुद्ध के सान्निध्य में रहने लगे। उनके पीछे चलने वाले अनुयायियों का एक संघ स्थापित हो गया।
 🚩चहुँ ओर नाद गूँजने लगे :
 बुद्धं शरणं गच्छामि।
धम्मं शरणं गच्छामि।
संघं शरणं गच्छामि।
🚩श्रावस्ती नगरी में भगवान बुद्ध का बहुत यश फैला। लोगों में उनकी जय-जयकार होने लगी। लोगों की भीड़-भाड़ से विरक्त होकर बुद्ध नगर से बाहर जेतवन में आम के बगीचे में रहने लगे। नगर के पिपासु जन बड़ी तादाद में वहाँ हररोज निश्चित समय पर पहुँच जाते और उपदेश-प्रवचन सुनते। बड़े-बड़े राजा महाराजा भगवान बुद्ध के सान्निध्य में आने जाने लगे।
🚩समाज में तो हर प्रकार के लोग होते हैं। अनादि काल से दैवी सम्पदा के लोग एवं #आसुरी सम्पदा के लोग हुआ करते हैं। बुद्ध का फैलता हुआ यश देखकर उनका तेजोद्वेष करने वाले लोग जलने लगे। संतों के साथ हमेशा से होता आ रहा है ऐसे उन #दुष्ट तत्त्वों ने #बुद्ध को #बदनाम करने के लिए #कुप्रचार किया। विभिन्न प्रकार की युक्ति-प्रयुक्तियाँ लड़ाकर बुद्ध के यश को हानि पहुँचे ऐसी बातें समाज में वे लोग फैलाने लगे। #उन दुष्टों ने अपने #षड्यंत्र में एक #वेश्या को #समझा-बुझाकर #शामिल कर लिया।
🚩वेश्या बन-ठनकर जेतवन में भगवान बुद्ध के निवास-स्थान वाले बगीचे में जाने लगी। धनराशि के साथ दुष्टों का हर प्रकार से सहारा एवं प्रोत्साहन उसे मिल रहा था। रात्रि को वहीं रहकर सुबह नगर में वापिस लौट आती। अपनी सखियों में भी उसने बात फैलाई।
🚩लोग उससे पूछने लगेः “अरी! आजकल तू दिखती नहीं है?कहाँ जा रही है रोज रात को?”
🚩“मैं तो रोज रात को जेतवन जाती हूँ। वे बुद्ध दिन में लोगों को उपदेश देते हैं और रात्रि के समय मेरे साथ रंगरलियाँ मनाते हैं। सारी रात वहाँ बिताकर सुबह लौटती हूँ।”
🚩वेश्या ने पूरा स्त्रीचरित्र आजमाकर #षड्यंत्र करने वालों का साथ दिया । लोगों में पहले तो हल्की कानाफूसी हुई लेकिन ज्यों-ज्यों बात फैलती गई त्यों-त्यों लोगों में जोरदार विरोध होने लगा। लोग बुद्ध के नाम पर फटकार बरसाने लगे। बुद्ध के भिक्षुक बस्ती में भिक्षा लेने जाते तो लोग उन्हें गालियाँ देने लगे। बुद्ध के संघ के लोग सेवा-प्रवृत्ति में संलग्न थे। उन लोगों के सामने भी उँगली उठाकर लोग बकवास करने लगे।
🚩बुद्ध के शिष्य जरा असावधान रहे थे। #कुप्रचार के समय साथ ही साथ सुप्रचार होता तो कुप्रचार का इतना प्रभाव नहीं होता। 
🚩शिष्य अगर निष्क्रिय रहकर सोचते रह जायें कि ‘करेगा सो भरेगा… भगवान उनका नाश करेंगे..’ तो कुप्रचार करने वालों को खुल्ला मैदान मिल जाता है।
🚩#संत के #सान्निध्य में आने वाले लोग #श्रद्धालु, #सज्जन, #सीधे सादे होते हैं, जबकि #दुष्ट प्रवृत्ति करने वाले लोग #कुटिलतापूर्वक #कुप्रचार करने में #कुशल होते हैं। फिर भी जिन संतों के पीछे सजग समाज होता है उन संतों के पीछे उठने वाले कुप्रचार के तूफान समय पाकर शांत हो जाते हैं और उनकी सत्प्रवृत्तियाँ प्रकाशमान हो उठती हैं।
🚩कुप्रचार ने इतना जोर पकड़ा कि बुद्ध के निकटवर्ती लोगों ने ‘त्राहिमाम्’ पुकार लिया। वे समझ गये कि यह व्यवस्थित आयोजन पूर्वक षड्यंत्र किया गया है। बुद्ध स्वयं तो पारमार्थिक सत्य में जागे हुए थे। वे बोलतेः “सब ठीक है, चलने दो। व्यवहारिक सत्य में वाहवाही देख ली। अब निन्दा भी देख लें। क्या फर्क पड़ता है?”
🚩शिष्य कहने लगेः “भन्ते! अब सहा नहीं जाता। संघ के निकटवर्ती भक्त भी अफवाहों के शिकार हो रहे हैं। समाज के लोग अफवाहों की बातों को सत्य मानने लग गये हैं।”
🚩बुद्धः “धैर्य रखो। हम पारमार्थिक सत्य में विश्रांति पाते हैं। यह #विरोध की #आँधी चली है तो शांत भी हो जाएगी। समय पाकर सत्य ही बाहर आयेगा। आखिर में लोग हमें जानेंगे और मानेंगे।”
 🚩कुछ लोगों ने अगवानी का झण्डा उठाया और राज्यसत्ता के समक्ष जोर-शोर से माँग की कि बुद्ध की जाँच करवाई जाये। लोग बातें कर रहे हैं और वेश्या भी कहती है कि बुद्ध रात्रि को मेरे साथ होते हैं और दिन में सत्संग करते हैं।
🚩बुद्ध के बारे में जाँच करने के लिए राजा ने अपने आदमियों को फरमान दिया। अब षड्यंत्र करनेवालों ने सोचा कि इस जाँच करने वाले पंच में अगर सच्चा आदमी आ जाएगा तो #अफवाहों का सीना चीरकर सत्य बाहर आ जाएगा। अतः उन्होंने अपने #षड्यंत्र को आखिरी पराकाष्ठा पर पहुँचाया। अब ऐसे ठोस सबूत खड़ा करना चाहिए कि बुद्ध की प्रतिभा का अस्त हो जाये।
🚩उन्होंने वेश्या को दारु पिलाकर जेतवन भेज दिया। पीछे से गुण्डों की टोली वहाँ गई। वेश्या के साथ बलात्कार आदि सब दुष्ट कृत्य करके उसका गला घोंट दिया और लाश को बुद्ध के बगीचे में गाड़कर पलायन हो गये।
🚩लोगों ने #राज्यसत्ता के द्वार खटखटाये थे लेकिन सत्तावाले भी कुछ #लोग दुष्टों के साथ #जुड़े हुए थे। ऐसा थोड़े ही है कि सत्ता में बैठे हुए सब लोग दूध में धोये हुए व्यक्ति होते हैं।
🚩राजा के अधिकारियों के द्वारा जाँच करने पर वेश्या की लाश हाथ लगी। अब दुष्टों ने जोर-शोर से चिल्लाना शुरु कर दिया।
🚩“देखो, हम पहले ही कह रहे थे। वेश्या भी बोल रही थी लेकिन तुम भगतड़े लोग मानते ही नहीं थे। अब देख लिया न? बुद्ध ने सही बात खुल जाने के भय से वेश्या को मरवाकर बगीचे में गड़वा दिया। न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी। लेकिन सत्य कहाँ तक छिप सकता है? मुद्दामाल हाथ लग गया। इस ठोस सबूत से बुद्ध की असलियत सिद्ध हो गई। सत्य बाहर आ गया।”
🚩लेकिन उन मूर्खों का पता नहीं कि तुम्हारा बनाया हुआ कल्पित सत्य बाहर आया, वास्तविक सत्य तो आज ढाई हजार वर्ष के बाद भी वैसा ही चमक रहा है। आज बुद्ध भगवान को लाखों लोग जानते हैं, आदरपूर्वक मानते हैं। उनका तेजोद्वेष करने वाले दुष्ट लोग कौन-से नरकों में जलते होंगे क्या पता!
🚩अभी जिन #संतों के ऊपर #आरोप लग रहे है उनके भक्त अगर सच्चाई किसी को बताने जाएंगे तो #दुष्ट प्रकृति के लोग तो बोलेंगे ही लेकिन जो #हिंदूवादी और #राष्ट्रवादी कहलाने वाले लोग है वे भी यही बोलेंगे की कि बुद्ध तो भगवान थे, आजकल के संत ऐसे ही है, उनको इतने पैसे की क्या जरूत है? लड़कियों से क्यों मिलते हैं..??? ऐसे कपड़े क्यों पहनते हैं..??? आदि आदि
 🚩पर उनको पता नही है कि पहले ऋषि मुनियों के पास इतनी सम्पत्ति होती थी कि राजकोष में धन कम पड़ जाता था तो ऋषि मुनियों से लोन लिया जाता था और रही कपड़े की बात तो कई भक्तों की भावना होती है तो पहन लेते हैं और लड़कियां दुःखी होती हैं तो उनके मां-बाप लेकर आते हैं तो कोई दुःख होता है तो मिल लेते हैं,उनके घर थोड़े ही बुलाने जाते हैं और भी कई तर्क वितर्क करेगे लेकिन आप सब दुःखी नहीं होना, सबके बस की बात नही है कि महापुरुषों को पहचान पाये, आप अपने गुरूदेव का #प्रचार #प्रसार करते रहें,एक दिन ऐसा आएगा कि निंदा करने वाले भी आपके पास आयेंगे और बोलेंगे कि मुझे भी अपने गुरु के पास ले चलो ।
🚩जय हिन्द
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कवि: हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा

अगस्त 23, 2017
धर्मान्तरण,
लव जिहाद, मीडिया और पाश्चात्य संस्कृति द्वारा हिन्दू संस्कृति एवं
हिन्दू धर्म रक्षक संतों पर हो रहे कुठाराघात को लेकर एक कवि ने बहुत ही
सुंदर कविता बनाई है ।
आइये पढ़ते है क्या लिखा है कवि ने…

हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
हिन्दुत्व की पताका को परचम पर लहराना ही होगा॥
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।

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बचाना ही होगा……

अत्याचार हो रहे निर्दोष संतों पर अपने ही देश में,
मानवता को शर्मसार कर रहे दुष्ट सज्जन के भेष में,
औकात क्या है इन दुष्टों की, अब इनको दिखाना ही होगा।
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
धर्मांतरण का चल रहा गौरख धंधा ईसाई मिशनरियों के दम पर,
पैसे, बल व शक्ति का दुरूपयोग कर रहे इस कुकर्म पर,
बन भगतसिंह, आजाद इन गौरों को भगाना ही होगा
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
लव जिहाद के नाम से फिर मुल्लों ने वार किया,
अपना नाम बदलकर बहनों की अस्मिता पर प्रहार किया,
द्रोपदी की लुटती अस्मिता को कृष्ण बन बचाना ही होगा,
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
हिन्दू धर्म की मान्यताओं का खूब मीडिया ने मजाक उड़ाया,
दूसरे धर्म की कुमान्यताओं को छुपाकर सिर पर बैठाया,
कमजोर नहीं है हिन्दुत्व ये मीडिया को दिखाना ही होगा,
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
पाश्चात्य संस्कृति की तरफ लोगों का रूझान बढ़ा,
हिन्दू संस्कृति भूल रहे धार्मिक मान्यताओं का अपमान बढ़ा,
बन विवेकानन्द, आशारामजी बापू विश्व को चेताना ही होगा,
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
कवि ने सच ही लिखा है कि हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा क्योंकि हिन्दू संस्कृति नही बचेगी तो दुनिया में से मानवता ही खत्म हो जाएगी ।
हिन्दू संस्कृति ही ऐसी है जिसने “वसुधैव कुटुम्बकम” के वाक्य को चरितार्थ कर दिखाया है और सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना रखती है ।
ईसाई चाहते कि ईसायत बढ़े, मुसलमान चाहते है मुस्लिम धर्म बढ़े, पारसी चाहते है कि पारसी धर्म का प्रचार, प्रसार हो ।
लेकिन हिन्दू धर्म ही एक ऐसा धर्म है जो चाहता है कि प्राणिमात्र का कल्याण हो, विश्व का मंगल हो ऐसी भावना किसी मत, पंथ या मजहब में नहीं देखने को मिलेगी ।
हिन्दू धर्म पुरातन नहीं सनातन है मुस्लिम मजहब को 1450 साल हुए, ईसाई पंथ को 2017 साल हुए बाकि जो भी धर्म हैं कुछ साल पहले ही बनाये गए हैं लेकिन सनातन (हिन्दू) धर्म जबसे सृष्टि की उत्पति हुई तब से है ।
दूसरे धर्म जैसे कि मुस्लिम धर्म की मोहम्मद पैंगबर ने स्थापना की, ईसाई धर्म की यीशु ने स्थापना की लेकिन हिन्दू धर्म की स्थापना किसी ने नही की ।
हिन्दू धर्म में कई भगवानों के अवतार हो गये लेकिन स्थापना नही की इसलिए हिन्दू धर्म ही सबसे प्राचीन और उत्तम है उसको तोड़ने के लिए दुष्ट प्रकृति के लोग लगे हुए हैं लेकिन सनातन धर्म न कभी मिटा है न कभी मिटेगा ।
लेकिन फिर भी आज सभी हिंदुओं का कर्तव्य है कि जिस धर्म में अपना जन्म हुआ उस पर हो रहे कुठाराघात को रोके ।
जैसे अधर्म बढ़ गया तो श्री कृष्ण ने भी युद्ध किया था तो हिन्दुओं को भी दुष्ट लोगों का नाश कर धर्म की रक्षा करने के लिए आगे आना होगा ।
झूठ दिखाने पर पत्रकार दीपक चौरसिया पर कोर्ट ने निकाला गैरजमानती वारंट, होगी गिरफ्तारी

झूठ दिखाने पर पत्रकार दीपक चौरसिया पर कोर्ट ने निकाला गैरजमानती वारंट, होगी गिरफ्तारी

अगस्त 22, 2017
इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया ने आज स्वतंत्रता के नाम पर झूठ परोसना चालू कर दिया है, कहीं की घटना कहीं पर दिखाने लगे हैं । किसी भी न्यूज को अपने फायदे के अनुसार तोड़-मरोड़ कर दिखाते हैं । आज तो डिजिटल युग है उसमें कुछ भी छेड़छाड़ करके दिखाया जाता है , मीडिया आज उसका भरपूर उपयोग कर रही है । उसमें भी कोई हिंदुत्व का मुद्दा हो या कोई हिंदुत्वनिष्ठ हो तो उसके खिलाफ तो झूठी कहानियाँ जमकर दिखाते हैं ।
aRREST WARRANT AGAINST dipak chaurasiya
ऐसे ही इंडिया न्यूज के चीफ एडिटर दीपक चौरसिया ने गलत खबरें दिखाई तो पटना न्यायालय ने दीपक चौरसिया को गैर जमानती वारंट ( Non-bailable Warrant ) भेजा है लेकिन उसके बाद भी दीपक चौरसिया के न्यायालय में हाजिर नही होने पर लोगों में भारी आक्रोश है ।
पटना एवं नोएडा पुलिस द्वारा भी कोई ठोस कदम नही उठाने पर जनता सड़कों पर आ गई है और पटना एवं नोएडा पुलिस से प्रश्न कर रही है कि क्या दीपक चौरसिया के लिए अलग कानून है..???
क्यों गिरफ्तार नही कर रहे हैं…??
सोमवार को पटना पुलिस स्टेशन के सामने सैकड़ो लोगों ने दीपक चौरसिया को एरेस्ट करने के लिए धरना प्रदर्शन किया ।
उससे पहले भी चौरसिया को गिरफ्तार करने के लिए जंतर-मंतर और नोएडा पुलिस के सामने धरना प्रदर्शन किया गया था ।
कई बार ट्वीटर पर भी #ArrestCHORasia द्वारा लाखों ट्वीट्स की गई हैं जो हैशटैग भारतभर में टॉप ट्रेंड में दिखा ।
सभी का एक ही कहना था कि..
क्या हमारी न्याय प्रणाली कमजोर है या पुलिस प्रशासन बिका हुआ है…???
आखिर क्यों दीपक चौरसिया को गिरफ्तार नही कर रहे हैं ???
आपको बता दें कि #इण्डिया #न्यूज चैनल के दीपक चौरसिया के खिलाफ तीन-तीन बार #पटना #कोर्ट ने #summons जारी किये, पर हर बार  न्यायालय की अवहेलना करने के कारण पटना कोर्ट द्वारा चौरसिया को गिरफ्तार करने के लिए “गैर जमानती वारंट” जारी किया गया ।
गौरतलब है कि इंडिया न्यूज चैनल के दीपक चौरसिया ने हिन्दू संत आशारामजी बापू को बदनाम करने के उद्देश्य से कई झूठे एवं मनगढ़ंत न्यूज बनाये और जनता को गुमराह किया जबकि #पुलिस द्वारा उन आरोपों की पुष्टि आज तक नहीं हुई है ।
इसी कारण पटना में रहने वाले श्री दिलीप कुमार ने, जिनकी धार्मिक भावना को ठेस पहुँची थी, उन्होंने #पटना शहर के कोर्ट में दीपक चौरसिया एवं अन्य आरोपी जिनमें इंडिया न्यूज चैनल के मालिक एवं निर्देशक भी सम्मलित हैं,  उनके खिलाफ 15 मई 2014 को शिकायत दर्ज कराई थी ।
पटना कोर्ट ने इसकी गंभीरता को देखते हुए “#Non-bailable Warrant” जारी किया है ।
ब्रजबिहारी गुप्ता उर्फ #भोलानंद ने भी हजारों लोगों के सामने आकर षड़यंत्र का पर्दाफाश करते हुए कहा है कि संत आसारामजी बापू को फंसाने के लिए उनके खिलाफ इण्डिया #न्यूज टीवी पर बोलने के लिए #दीपक #चौसरिया का फोन आता था और ‘इंडिया न्यूज’ का मनीष अवस्थी रोज गाड़ी लेकर मुझे लेने आता और पैसे की सूटकेस भर-भर के दिखाता था ।
भोलानन्द ने आगे कहा कि मै जब भी संत आसारामजी बापू के खिलाफ बोलने को मना करता तो मेरे को #70-80 लाख का फ्लेट, पैसे आदि का प्रलोभन देते और साथ में मुझे डराने-#धमकाने के लिए गुंडे भी बैठा रखे थे।
#दीपक चौरसिया के खिलाफ इतने अहम सबूत भी हैं और #गिरफ्तार करने के लिए पटना कोर्ट द्वारा “गैर जमानती वारंट” भी जारी किया गया है ।
#ट्वीटर पर भी लाखों लोग गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं और दिल्ली जंतर मंतर पर भी अनेक बड़े-बड़े हिन्दू संगठन और हजारों लोग गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं ।
अब देखना ये है कि बिना सबूत हिन्दू संतों को आधी रात को गिरफ्तार करने वाला ये #पुलिस प्रशासन हजारों-लाखों लोगों की मांग को देखकर कितना #सक्रिय होता है दीपक चौरसिया की #गिरफ्तारी को लेकर….!!

नार्को टेस्‍ट में खुलासा : भगवा आतंकवाद कांग्रेस का षडयंत्र था, विस्फोट पाकिस्‍तान ने करवाया था

जुलाई 27, 2017
🚩हिन्दुओं को बदनाम करने के लिये भगवा आतंकवाद नाम दिया था और उसके लिए #निर्दोष #हिन्दुत्वनिष्ठों को #फंसाया गया था लेकिन अभी एक के बाद एक का पर्दाफाश हो रहा है कि #कांग्रेस सरकार ने ही यह #षड्यंत्र रचा था, दूसरे समुदाय के वोट बैंक के लिये ये सब किया गया था बाकि भगवा आतंकवाद जैसा कुछ नहीं था ।
sonia smjhuata express
🚩आपको बता दें कि #समझौता एक्‍सप्रेस बम #विस्फोट के तार #पाकिस्‍तान से जुड़े हैं। प्रतिबंधित संगठन सिमी के पूर्व मुखिया सफदर नागौरी के नार्को टेस्‍ट में ये बात सामने आई है। नागौरी ने इस बम विस्फोट के लिए अब्‍दुल रज्‍जाक को जिम्‍मेदार ठहराया है। 8 फरवरी 2007 को हुए समझौता एक्‍सप्रेस बम विस्फोट में 68 लोगों की जान गई थी।
 🚩टाइम्‍स नाउ चैनल के पास नागौरी के नार्को टेस्‍ट का एक टेप है। इस टेप में नागौरी इस बात को कबूल कर रहा है कि समझौता एक्‍सप्रेस बमविस्फोट को जिन लोगों ने अंजाम दिया, उन्‍हें पाकिस्‍तान में प्रशिक्षण दिया गया था। नार्को टेस्ट के दौरान जब नागौरी से यह पूछा जाता है कि समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट करने के लिए किसने कहा था ? नागौरी इस पर जवाब देता है, #‘अब्दुल रज्जाक, यह उसी का काम है। वो #इंदौर से है।’
🚩उसने आगे कहा कि, ‘रज्जाक ने मुझसे कहा था कि अब तुम राजनेता बन गए हो, इसलिए तुमसे कुछ नहीं हो पाएगा। अब तुम सिमी से रिटायर हो जाओ। तुम उनसे पैसे लेते हो, किंतु सारा पैसा खाने-पीने में बर्बाद कर देते हो। जिहाद तुम्हारे बस की बात नहीं है, अब मैं ही कुछ करुंगा।’
🚩नागौरी से जब पूछा गया कि रज्‍जाक पाकिस्‍तान में किसके संपर्क में है ? इस पर वह कहता है, ‘#रज्‍जाक के कुछ रिश्‍तेदार पाकिस्‍तान में हैं। इस सबको उसने खुद ही अंजाम दिया। वह #सिमी की इंदौर शाखा का मुखिया रह चुका है। विस्फोटक और हथियार शायद लश्कर-ए-तैयबा ने रज्‍जाक को उपलब्‍ध कराए होंगे। वह लश्‍कर के नसीर के संपर्क में था, जिससे उसने एक विदेशी पिस्‍टल और एके 47 के लिए कहा था। वह किसी को मारते समय रिस्‍क नहीं लेना चाहता था। हालांकि वह किसी एक शख्‍स को ही मारने की प्‍लानिंग कर रहा था। ‘
🚩नागौरी ने नार्को टेस्ट में यह भी कबूल किया कि वह #बाबरी मस्जिद गिराए जाने, #हाशिमपुरा की घटना, गुजरात और मुंबई के दंगों का बदला लेना चाहता था।
🚩आपको बता दें कि गृहमंत्रालय के गोपनीय दस्तावेज से बड़ा खुलासा हुआ है कि भगवा आतंकवाद का #लक्ष्य पूरा करने के लिए #कांग्रेस सरकार ने आतंकवादियों की जगह #हिन्दुत्वनिष्ठों को #जेल में डाल दिया ।
🚩समझौता_एक्सप्रेस #मालेगांव, अजमेर शरीफ #बम_ब्लास्ट के धमाकों के पीछे सिमी आतंकवादियों का हाथ था ।
🚩यहाँ तक कि #जाँच_एजेंसियों के पास उन आतंकवादियों के नाम भी थे लेकिन बाद में अचानक #कांग्रेस #सरकार ने #आतंकवादियों के नाम हटा दिए और आतंकवादियों की जगह हिन्दू संगठनों के नाम डालकर स्वामी असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, शंकराचार्य जी अमृतानंद जी, #कर्नल_पुरोहित, शंकराचार्य अमृतानन्द  आदि को जेल में डाल दिया ।
🚩यहाँ तक बम ब्लास्ट के जो #गवाह थे उनको भी #कांग्रेस #सरकार ने स्वामी असीमानंद और अन्य के #खिलाफ #अदालत में #गवाही देने को #मजबूर किया था ।
🚩सोनिया गांधी ने #हिन्दू #संस्कृति नष्ट करने हेतु हिन्दुओं की बदनामी करवाने के लिए  “#भगवा_आतंकवाद” नाम दिया था ।
🚩जॉइंट इंटेलीजेंस कमेटी के पूर्व प्रमुख और पूर्व उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. एस डी प्रधान ने भी  #मालेगांव और #समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
🚩प्रधान ने बताया कि पाकिस्तान ब्लास्ट होने वाला है वो हमें पहले ही पता चल गया था और हमने #गृह मंत्रालय में भी बता दिया था लेकिन #पी. चिंदबर ने राजनैतिक फायदे के लिए ब्लास्ट होने दिया और निर्दोष #साध्वी प्रज्ञा, #स्वामी असीमानंद आदि हिन्दू #साधु-संतों को फंसाने के लिए भगवा आतंकवाद नाम देकर उनको जेल भेज दिया था।
🚩गौरतलब है कि अब शंकराचार्य अमृतानन्द , #कर्नल पुरोहित, #बापू #आसारामजी, #श्री #नारायण साईं, #धनंजय देसाई आदि को फंसाने के पीछे कई सबूत मिल चुके हैं। लेकिन उनको भी अभीतक जमानत मिल नही पाई है ।
🚩क्या उनको इसलिये जेल में रखा गया है कि वो कट्टर हिंदुत्ववादी हैं..???
🚩उन्होंने लाखों हिंदुओं की #घरवापसी करवाई है ।
🚩विदेशी प्रोडक्ट पर रोक लगाई है ।
🚩विदेशी ताकतों ने मीडिया से सांठ-गांठ कर हिन्दू संतों को बदनाम करवाया । जिसका असर न्यायपालिका के फैसलों पर भी पड़ा ।
🚩कांग्रेस सरकार ने तो षडयंत्र करके हिन्दू सन्तों को जेल भेज दिया था पर अब हिंदुत्ववादी कहलाने वाली #BJP सरकार कैसे हिंदुओं के माप-दण्ड पर खरी उतरती है , ये देखना है ।
🚩कब #निर्दोष संतों की जल्द से जल्द सह-सम्मान रिहाई करवाती है उसी पर सभी हिंदुओं की निगाहें टिकी है ।
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कश्मीरी पंडितों की मौत की जांच से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

जुलाई 25, 2017
उच्चतम न्यायालय ने कश्मीर में 27 वर्ष पहले हुए कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की दोबारा जांच के निर्देश देने से इनकार कर दिया है । न्यायालय में दायर याचिका में वर्ष 1989  में 700 कश्मीरी पंडितों की हत्या के मामले में दर्ज केसों में से 215 मामलों की दोबारा जांच के आदेश देने की मांग की गई थी ।
kashmir genocide
मुख्य न्यायाधीश जे. एस. खेहर और न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने ‘रूट्स इन कश्मीर’ की याचिका खारिज करते हुए कहा कि, इतने वर्ष बाद सबूत जुटाना बेहद मुश्किल होगा । ‘रूट्स इन कश्मीर’ कश्मीरी विस्थापित पंडितों की संस्था है ।
इतना ही नहीं उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ता को फटकार भी लगाई । न्यायालय ने पूछा कि, आखिर पिछले 27 वर्ष से आप कहां थे ? हम अब इस मामले को नहीं सुन सकते । हमे ऐसा लगता है कि, आप ने ये मांग मीडिया की सुर्खियों में आने के लिए की है ।
न्यायालय के इस सवाल पर याचिकाकर्ता के वकील विकास पडोरा ने कहा ‘माई लॉर्ड हम तो अपनी जान की हिफाजत के लिए भागे-भागे फिर रहे थे । राज्य सरकार कहां थी ? केंद्र सरकार कहां थी ? इन सरकारों को आना चाहिए था । उन्होंने कहा कि, न्यायालय भी तो स्वतः संज्ञान ले सकती थी । बहुत से मामलों में न्यायालय ऐसा करती है। वकील ने न्यायालय में कहा, ”आप पूछते हैं कि, 27 वर्ष से आप कहां थे, हम नहीं सुन सकते । जब आप 1984  दंगा का केस सुन सकते हैं तो कश्मीरी पंडितों का क्यों नहीं ?”
हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील पडोरा की तमाम दलीलों को दरकिनार करते हुए न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई से साफ इंकार कर दिया ।
आपको बता दें कि 1990 में सारे कश्मीरी मुस्लिम सड़कों पर उतर आये थे । उन्होंने कश्मीरी पंडितो के घरो को जला दिया, कश्मीर पंडित महिलाओं का बलात्कार करके, फिर उनकी हत्या करके उनके नग्न शरीर को पेड़ पर लटका दिया था । कुछ महिलाओं को जिन्दा जला दिया गया और बाकियों को लोहे के गरम सलाखों से मार दिया गया । बच्चों को स्टील के तार से गला घोटकर मार दिया गया । कश्मीरी महिलाये ऊंचे मकानों की छतों से कूद कूद कर जान देने लगी और देखते ही देखते कश्मीर घाटी हिन्दू विहीन हो गई और कश्मीरी पंडित अपने ही देश में विस्थापित होकर दरदर की ठोकर खाने को मजबूर हो गए ।
3,50,000 कश्मीरी पंडित अपनी जान बचा कर कश्मीर से भाग गए । यह सब कुछ चलता रहा लेकिन सेकुलर मीडिया चुप रही । देश- विदेश के लेखक चुप रहे, भारत का संसद चुप रहा, सारे सेकुलर चुप रहे । किसी ने भी 3,50,000 कश्मीरी पंडितो के बारे में कुछ नहीं कहा । और अभी सुप्रीम कोर्ट ने भी  सुनवाई करने से इनकार कर दिया ।
हिन्दुस्तान का हिन्दू आखिर जाये तो जाये कहाँ..???
नेता अपनी सत्ता की खातिर सेकुलरों के तलवे चाटने में मग्न हैं और इसलिए हिन्दू उन्हें दिखाई ही नहीं देते । हिन्दुस्तान के मिलार्ड भी आँख पर हरा चश्मा पहन चुके हैं, ट्रिपल तलाक पर उन्हें मजहब की चिंता रहती है पर दही हांड़ी और जलीकट्टू इन्हें मात्र खेल लगता है ।
एक अखलाक की मौत तो इन्हें दर्दनाक लगती है पर 700 कश्मीरी पंडितों की ह्त्या पर इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ।
हिन्दुओं का दुर्भाग्य है कि वो सेकुलर हिन्दुस्तान के नागरिक हैं ।
जलीकट्टू हो या दही हांडी की ऊंचाई, मिलार्ड सुनवाई के लिए तत्पर रहते हैं, लेकिन राममंदिर मामले में ‘डे टू डे’ हियरिंग की याचिका मिलार्ड समय का अभाव बताकर खारिज कर देते हैं, वहीं ट्रिपल तलाक वाला मामला छुट्टियों में चलाने के लिए मिलार्ड राजी हो जाते हैं ।
राजनीति से तो हिन्दुओं की उम्मीद टूट चुकी थी अब मिलार्ड भी सेकुलर निकले ।
न्यायपालिका बनी अन्याय पालिका…!!!
1990 में मुसलमानों के गुंडों द्वारा मार काट करके भगा दिया जाने वाला मामला पुराना बताकर खारिज कर दिया लेकिन वही दूसरी ओर मिलार्ड 1528 में तोड़े गये राम मंदिर के सबूत कैसे ढूंढ रहे हैं..???
हिन्दुस्तान सेकुलर देश होने की वजह से हिन्दू हर तरह से लाचार है ।
हिंदुस्तान में सेकुलर राजनीति सेकुलर नेता, सेकुलर लोकतंत्र, सेकुलर संविधान, सेकुलर न्यायापालिका हिन्दुस्तान में हिन्दुओं को किसी से भी उम्मीद रखने की जरूरत नही है।
आतंकवादी याकूब को फाँसी रोकने के लिए रात को 12 बजे कोर्ट खुल सकती है लेकिन वहीं दूसरी ओर 27 साल पुराना केस खारिज कर दिया जाता है ।
बाबरी मस्जिद का ढांचा भी तोड़े 25 साल हो गये फिर भी क्यों उसका केस चल रहा है?
क्यों अभीतक राम मंदिर की परमिशन नही मिल रही है?
हिन्दुस्तान में हिंदुओं को सरकार, न्यायालय द्वारा इसलिए कोई सहायता या न्याय नही मिल रहा है क्योंकि हिंदुओं में एकता नही है, जिस दिन एकता हो जायेगी उस दिन हर जगह से न्याय मिलने लगेगा ।
अतः अब समय आ गया है हिंदुओं के एक होने का..!!

हिन्दू संतों को बदनाम करने की साजिश नाकाम, लड़की बोली कभी नहीं हुआ बलात्कार, गलत लिखा था बयान

हिन्दू संतों को बदनाम करने की साजिश नाकाम, लड़की बोली कभी नहीं हुआ बलात्कार, गलत लिखा था बयान
जून,20,2017
media against saints
इतिहास
साक्षी है कि जब-जब देश पर #राष्ट्र विरोधी #ताकतों द्वारा प्रहार किया
जाता है तब उनके बचाव में जो भी #राष्ट्र हितैषी लोग आगे आते हैं उनको
#बदनाम करके #जेल भेजा जाता है या हत्या कर दी जाती है ।
पिछले
कुछ समय से तो हिन्दू #साधु-संतों को #बदनाम करने की पुरजोश साजिश चल रही
है क्योंकि भारत में कई करोड़ जनता हिन्दू साधु-संतों में श्रद्धा रखती है
और उनके बताये मार्ग अनुसार कार्य करती है । पर राष्ट्र #विरोधी ताकतों
द्वारा जिनको भारत में #धर्मांतरण करवाना है, विदेशी प्रोडक्ट बेचना है,
पश्चिमी संस्कृति लाना है उनको ये सब सहन नही होता है क्योंकि उनके आड़े आते
हैं ये हिन्दू साधु-संत । इसलिए #राष्ट्र विरोधी ताकतें #मीडिया का
दुरूपयोग करके साधु-संतों को #बदनाम करने की साजिश करती हैं और कुछ
स्वार्थी, #लालची नेताओं से मिलकर उनको #जेल में भी भिजवा दिया जाता है या
हत्या कर दी जाती है ।
अभी
थोड़े दिन पहले केरल स्थित कोल्लम के पनमना आश्रम के #’हिन्दू ऐक्या वेदी’
नाम के संगठन से जुड़े 54 साल के एक स्वामी जी मीडिया की सुर्खियों में रहे
, मीडिया ने उनकी खूब बदनामी की ।
बताया गया कि लड़की का बलात्कार करने की कोशिश की तो चाकू से उनका लिंग काट दिया गया ।
एक
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि 32 साल की महिला ने अपनी शिकायत में
कहा है कि स्वामी जी की पिछले कुछ साल से उसके परिवार के साथ जान-पहचान थी
और वह तब से उसका उत्पीड़न कर रहा है जब वह छोटी थी।
19
मई 2017 को स्वामी जी ने दुराचार का प्रयास किया तो महिला ने उसका विरोध
किया और चाकू से उसका लिंग काट दिया। स्वामी जी के खिलाफ मामला दर्ज कर
लिया गया है ,मामले का अधिक विवरण देने को मना कर दिया गया था ।
केरल के मुख्यमंत्री ने भी कहा था कि युवती की हर संभव सहायता करेंगे युवती का ‘‘यह साहसिक कदम था, इसमें कोई संदेह नहीं है।’’
जबकि
स्वामी जी ने लड़की द्वारा लिंग काटने की बात को नकार दिया था। उन्होंने
कहा था कि उसका लिंग किसी काम का नहीं रहा था जिसके चलते उसने खुद ही उसे
काट दिया था।
#मीडिया ने भी स्वामी जी को बदनाम करते हुए खूब #टीआरपी कमाई लेकिन जैसे ही सच्चाई सामने आई तो मीडिया मौन हो गई ।
युवती
ने वकील को एक खत लिखा है । जिसमें कहा है कि स्वामी जी की ओर से मेरे साथ
कभी भी यौन उत्पीड़न नहीं किया गया है । उस समय भी जब मै #नाबालिग थी या
अब जब मै बालिग हो गई हूँ । स्वामी जी के ऊपर मेरा लगाया हुआ सारा आरोप गलत
है। पुलिस द्वारा अलग से आरोप जोड़ा गया है । पुलिस द्वारा दबाव भी बनाया
जा रहा है । स्वामी जी ने कभी भी मेरे साथ बलात्कार नही किया है ।
अब
देखिए कैसे पुलिस जबरदस्ती बयान करवा लेती है और उस पर दबाव भी डालती है,
पुलिस पर भी #राजनेताओ का दबाव होता है, कुछ राजनेता राष्ट्र-विरोधी ताकतों
द्वारा काम करते हैं जिसमें हिन्दू साधु-संतों के जेल भेजने का टारगेट
होता है । उसमें अहम भूमिका मीडिया की होती है जो उनको बदनाम करती है और
जैसे ही सच्चाई सामने आती है तो मौन हो जाती है खबरें दिखाना बन्द कर देती
है ।
#राष्ट्र
विरोधी ताकतों द्वारा संतों को #फंसाने में #महिला कानून का अंधाधुन
#दुरूपयोग किया जा रहा है जैसे कि गुजरात द्वारका के केशवानंदजी पर कुछ समय
पूर्व एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया और कोर्ट ने सजा भी सुना दी
लेकिन जब दूसरे जज की बदली हुई तब देखा कि ये मामला झूठा है तब उनको 7 साल
के बाद #निर्दोष बरी किया ।
85 वर्षीय #श्री कृपालु महाराज को भी बलात्कार के #झूठे आरोप में जेल भेजा गया था ।
ऐसे
ही दक्षिण भारत के #स्वामी नित्यानन्द जी के ऊपर भी सेक्स सीडी मिलने का
आरोप लगाया गया और उनको जेल भेज दिया गया बाद में उनको कोर्ट ने #क्लीनचिट
देकर बरी कर दिया ।
शिवमोगा
और बैंगलोर मठ के शंकराचार्य #राघवेश्वर भारती जी पर भी एक गायिका को 3
करोड़ नही देने पर 167 बार बलात्कार करने का #आरोप लगाया था ।
उनको भी कोर्ट ने निर्दोष बरी कर दिया ।
इसी
प्रकार का हाल ही में एक मामला सामने है बापू #आसारामजी और उनके बेटे
#नारायण साईं का । उनपर अक्टूबर 2013 में प्राथमिकी दर्ज की गई कि उनकेे
ऊपर आश्रम में रहने वाली सूरत गुजरात की 2 महिलायें, जो सगी बहनें हैं,
उनमें से बड़ी बहन ने बापू आसारामजी के ऊपर 2001 में और छोटी बहन ने नारायण
साईं जी पर 2003 में बलात्कार हुआ, ऐसा #आरोप लगाया है ।
किसके
दबाव में आकर 11-12 साल पुराना केस दर्ज किया गया । बड़ी बहन #FIR में
लिखती है कि 2001 में मेरे साथ बापू आसारामजी ने दुष्कर्म किया लेकिन जरा
सोचिए कि अगर किसी लड़की के साथ #दुष्कर्म होता है तो क्या वो अपनी सगी बहन
को बाद में #आश्रम में #समर्पित कर सकती है..???
लेकिन
बड़ी बहन ने छोटी बहन को 2002 में संत आसारामजी बापू आश्रम में समर्पित
करवाया था। उसके बाद छोटी बहन 2005 और बड़ी बहन 2007 तक आश्रम में रही ।
2010 में उनकी शादी हो गई । 2007 में वो आश्रम छोड़कर चली जाती हैं और जनवरी
2013 तक वो बापू आसारामजी और नारायण साईं के #कार्य्रकम में आती रहती
हैं, सत्संग सुनती हैं, #कीर्तन करती हैं ।
🚩लेकिन अचानक क्या होता है कि अक्टूबर 2013 में #बलात्कार का आरोप लगाती है ।
🚩पुलिस
ने भी दोनों लड़कियों का 5 से 6 बार बयान लिया उसमें हरबार बयान विरोधाभासी
आये और हर बार बयान बदल देती थी । इससे पता चलता है कि ये केस किसी द्वारा
उपजाऊ है ।
🚩इससे
बड़ी विडंबना देखिये कि दिसम्बर 2014 में लड़की केस वापिस लेना चाहती है
लेकिन सरकार द्वारा विरोध किया जाता है और #न्यायालय उसको केस वापिस लेने
को मना कर देता है ।
🚩यहाँ
तक कि केस 12 साल पुराना होते हुए भी, कोई सबूत न होते हुये भी, बापू
आसारामजी की #वृद्धावस्था को देखते हुए भी, 80 वर्ष की उम्र में चलना-फिरना
मुश्किल होते हुए भी, जमानत तक नही दी जा रही है ।
🚩लगातार
मीडिया द्वारा बापू आसारामजी की छवि को धूमिल करने का प्रयास करना, सरकार
द्वारा जमानत तक का विरोध करना और #न्यायालय का जमानत देने से इंकार
करना…क्या एक हिन्दू संत को जबरदस्ती साजिश कर फंसाने की बू नहीं आ रही
है..???
🚩और वो भी ऐसे संत जिन्होंने #हिन्दू संस्कृति का परचम विश्व में लहराया..!!!
🚩जिन्होंने देश और संस्कृति के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया…!!!
🚩जिन्होंने
पाश्चात्य कल्चर से युवाओं को बचाकर,वेलेंटाइन डे की गन्दगी से मातृ पितृ
पूजन दिवस शुरू करवा युवाओं को संयमी जीवन की ओर अग्रसर किया..!!!
🚩जब
दिल्ली में एक 6 साल पुराना #बलात्कार का केस दर्ज करवाने पर न्यायालय ये
बोलकर खारिज करता है कि केस 6 साल पुराना है और कोई सबूत नही है लेकिन वही
#न्यायालय #सूरत की 2 लड़कियाँ 12 साल पुराना केस दर्ज करवाती है लेकिन उसको
खारिज करना तो दूर की बात, #जमानत तक नही देता।
🚩ये सब देखकर क्या आपको नहीं लगता कि #सुनियोजित #षड़यंत्र करके केस दर्ज हुआ है..???
🚩आखिर कबतक हमारे निर्दोष संत यूँ ही प्रताड़ित होंगे उस कानून,सरकार के द्वारा जो रक्षक बनने का मुखौटा पहने बैठे हैं ।
🚩जागो हिन्दू!!
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