पूर्व सचिव समेत 3 अफसरों को कोयला घोटाले में 2 साल की जेल, मिली तुरंत जमानत

पूर्व सचिव समेत 3 अफसरों को कोयला घोटाले में 2 साल की जेल, मिली तुरंत जमानत
🚩22 अप्रैल 2017
🚩आज
भी देश की जेलों में करीब 2.78 लाख विचाराधीन कैदी हैं। इनमें से कई ऐसे
हैं जो उस अपराध के लिए मुकर्रर सजा से ज्यादा समय जेलों में बिता चुके हैं
🚩जो
धनी लोग हैं और सत्ता के साथ अपना ताल मेल रखते हैं वो तो पैसे के बल पर
तुरन्त जमानत पा लेते हैं लेकिन जो गरीब हैं, झूठे #केस में फंसे हैं उनके
लिये न्याय पाना मुश्किल ही नही असंभव जैसा हो गया है ।
🚩ऐसे ही करीब 11 लाख करोड़ रुपये कोयला खदान आवंटन घोटाले का मामला सामने आया है ।
🚩दिल्ली
की पटियाला हाउस #कोर्ट स्थित स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को कोयला
घोटाले में दोषी पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता, #कोयला #मंत्रालय के
तत्कालीन संयुक्त सचिव के एस क्रोफा और तत्कालीन निदेशक के सी समारिया को
दो साल जेल की सजा सुनायी। हालांकि तीनों दोषियों को एक-एक लाख रुपये के
निजी मुचलके पर तत्काल #जमानत भी मिल गयी।
🚩
#यूपीए #सरकार के समय #मध्यप्रदेश के थेसगोड़ा-बी रूद्रपुरी कोयला ब्लॉक
के आवंटन घोटाले में गुप्ता, क्रोफा, समारिया और कंपनी केएसएसपीएल और उसके
प्रबंध निदेशक पवन कुमार आहलूवालिया को #दोषी करार दिया गया था। दो साल जेल
की सजा पाए आहलूवालिया को भी कोर्ट से जमानत मिल गयी।
इस कोयला घोटाले से जुड़े ये चार किरदार कौन हैं, इस पर एक रिपोर्ट-
🚩1.एच
सी गुप्ता- यह 31 दिसंबर 2005 से नवंबर 2GYह008 तक कोयला सचिव थे।
इन्होंने तत्कालीन #पीएम #मनमोहन सिंह के समक्ष कमल स्पॉंज स्टील एंड पावर
लिमिटेड (केएसएसपीएल) कंपनी को मध्य प्रदेश में कोयला ब्लॉक आवंटित करने की
सिफारिश की थी, जो उस समय आवंटन के नियमों को पूरा नहीं करती थी। सीबीआई
ने विशेष अदालत से गुप्ता को धोखाधड़ी और आपराधिक #षडयंत्र के जुर्म में
अधिकतम सात साल जेल की मांग की थी। गुप्ता के खिलाफ कोयला घोटाले से जुडे
10 और मामले लंबित हैं, जिन पर अलग से कार्रवाई चल रही है।
🚩2.
के एस क्रोफा- यह कोयला मंत्रालय के तत्कालीन संयुक्त सचिव थे। इन्हें भी
विशेष कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन में #अनियमितता का दोषी माना है। क्रोफा
असम मेघालय कैडर के 1982 बैच के आईएएस अ​धिकारी हैं। फिलहाल यह मेघालय के
मुख्य सचिव हैं।  इन पर कोयला घोटाले से जुड़े 8 मामलों में शामिल होने का
आरोप है।
🚩3.
के सी समारिया- यह कोयला मंत्रालय के तत्कालीन निदेशक थे। कोयला ब्लॉक
आवंटन में य​ह भी दोषी माने गए हैं। इन पर कोयला घोटाले से जुड़े 6 मामलों
में संलिप्त होने का आरोप है।
🚩4.
पवन कुमार आहलूवालिया- यह कोयला घोटाले में शामिल कंपनी केएसएसपीएल के
प्रबंध निदेशक हैं। इनकी कंपनी के सतना और जयपुर में कार्यालय हैं।
🚩केवल
कोयला घोटाले के अपराधियों को ही जमानत मिल गई ऐसा नही है घोटाले –
#बोफोर्स_घोटाला – 64 करोड़ रुपये, #यूरिया_घोटाला – 133 करोड़ रुपये,
#चारा_घोटाला – 950 करोड़ रुपये, #शेयर_बाजार_घोटाला – 4000 करोड़ रुपये,
#सत्यम_घोटाला – 7000 करोड़ रुपये, #स्टैंप_पेपर_घोटाला – 43 हजार करोड़
रुपये, #कॉमनवेल्थ_गेम्स_घोटाला – 70 हजार करोड़ रुपये,
#2जी_स्पेक्ट्रम_घोटाला – 1 लाख 67 हजार करोड़ रुपये, अनाज_घोटाला – 2 लाख
करोड़ रुपए (#अनुमानित), विजय माल्या 9000 करोड़ घोटाला आदि के सभी आरोपी
बाहर स्वतंत्र घूम रहे हैं ।
🚩लेकिन
दूसरी ओर  हिन्दू संस्कृति की रक्षा करने वाले, शंकराचार्य अमृतानन्द,
कर्नल पुरोहित, संत आसारामजी बापू, श्री नारायण साई, श्री धनंजय देसाई आज
भी बिना सबूत सालों से जेल में बंद हैं ।
🚩इसे तो यही पता चल रहा है कि पूर्व जजों ने जो सवाल उठाये थे कि न्यायप्रणाली में भ्रष्टाचार व्याप्त है वे सही हैं ।
🚩सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस खरे ने कहा है कि आपके पास पैसे नही हैं तो कोर्ट के तरफ भूलकर भी नही देखना।
🚩सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश काटजू ने कहा था कि भारतीय #न्याय_प्रणाली में 50% जज भ्रष्ट हैं ।
🚩सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश संतोष_हेगड़े भी सवाल उठा चुके हैं कि ‘धनी और प्रभावशाली’ तुरंत जमानत हासिल कर सकते हैं ।
🚩कर्नाटक
हाईकोर्ट के पूर्व वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस के एल मंजूनाथ ने कहा कि यहाँ
सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के लिए कोई स्थान नहीं है और इस देश में न्याय के
लिए कोई जगह नहीं ।
🚩भारत
की जेलों में कई सालों से बिना सबूत बहुत सारे निर्दोष लोग बन्द हैं, उनकी
कोर्ट में कोई सुनवाई नही हो रही है और न ही उनको जमानत मिल पा रही है,
लेकिन किसी भी नेता, अभिनेता, पत्रकारों और अमीरों को सजा होने का बाद
तुरंत जमानत हासिल हो जाती है ।
🚩इसलिये आज न्याय प्रणाली से जनता का भरोसा उठ गया है ।
🚩आरोप
साबित होने पर भी कई बड़ी हस्तियाँ बाहर घूम रही हैं और अभी तक जिन पर आरोप
साबित नही हुआ है वो जेल में हैं । पूर्ण रूप से अब ये समझा जाता है कि
मीडिया और #पॉलिटिक्स की आपस में मिलीभगत के कारण न्यायप्रणाली में भी
भ्रष्टाचार व्याप्त हो चुका है ।
🚩जनता के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि निर्दोषों के लिए न्याय प्रणाली #भ्रष्ट मुक्त होकर शीघ्र निर्णय कब लेगी ???
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फिल्मकारों को गाने, डायलॉग लिखने से पहले अपनी बहन और मां के बारे में सोचना चाहिए : डीसीपी लक्ष्मी

फिल्मकारों को गाने, डायलॉग लिखने से पहले अपनी बहन और मां के बारे में सोचना चाहिए : डीसीपी लक्ष्मी
14 मई  2017
DCP Lakshmi
भारतीय
#फिल्मों में बढ़ती हिंसा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध का मुद्दा
निरंतर समाज में उठता रहा है। कई बार ऐसी बातें सामने आयी जिसमें कहा गया
है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध में कहीं न कहीं इस तरह की फिल्में खास
रोल निभाती हैं।
 #तमिलनाडु की तीन महिला पुलिस #अधिकारियों ने इस मुद्दे को उठाया है। इन
महिला आयपीएस अधिकारियों ने वीडियो के जरिए भारतीय फिल्मकारों से फिल्मों
में हिंसात्मक दृश्य से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि महिलाओं के
खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार को स्क्रीन पर नहीं दिखाएं।
फिल्मों
में महिलाओं के साथ #हिंसात्मक दृश्य को लेकर खास अपील तमिलनाडु के
कोयंबटूर की डीसीपी एस. लक्ष्मी (लॉ एंड ऑर्डर), एसपी राम्या भारती
(कोयंबटूर) और तिरूपुर शहर कीडीसीपी दिशा मित्तल (लॉ एंड ऑर्डर) ने वीडियो
के जरिए फिल्मकारों से खास अपील जारी की है।
उन्होंने
कहा कि जिस तरह से #फिल्म में महिलाओं को लेकर हिंसात्मक दृश्य दिखाए जाते
हैं इसका लोगों पर असर होता है। फिर सामान्य जीवन में भी महिलाओं को ऐसी
घटनाओं से गुजरना पड़ जाता है। ऐसी स्थिति सामने नहीं आए इसके लिए जरूरी है
कि फिल्मों में ऐसे दृश्यों से बचा जाए।
अधिकारियों ने फिल्म के #एक्टर्स को भी इस मामले में समझाने की कोशिश की है।
कोयंबटूर
की डीसीपी एस. लक्ष्मी (#लॉ एंड ऑर्डर) ने कहा कि, हमारे देश में महिलाओं
का खास सम्मान है। यही वजह है कि इसे भारत माता कहकर बुलाया जाता है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से फिल्मों में महिलाओं के खिलाफ #हिंसात्मक दृश्य
दिखाए जाते हैं ये ठीक नहीं है।
-#महिला
विरोधी दृश्यों से महिलाओं पर #अत्याचार बढ़े हैं। लोग फिल्म देखकर वैसा
ही करने की कोशिश करते हैं। फिल्म बेहद सशक्त माध्यम है ऐसे में इसका बेहद
गंभीरता से इस्तेमाल होना चाहिए। जिससे लोगों में अच्छा संदेश जाए।
उन्होंने कहा कि जो भी गाने या #डायलॉग लिखते हैं उन्हें पहले अपनी बहन और
मां के बारे में सोचना चाहिए। उनके बारे में सोचकर ही शब्दों का चयन होना
चाहिए।
वहीं
#डीसीपी दिशा #मित्तल ने कहा कि फिल्मों के साथ-साथ टीवी पर आनेवाले
कार्यक्रम, विज्ञापन, गाने सभी हम पर काफी असर डालते हैं। ऐसे में इनका सही
इस्तेमाल बेहद जरूरी है।
 #एसपी #राम्या भारती ने कहा कि फिल्म के #डायलॉग, गाने सभी का अपना असर
होता है। लोगों में कहीं इनका गलत असर नहीं जाए इससे बचने के लिए जरूरी है
कि फिल्मकार इसको लेकर गंभीर बने। इसमें सुधार के जरिए महिलाओं के खिलाफ
हिंसा को कम किया जा सकता है।
आपको
बता दें कि कुछ दिन पहले केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी
ने भी देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा के लिए बॉलीवुड और क्षेत्रीय
सिनेमा को जिम्मेदार ठहराया है।
मेनका
गांधी ने कहा कि बॉलीवुड में महिलाओं से जुड़े अशोभनीय दृश्यों के कारण
देश में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं और #महिलाओं के साथ छेड़छाडी होती है ।
‘फिल्मों में रोमांस की शुरुआत छेड़छाड़ से होती है। लगभग सभी फिल्मों में
छेड़छाड़ को बढ़ावा दिया जाता है।
#मेनका #गांधी ने #फिल्मकारों और विज्ञान बनाने वालों से अपील की कि वे महिलाओं की अच्छी छवि को दिखाएं।
भला
जिस देश में जहां, नर में राम और नारी में सीता देखने की संस्कृति रही हो,
नदियों को भी माता कहकर पुकारा जाता हो, भगवान के विभिन्न अवतारों,
ऋषि-मुनियों, #योगियों-तपस्वियों आदि की क्रीड़ा व कर्म-स्थली रही हो, महिला
सशक्तिकरण के लिए दिन-रात एक कर दिया गया हो, उसके बाद भी महिलाओं पर हो
रहे अत्याचार के जिम्मेदार गन्दी फिल्में और ज्ञापन है ।
जानिए भारत को बॉलीवुड ने दिया क्या है ?
1. #बलात्कार गैंग रेप करने के तरीके।
2. विवाह किये बिना लड़का लड़की का शारीरिक सम्बन्ध बनाना।
3. #विवाह के दौरान लड़की को मंडप से भगाना ।
4. चोरी #डकैती करने के तरीके।
5. भारतीय संस्कारों का उपहास उठाना।
6. लड़कियों को छोटे कपड़े पहने की सीख दे उसे फैशन का नाम देना।
7. दारू #सिगरेट चरस गांजा कैसे पिया और लाया जाये।
8. #गुंडागर्दी कर के हफ्ता वसूली करना।
9. भगवान का मजाक बनाना और अपमानित करना।
10. पूजा पाठ यज्ञ करना पाखण्ड है व नमाज पढ़ना ईश्वर की सच्ची पूजा है।
11. भारतीयों को #अंग्रेज बनाना।
12. भारतीय #संस्कृति को #मूर्खता पूर्ण बताना और पश्चिमी संस्कृति को श्रेष्ठ बताना।
13. माँ बाप को वृध्दाश्रम छोड़ के आना।
14. #गाय पालन को मजाक दिखाना और कुत्तों को उनसे श्रेष्ठ बताना और पालना सिखाना।
15. रोटी हरी सब्जी खाना गलत बल्कि रेस्टोरेंट में पिज्जा बर्गर #कोल्ड_ड्रिंक और नॉन वेज खाना श्रेष्ठ है।
16.
#पंडितों को जोकर के रूप में दिखाना, चोटी रखना या यज्ञोपवीत पहनना
मूर्खता है मगर बालों के अजीबों गरीब स्टाइल (गजनी) रखना व क्रॉस पहनना
श्रेष्ठ है उससे आप सभ्य लगते हैं ।
17. शुद्ध हिन्दी या संस्कृत बोलना हास्य वाली बात है और उर्दू या अंग्रेजी बोलना सभ्य पढ़ा-लिखा और अमीरी वाली बात।
18.हिन्दू देवी-देवताओं और हिन्दू साधू-संतों का अपमान करने और अल्लाह और मोलवियों की बढ़ाई करना ।
हमारे
देश की युवा पीढ़ी बॉलीवुड को और उसके अभिनेता और #अभिनेत्रियों का अपना
आदर्श मानती है…..भोले हिन्दू फिल्म देखने के बाद गले में क्रोस मुल्ले
जैसी छोटी सी दाड़ी रख कर
 खुद को मॉडर्न समझते हैं
हिन्दू युथ के रगोें में धीमा जहर भरा जा रहा है।
फिल्म जेहाद
अगर यही बॉलीवुड देश की संस्कृति सभ्यता दिखाए ..
तो सत्य मानिये हमारी #युवा पीढ़ी अपने रास्ते से कभी नही भटकेगी ।
अधिकतर फिल्मों में #हिन्दू नास्तिक मिलेगा या धर्म का उपहास करता हुआ कोई कारनामा दिखेगा ।
फिल्मों
में #हिन्दूधर्म के देवी-देवताओं का अपमान करना, #साधू-संतों का मजाक
उड़ना, मंदिरों में जाना अंधश्रद्धा बताना, स्त्री को भोग्या दिखाना आदि आदि
एक सोची समझी साजिश है।
 #बॉलीवुड द्वारा देशवासियों को मीठा जहर दिया जा रहा है जिससे भारतीय संस्कृति को तोड़ने का काम किया जा रहा है ।
देश को फिर से गुलामी की जंजीरों में जकड़ने की साजिश राष्ट्रविरोधी ताकतों द्वारा देश के अंदर ही चल रही है।
अतः हर #हिन्दुस्तानी इस मीठे जहर से सावधान रहें ।
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बांग्लादेश प्रधानमंत्री का खुलासा : मक्का में हिन्दू मंत्रों के उच्चारण की आती है ध्वनि

बांग्लादेश प्रधानमंत्री का खुलासा : मक्का में हिन्दू मंत्रों के उच्चारण की आती है ध्वनि
‘काबा’
अरब का प्राचीन #मन्दिर है। जो मक्का शहर में है। विक्रम की प्रथम शताब्दी
के आरम्भ में रोमक इतिहास #लेखक ‘द्यौद्रस् सलस्’ लिखता है – यहाँ इस देश
में एक मन्दिर है, जो अरबों का अत्यन्त #पूजनीय है। इस कथन से इस बात को बल
मिलता है कि काबा और भगवान शिव का कोई न कोई प्राचीन जुड़ाव जरूर है। पूरा
विश्‍व आज काबा के सच को जानने को #उत्सुक है किन्‍तु वर्तमान परिदृश्‍य
में काबा में #गैर-इस्‍लामिक या कहे कि गैर मुस्लिम का जाना प्रतिबंधित है
इस कारण काबा के अंदर क्या है और इसके पीछे के सच का खुलासा आज तक नहीं हो
पाया है।
sacred sound from kaba
दुनियाँ
में इस्लामिक #आतंक सबसे ज्यादा है । दुनियाँ का लगभग हर देश इस आतंक से
#ग्रस्त है, हर कोई इस्लामिक आतंक से लड़ रहा है। इस इस्लामिक आतंक का बस एक
#मक्सद है इस्लाम का प्रचार करना । इस्लाम के आकाओं के अनुसार इस्लाम
दुनियाँ में सबसे पुराना है ।
मुसलमान
कहते हैं कुरान परमात्मा की वाणी है जो #अनादि काल से चली आ रही है ।
लेकिन ये बात बिल्कुल आधारहीन है इसका कोई तर्क नहीं है । क्योंकि मुस्लिम
धर्म की स्थापना पैगंबर मोहम्मद ने 1400 साल पहले की थी और हमारे ग्रंथो के
अनुसार पृथ्वी पर सबसे पहले #हिन्दू धर्म (सनातन धर्म) की छाया के
सिद्धांत ही प्रतीत होते है जिसे कई देशों ने भी माना है ।
मुसलमानों
के तौर तरीके, रीति-रिवाज आदि हिन्दुओं जैसे ही हैं । हिन्दुओं से ही सीख
लेकर इन्होनें अपने हिसाब से इन्हें ढाल लिया है। जिसके सबूत कई जगहों पर
मिलते रहे हैं और कई लोगों ने इसकी #पुष्टि भी की है ।
अब
बांग्लादेश की #प्रधानमंत्री शेख हसीना ने खुद स्वीकारा है कि, सऊदी अरब
के मक्का में मुस्लिमों का जो मजहबी स्थल है, जिसे काबा के नाम से भी जानते
हैं उसमें से हिन्दू #मंत्रों की आवाज आती है । शेख हसीना ने बांग्लादेश
की एक बड़ी #न्यूज एजेंसी को दिए गए बयान में कहा कि मक्का से अलग अलग
मन्त्रों की आवाज आती है जैसे “ॐ” इत्यादि । इस बात की पुष्टि न्यूज एजेंसी
ने भी की है ।
मक्का मदीना का सच
मुसलमानों
के सबसे बड़े तीर्थ मक्का #मक्केश्वर महादेव का मंदिर था। वहाँ काले पत्थर
का विशाल #शिवलिंग था जो खंडित अवस्था में अब भी वहाँ है। हज के समय संगे
अस्वद (संग अर्थात् पत्थर, अस्वद अर्थात् अश्वेत यानी काला) कहकर मुसलमान
उसे ही #पूजते और चूमते हैं।
इस
सम्‍बन्‍ध में #प्रख्‍यात प्रसिद्ध इतिहासकार स्व. पी.एन.ओक ने अपनी
पुस्तक ‘वैदिक विश्व राष्ट्र का इतिहास’ में समझाया है कि मक्का और उस
इलाके में इस्लाम के आने से पहले #मूर्ति पूजा होती थी। हिंदू देवी-देवताओं
के मंदिर थे, गहन #रिसर्च के बाद उन्होंने यह भी दावा किया कि काबा में
भगवान शिव का #ज्योतिर्लिंग है। पैगंबर मोहम्मद ने हमला कर मक्का की
मूर्तियां #तोड़ी थी। यूनान और भारत में बहुतायत में मूर्ति पूजा की जाती
रही है, पूर्व में इन दोनों ही देशों की #सभ्यताओं का दूरस्थ इलाकों पर
प्रभाव था। ऐसे में दोनों ही इलाकों के कुछ विद्वान काबा में #मूर्ति पूजा
होने का तर्क देते हैं। हज करने वाले लोग काबा के पूर्वी कोने पर जड़े हुए
एक काले पत्थर के दर्शन को पवित्र मानते हैं जो कि हिन्‍दूओं का #पवित्र
शिवलिंग है। वास्‍तव में इस्लाम से पहले मिडल-ईस्ट में #पीगन जनजाति रहती
थी और वह हिंदू रीति-रिवाज को ही मानती थी।
एक
प्रसिद्ध मान्‍यता के अनुसार काबा में “पवित्र गंगा” है। जिसका निर्माण
#महापंडित रावण ने किया था, रावण शिव भक्त था वह शिव के साथ गंगा और
चन्द्रमा के ‍महत्व को समझता था और यह जानता था कि क‍भी #शिव को गंगा से
अलग नहीं किया जा सकता। जहाँ भी शिव होंगे, पवित्र गंगा की अवधारणा निश्चित
ही मौजूद होती है। काबा के पास भी एक पवित्र #झरना पाया जाता है, इसका
पानी भी पवित्र माना जाता है। इस्लामिक काल से पहले भी इसे पवित्र (आबे
जम-जम) ही माना जाता था। रावण की तपस्‍या से प्रसन्‍न होकर भगवान शिव ने
रावण को एक #शिवलिंग प्रदान किया जिसे लंका में स्‍थापित करने को कहा और
बाद में  जब रावण आकाश मार्ग से लंका की ओर जाता है पर रास्ते में कुछ ऐसे
हालात बनते हैं कि रावण को शिवलिंग #धरती पर ही रखना पड़ता है। वह दोबारा
शिवलिंग को उठाने की कोशिश करता है पर खूब प्रयत्न करने पर भी लिंग उस
स्थान से हिलता नहीं। #वेंकटेश पण्डित के अनुसार यह स्थान वर्तमान में सऊदी
अरब के मक्का नामक स्थान पर स्थित है। सऊदी अरब के पास ही यमन नामक राज्य
भी है जहाँ #श्री कृष्ण ने कालयवन नामक राक्षस का विनाश किया था। जिसका
जिक्र #श्रीमद्भगवत पुराण में भी आता है।
पहले
राजा भोज ने मक्का में जाकर वहां स्थित #प्रसिद्ध शिवलिंग मक्केश्वर
महादेव का पूजन किया था, इसका वर्णन भविष्य-पुराण में निम्न प्रकार है :-
“नृपश्चैवमहादेवं मरुस्थल निवासिनं !
गंगाजलैश्च संस्नाप्य पंचगव्य समन्विते :
चंद्नादीभीराम्भ्यचर्य तुष्टाव मनसा हरम !
इतिश्रुत्वा स्वयं देव: शब्दमाह नृपाय तं!
गन्तव्यम भोज राजेन महाकालेश्वर स्थले !! “
इस्लाम
नींव इस आधार पर रखी गई कि दूसरों के धर्म का #अनादर करों और उनको
#नेस्‍तानाबूत और पवित्र स्थलों को खंडित कर वहाँ मस्जिद और मकबरे का
निर्माण किया  जाए। इस काम में बाधा डालने वाले जो लोग भी सामने आये उन
लोगों को #मौत के घाट उतार दिया जाये। भले ही वे लोग मुस्लिमों को परेशान न
करते हो।
1400
साल पहले मुहम्‍मद साहब और #मुसलमानों के हमले से मक्‍का और मदीना के आस
पास का पूरा इतिहास बदल दिया गया। इस्लाम एक #तलवार पे बना धर्म था है और
रहेगा। पी.एन.ओक ने सिद्ध कर दिया है मक्केश्वर शिवलिंग ही हजे अस्वद है।
मुसलमानों के सबसे बड़े तीर्थ मक्का #मक्केश्वर महादेव का मंदिर था। वहां
काले पत्थर का विशाल शिवलिंग था जो #खंडित अवस्था में अब भी वहां है। हज के
समय संगे अस्वद (संग अर्थात पत्थर, अस्वद अर्थात अश्वेत यानी काला) कहकर
मुसलमान उसे ही #पूजते और चूमते हैं।
द्वारिका
शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य जी का मानना है कि #मक्का में मक्केश्वर
महादेव #मंदिर है। मुहम्मद साहब भी शैव थे, इसलिए वे मक्केश्वर महादेव को
मानते थे। एक बार वहां लोगों ने बुद्ध की मूर्ति लगा दी थी, वह इसके बहुत
विरोधी थे। अरब में मुहम्मद पैगम्बर से पूर्व #शिवलिंग को ‘लात’ कहा जाता
था। मक्का के कावा में जिस काले पत्थर की उपासना की जाती रही है, भविष्य
पुराण में उसका उल्लेख #मक्केश्वर के रूप में हुआ है। इस्लाम के प्रसार से
पहले #इजराइल और अन्य #यहूदियों द्वारा इसकी पूजा किए जाने के स्पष्ट
प्रमाण मिले हैं।
इराक
और सीरिया में #सुबी नाम से एक जाति थी यही #साबिईन है। इन साबिईन को अरब
के लोग #बहुदेववादी मानते थे। कहते हैं कि साबिईन अर्थात नूह की कौम। माना
जाता है कि भारतीय मूल के लोग बहुत बड़ी संख्या में यमन में आबाद थे, जहां
आज भी श्याम और हिन्द नामक किले #मौजूद हैं। विद्वानों के अनुसार सऊदी अरब
के मक्का में जो काबा है, वहां कभी प्राचीनकाल में ‘मुक्तेश्वर’ नामक एक
शिवलिंग था जिसे बाद में ‘मक्केश्‍वर’ कहा जाने लगा।
अरब के मक्का नामक स्थान पर स्थित है ‘मक्केश्वर लिंग’ (मक्केश्वर महादेव)
मक्का
के गेट पर साफ-साफ लिखा था कि #काफिरों का अंदर जाना गैर-कानूनी है। कहा
जा रहा है अब इस बोर्ड को उतार दिया गया है और लिख दिया है #नॉन-मुस्लिम्स
का अंदर जाना मना है। इसका मतलब है कि ईसाई, जैनी या बौद्ध धर्म को भी
#मानने वाले इसके अंदर नहीं जा सकते हैं।
मक्का मदीना के शिवलिंग का रहस्य क्‍या है ? इसे इस्‍लाम पंथियों द्वारा सदा से छिपाया जा रहा है।
मुसलमानों
के पैगम्‍बर मुहम्‍मद ने मदीना से मक्का के शांतिप्रिय #मूर्तिपूजकों पर
हमला किया और जबरदस्‍त नरसंहार किया। मक्‍का का मदीना का अपना अलग अस्तित्व
था किन्‍तु मुहम्‍मद साहब के हमले के बाद मक्‍का मदीना को एक साथ जोड़कर
देखा जाने लगा। जबकि मक्‍का के लोग जो कि शिव के उपासक माने जाते हैं।
मुहम्‍मद की टोली ने मक्‍का में स्‍थापित कर वहां पर स्थापित की हुई 360
में से 359 मूर्तियाँ #नष्ट कर दी और सिर्फ काला पत्थर #सुरक्षित रखा जिसको
आज भी मुस्‍लिमों द्वारा पूजा जाता है।
उसके
अलावा अल-उज्जा, अल-लात और मनात नाम की #तीन देवियों के मंदिरों को नष्ट
करने का आदेश भी मुहम्मद ने दिया और आज उन मंदिरों का नामों निशान नही है
(हिशम इब्न अल-कलबी, 25-26)। इतिहास में यह किसी हिन्दू मंदिर पर सबसे पहला
इस्लामिक आतंकवादी हमला था। उस काले पत्थर की तरफ आज भी मुस्लिम
#श्रद्धालु अपना शीश झुकाते हैं । किसी #हिंदू पूजा के दौरान बिना सिला हुआ
वस्त्र या धोती पहनते हैं, उसी तरह हज के दौरान भी बिना सिला हुआ सफेद
सूती कपड़ा ही पहना जाता है।
जिस
प्रकार हिंदुओं की मान्यता होती है कि गंगा का पानी #शुद्ध होता है ठीक
उसी प्रकार मुस्लिम भी #आबे जम-जम के पानी को पाक मानते हैं। जिस तरह हिंदू
#गंगा स्नान के बाद इसके पानी को भरकर अपने घर लाते हैं ठीक उसी प्रकार
मुस्लिम भी मक्का के #आबे जम-जम का पानी भर कर अपने घर ले जाते हैं। ये भी
एक समानता है कि गंगा को मुस्लिम भी पाक मानते हैं और इसकी अराधना किसी न
किसी रूप में जरूर करते हैं।
तो
पाठक समझ गए होंगे कि #हिन्दू धर्म ही सनातन धर्म है जो सृष्टि की
उत्पत्ति करने के समय से है और बाद में अनेक धर्म, महजब, पंथ बने है अतः
हिंदुओं को अपने #सनातन धर्म पर #गर्व करना चाहिए और उसके खिलाफ जो भी
#षड्यंत्र हो रहे है उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
जय हिन्द!!
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“गुजरात समाचार” न्यूज पेपर का लोग कर रहे बहिष्कार, बोले पाकिस्तानी पेपर है…

*”गुजरात समाचार” न्यूज पेपर का लोग कर रहे बहिष्कार, बोले पाकिस्तानी पेपर है…*
2 मई 2017
सुकमा में हमारे देश के #जवानों पर जो हुआ उससे पूरे भारत की जनता #दुःखी हुई लेकिन
कुछ लोग हिंदुस्तान का ही #अन्न खाकर पाकिस्तान का गुणगान गाने वाले भी हैं जो #खुशियाँ मना रहे हैं ।
गुजरात समाचार
अहमदाबाद से प्रकाशित #न्यूज पेपर “गुजरात समाचार” ने मुख्य पेज पर सबसे ऊपर बड़ा #हेडिंग छापा था कि ” छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने 26 जवानों को फूंकी मार्या” अर्थात नक्सलियों ने हमारे 26 जवानों को फूंक (जला) दिया ।
इस तरह की भाषा प्रयोग करने पर जनता की #भावनाओं को बड़ी भारी आहत पहुँची है ।
उसमें कई #देशप्रेमियों ने घर पर बोर्ड लगा दिया है कि गुजरात समाचार #कुत्ता है हम घर में रहने की #परमीशन नहीं देते हैं, कई #एफआईआर करवा रहे हैं तो कई लोग उसको फोन कर रहे हैं और कई #सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर देश की जनता को #अपील कर रहे हैं कि गुजरात समाचार का #बहिष्कार करो ।
मुम्बई से विनोद बारोट की एक वीडियो वायरल हो रही है उसमें उन्होंने #सख्त गुस्सा करते हुए कहा है कि गुजरात समाचार ने हमारे देश के शहीद जवानों के लिए इतनी #घटिया भाषा का प्रयोग किया है इससे तो लगता है कि ये पेपर भारत में नहीं #बल्कि पाकिस्तान की #कराची में छप रहा है ।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे एक भाई ने #मैनेजिंग तंत्री श्रेयंस शाह को फोन किया तो उन्होंने बताया कि इन जवानों को #शहीद नहीं बोला जायेगा इनको तो #फूंकी मार्या (जला दिया ) ही बोला जाएगा इस भाषा से आहत होकर #विनोद बरोट ने एफआईआर भी करवायी है और #देशवासियों को कहा है कि इस #पेपर को अब अपने घर में कोई नहीं #मँगवाये मै तो इस पेपर को आज से #जला देता हूँ और कभी घर में नहीं मँगवाऊँगा ।
ओम
ओम
जिगर मेहता ने भी #सोशल मीडिया में एक वीडियो #अपलोड किया है उसमें उन्होंने #गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा है कि मेरे #देश के जवान घर-बार छोड़कर देश की रक्षा करते हुए हुए #शहीद हो गए हैं और 26 परिवार बर्बाद हो गए हैं और #गुजरात समाचार बोलता है कि #फूंकी मार्या । क्या समझ रहा है गुजरात समाचार? इस न्यूज पेपर की इतनी #हिम्मत कैसे हुई? हमारे जवानों के खिलाफ #लिखने की । गुजरात समाचार न्यूज पेपर का #बहिष्कार करो ये भारत का नहीं पाकिस्तान का न्यूज पेपर लगता है, देश के जवानों के शहीद होने पर पाकिस्तान से भी अधिक #खुश गुजरात समाचार हुआ है, इसने #हमारे देश का और देश की रक्षा करने वाले जवानों का अपमान किया है, अब हम #सहन नही करेंगे और मैं देशवासियों से अपील करता हूँ कि इस देशविरोधी गुजरात समाचार #न्यूज पेपर का बहिष्कार करें ।
इस तरीके से अनेक लोग गुजरात समाचार का #बहिष्कार कर रहे थे ।
ऐसे एक-दो न्यूज चैनल नहीं बल्कि ऐसे कई न्यूज #चैनल हैं जो खाते है #हिन्दुस्तान का अन्न लेकिन गुणगान गाते हैं #पाकिस्तान का, नही तो जिस पाकिस्तान को हमारी सेना कई बार #धूल चटा चुकी हो उसकी औकात नही वो हमारे देश के सामने #आँख उठाकर भी देखे..
लेकिन पाकिस्तान ने अपने #हमदर्द कुछ सपोले भारत में पाल रखे हैं, इनकी #गद्दारी पाकिस्तान को मजबूती प्रदान करती है..
गड़बड़ वहाँ नही,यहाँ बैठकर पाकिस्तान का गुणगान कर रहे है गड़बड़ उनमें है ।
दो- दिन पहले #आजतक का ऑनलाइन अखबार पढ़ा उसमें लिखा था कि AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी #देशभक्त है और उनके समर्थन में कई बातें #लिखी थी । अब सवाल उठता है कि जो भारत माता की जय बोलने पर भी #इंकार करता है कि मेरा गला #काट दो लेकिन भारत माता की #जय नही बोलूँगा उसको आजतक अखबार #देशभक्त बता रहा है ।
वहीं दूसरी ओर #हिन्दू साधु-संतों, हिंदुत्वनिष्ठ #कार्यकर्ता जो देश में सुख-शांति और #समृद्धि के लिए दिन रात अथाह प्रयास करते हैं उनको #बदनाम करती है और उनके लिए ये घटिया #शब्दों का इस्तेमाल करती है ।
इससे पता चलता है कि अधिकतर #भारतीय मीडिया विदेशी #फंड से चलती है जो हमारे देश के जवानों, देश के हिन्दू साधु-संतों, हिंदुत्वनिष्ठ #कार्यकर्ताओं को बदनाम करती है और जो #देश विरोधी हैं उनका समर्थन करती है ।
अभी JNU में भी #सुकमा हमले के शहीद जवानों को एक प्रोफेसर ने #श्रद्धांजलि दी तो उन पर JNU के कुछ #स्टूडेंटों ने हमला किया फिर भी #मीडिया JNU के स्टूडेंट्स का ही पक्ष लेगी देशभक्त प्रोफेसर का नहीं ।
पाठक अब समझ गए होंगे कि भारतीय मीडिया #विदेशी फंड से चलती है जो #हिन्दुत्वनिष्ठों को बदनाम करके फिर से भारत को गुलाम बनाने की ओर जा रही है अतः हर #हिन्दुस्तानी सावधान रहें, देशविरोधी न्यूज चैनलों और पेपर का #बहिष्कार करें केवल #राष्ट्रवादी न्यूज चैनल ही देखें ।
जय हिन्द!!
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जनता का फूटा गुस्सा बोले न्यायप्रणाली कर रही है पक्षपाती न्याय

🚩 जनता का फूटा गुस्सा बोले न्यायप्रणाली कर रही है पक्षपाती न्याय
30 अप्रैल 2017
🚩रविवार को ट्वीटर पर #BiasedJustice हैशटैग टॉप ट्रेंड में चल रहा था जिसके द्वारा जनता का आक्रोश देखते ही बनता था ।
🚩सबकी
एक ही आवाज थी कि नेताओं, अभिनेताओं, अमीरों, पत्रकारों को अपराध साबित
होने पर भी जमानत आसानी से मिल जाती है लेकिन आज भी देशभर की जेलों में
बहुत सारे निर्दोष लोग ऐसे हैं जो बिना सबूत सालों से जेल में बन्द है
लेकिन उनको जमानत तक नही मिल पा रही है।
#BiasedJustice
🚩आइये जाने कि क्या कहना चाहते हैं ये लोग…
🚩1.पूनम राजपूत लिखती हैं कि क्या #BiasedJustice से ऐसा नहीं लगता, जैसे लोकशाही में लोकतंत्र व मानवाधिकारों का हनन हो रहा है?

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🚩2 – आशी मोंगा का कहना है कि ऐसा कानून किस काम का जो सत्ता व धन के आगे लाचार हो जाए! फिर न्याय कौन करेगा? #BiasedJustice

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🚩3.गार्गी लिखती हैं कि हीरो को छींक भी आये तो बेल; वही भयंकर बीमारी से त्रस्त संत आसारामजी बापू को अब तक जेल! #BiasedJustice

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🚩4.
सलोना लिखती हैं कि जब NIA ने कहा कि दक्षिणपंथी संगठन का मालेगांव के
धमाके में हाथ, तो कर्नल पुरोहित को बेल क्यों नहीं?? #BiasedJustice

🚩5.
प्रेम चौधरी ने शिवसेना के Sanjay Raut का बयान लेकर लिखा कि 100 गुनहगार
भले छूट जायें पर 1 बेगुनाह को सजा नही हो, फिर संत आशारामजी बापू को जेल
क्यो? #BiasedJustice

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🚩6.
किरण राजदेव का कहना है कि 9 साल से साध्वी प्रज्ञा जी को बिना सबूत सजा
दी गई, क्या उनका सम्मान, स्वास्थ्य व समय कोई लौटा पाएगा? #BiasedJustice

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🚩7.राघवेंद्र
ने लिखा कि बड़े से बड़े आपराधियों को बेल ले कर छूटते देखा है, पर दोष
सिद्ध न होने पर भी निर्दोष Asaram Bapu Ji को जेल क्यों?
#BiasedJustice

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🚩8.स्वाति लिखती हैं कि पैसे के बल पर अपराधी आजादी पा रहे!
निर्दोष हिन्दू संत झूठे आरोपों में जेल पा रहे!! #BiasedJustice

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🚩9.मोहिनी शर्मा कहती हैं कि हीरो ,नेता Fake Medical Certificate बनाकर लेते बेल,
वही बीमार संत आसाराम
जी बापू को अब तक जेल ?? #BiasedJustice

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🚩10
– अमृत प्रजापति ने लिखा कि इंसानो में तो भेदभाव हो ही रहा है, अब क्या
इंसाफ में भी भेदभाव करेगा क्या यह देश का संविधान? #BiasedJustice

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🚩11. भावेन उतरेजा लिखते हैं कि Asaram Bapu Ji को अभी तक न्याय न देकर कानून का स्पष्ट पक्षपात जनता के सामने है! #BiasedJustice

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🚩इस तरह से हजारों ट्वीट्स द्वारा जनता न्यायप्रणाली से तरह-तरह के सवाल कर रही है।
🚩क्या इसका कोई जवाब है न्याय तंत्र के पास ???
🚩गौरतलब
है कि रेप आरोपी पत्रकार तरुण तेजपाल, विजय माल्या, 950 करोड़ चारा
घोटालेबाज लालू प्रसाद यादव, , #बोफोर्स_घोटाला, कॉमनवेल्थ_गेम्स_घोटाला,
2जी_स्पेक्ट्रम_घोटाला, अनाज घोटला, कोयला घोटाला आदि आदि अरबो-खरबों के
बड़े बड़े घोटालेबाज तो आराम से बाहर घूम रहे हैं लेकिन वहीं दूसरी ओर अभीतक
एक भी आरोप सिद्ध नही हुआ है वह शंकरचार्य अमृतानन्द जी, कर्नल पुरोहित,
संत आसारामजी बापू, श्री नारायण साईं, धनंजय देसाई आदि आदि हिंदुत्वनिष्ठ
बिना सबूत सालों से जेल में हैं जबकि इन सभी हिन्दुत्वनिष्ठों को फंसाने के
सैकड़ों सबूत भी मिल चुके हैं । उसके बावजूद भी कोर्ट द्वारा इन्हें जमानत
तक नहीं दी जा रही है ।
🚩आपको
बता दें कि दो दिन पहले शुक्रवार को भी ट्वीटर पर लोगों का ऐसे ही गुस्सा
फूटा था और उन्होंने #पक्षपाती_न्यायव्यवस्था हैशटैग द्वारा हजारों ट्वीट्स
की थी ।
🚩अब देखना ये है इन हजारों-लाखों लोगों की आवाज सरकार और न्यायालय कब सुनती है ???
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उच्च न्यायालय आदेश देने के पश्चात भी मस्जिद पर प्रसारित किए जानेवाले अवैध भोंपूओं पर कार्रवाई नहीं !!

क्या मस्जिदों पर दिन में पांच बार बजने वाले भोंपू देश के अधिनियमों से भी श्रेष्ठ हैं ?
मुम्बई
के उच्च #न्यायालय ने ध्वनिप्रदूषण करनेवाले अवैध भोंपूओं के विरोध में
स्पष्ट आदेश देने के पश्चात भी विश्व में श्रेष्ठ कहलाने वाली मुंबई की
#पुलिस यंत्रणा ने किसी भी मस्जिद पर प्रसारित किए जानेवाले अवैध भोंपूओं
पर कार्रवाई नहीं की है ।
Add caption
इस
संदर्भ में सूचना अधिकार के अंतर्गत प्रश्न पूछने के पश्चात कुर्ला,
#मुंबई पुलिस अधिकारियों ने 28 जनवरी 2017 को इस अर्जी का लिखित स्वरूप में
उत्तर दिया है। उसमें यह प्रस्तुत किया गया है कि, ‘कायदा-सुव्यवस्था का
प्रश्न निर्माण होने की संभावना होने के कारण (अवैध भोंपूओं पर)कार्रवाई
नहीं की गई है !’ इस का अर्थ यह होता है कि, क्या न्यायालय के आदेश देने के
पश्चात भी अवैध #भोंपूओं पर कार्यवाई करने से पुलिस डरती हैं ?
वर्ष
के 365 दिन #ध्वनिप्रदूषण करने वाले मस्जिदों के भोंपूओं की ओर अनदेखा
करने वाली यही पुलिस गणेशोत्सव तथा नवरात्रोत्सव में हिन्दुओं के त्यौहारों
के समय लाठी के बल पर हिन्दुओं पर त्वरित याचिका प्रविष्ट करती है।
क्या
पुलिस को यह बात स्वीकार है कि, मा. उच्च न्यायालय का आदेश तथा भारत के
अधिनियम की अपेक्षा #मस्जिदों पर से बजनेवाले अवैध भोंपू अधिक श्रेष्ठ है ?
अतः ‘मस्जिदों पर भोंपूओं द्वारा प्रसारित की जाने वाली तथा जनता की नींद
उड़ाने वाली ‘अजान’ एक #गुंडागर्दी ही है’ ।
यह
सुविख्यात प्रसिध्द #गायक #सोनू_निगम द्वारा व्यक्त की गई भावना वास्तविक
ही है । देश के करोड़ो #हिन्दू नागरिकों की सहनशीलता का अंत शासन अधिक समय
तक न देखे’, ऐसी प्रतिक्रिया हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा प्रसारित किए गए
प्रसिद्ध पत्रक में कही गई है।
प्रसिद्ध
पत्रक में हिन्दू जनजागृति समिति ने यह आवाहन किया है कि, ‘ #तीन तलाक’ के
संदर्भ में इस्लाम की स्थापना से शरीयत में होने के कारण उसमें परिवर्तन
करने के लिए विरोध करनेवाले मुल्ला मौलावीं को सरकार यह प्रश्न पूछें कि,
यदि #इस्लाम की स्थापना के समय ये भोंपुं अस्तित्व में ही नहीं थे, तो उसका
आग्रह क्यों किया जाता है ? #मुल्लाओं के मतानुसार इस्लाम यदि अन्य धर्मों
के प्रति संवेदना व्यक्त करनेवाला पंथ है, तो देश के अधिनियम की ओर अनदेखा
कर रुग्ण, वृद्ध तथा सर्वसाधारण जनता को कष्ट देनेवाले भोंपुओं द्वारा
अजान किस लिए दी जाती है ? इससे पूर्व सत्ता में होने वाले कांग्रेस सरकार
ने मस्जिदों पर भोंपुओं द्वारा अजान प्रसारित करने के लिए अनुमती देकर यह
समस्या का निर्माण किया है !
अब
देश में तथा राज्य मे शासन परिवर्तित हुआ है। अतः नए #भाजपा सरकार ने इस
लांगूलचालन पर प्रतिबंध डालना चाहिए। यदि चीन की साम्यवादी सरकार इस संदर्भ
में कडी भूमिका अपनाती है, तो भाजपा सरकार ने भी अवैध रूप से की जानेवाली
यह गुंडागर्दी को प्रतिबंधित करना चाहिए !’ स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात
आपको
बता दे कि चीन ने पहले मस्जिदों पर से #लाऊड_स्पीकर हटा दिया गया था बाद
में नमाज पढ़ने और रोजा रखने पर प्रतिबंध लगाया।  अब #दाढ़ी रखने और
महिलाओँ के नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह नियम न मानने वालो पर
देशद्रोह का केस चलाया जाता है ।
बता
दे की मुस्लिम बाहुल देश इसरायल में लाऊड स्पीकर पर बेन लग रही है और यहाँ
#न्यायालय के आदेश होने के बाद भी सरकार रोक नही लगा रही है?
हिंदुओं
के लिये तुरन्त कार्यवाही करने वाली #सरकार मुसलमानों द्वारा रास्ते में
नमाज पढ़ने पर कई इलाकों में ट्रैफिक जाम होने की समस्या से आम जनता की
परेशानी को देखते हुए भी उस पर रोक नही लगा रही, बड़ा आश्चर्य है ।
आपको
बता दें कि फ्रांस के #पेरिस में #ISI के हमले के बाद फ्रांस में कई
मस्जिदों को ताला लगा दिया था और कई मस्जिदों तोड़ दी गई थी ।
 इन
मस्जिदों में #धार्मिक विचारों के प्रचार के नाम पर कट्टरवादी(देश
विरोधी)#शिक्षा दी जाती है। कई मस्जिदों पर छापे के दौरान जेहादी #दस्तावेज
बरामद किए गए है। जेहादी प्रचार सामग्री मिली ।
फ़्रांस
ने तो समझ लिया कि देश को तोड़ने के लिये विदेशी फण्ड से चलने वाली
मस्जिदों में आतंकवादी बनने की ट्रेंनिग दी जाती है और देश विरोधी बातें
सिखाई जाती है ।
 #देश
में #हिंदुओं पर #मुस्लिमों के बढ़ते आतंक की हालत देखकर #भारत_सरकार को
फ्रांस चीन, इजरायल से सीख लेनी चाहिए और मुस्लिमों की बढ़ती संख्या पर
नियंत्रण करना चाहिये ।
आज लव जिहाद के लिए विदेश से पैसा आता है और #ISIS में जो मुस्लिम #युवक- #युवतियाँ भर्ती होने जाते है उस पर रोक लगनी चाहिए ।
देश
को बाहरी #आतंकवादियो से इतना खतरा नही जितना इन जिहादियों से है इसलिए
सरकार को जाँच करवानी चाहिए कि विदेशी फंड से जितनी भी मस्जिदें चल रही है
उसमें जो देश विरोधी बातें सिखाई जाती है ऐसे  मदरसों और मस्जिदों को बंद
कर देना चाहिए जिससे देश सुरक्षित रहें और सुख शांति बनी रहें ।
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भारत में 30,000 से ज्यादा अवैद्य बूचड़खाने,1,707 ही वैध : आरटीआई

🚩भारत में 30,000 से ज्यादा अवैद्य बूचड़खाने,1,707 ही वैध : आरटीआई
🚩उत्तरप्रदेश
समेत अलग-अलग राज्यों में अवैध #बूचड़खानों के विरुद्ध मुहिम शुरू किए जाने
के बीच आरटीआई से पता चला है कि, देश में केवल 1707 बूचड़खाने खाद्य
सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत #पंजीकृत हैं।
azaad bharat ,Illegal slaughterhouses
🚩सबसे
ज्यादा पंजीकृत बूचड़खाने वाले राज्यों में क्रमश: तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और
महाराष्ट्र शीर्ष तीन स्थानों पर हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश और चंडीगढ़ समेत
आठ राज्यों में एक भी बूचड़खाना पंजीकृत नहीं है।
🚩मध्यप्रदेश
के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि, भारतीय
खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (#एफएसएसएआई) ने उन्हें ये आंकड़े फूड
अनुज्ञाप‍त्रिंग एंड रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिये उपलब्ध जानकारी के आधार
पर प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे सूचना के अधिकार ( आरटीआई) के तहत
मुहैया कराए गए इन आंकड़ों की रोशनी में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि
देश में कितनी बड़ी तादाद में अवैध बूचड़खाने चल रहे हैं।’
🚩गौड़
की #आरटीआई अर्जी पर भेजे जवाब में एफएसएसएआई के एक अधिकारी ने बताया कि,
अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा व नगर हवेली, दमन व दीव, मिजोरम, नागालैंड,
सिक्किम और त्रिपुरा में एक भी बूचड़खाना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम
2006 के तहत पंजीकृत नहीं है। आरटीआई से मिली जानकारी यह चौंकाने वाला
खुलासा भी करती है कि, आठों राज्यों में ऐसा एक भी बूचड़खाना नहीं है, जिसने
केंद्रीय या राज्यस्तरीय अनुज्ञाप‍त्र ले रखा हो।
🚩एफएसएसएआई
ने #आरटीआई के तहत बताया कि, तमिलनाडु में 425, मध्यप्रदेश में 262 और
महाराष्ट्र में 249 बूचड़खाने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत
पंजीकृत हैं। यानी देश के कुल 55 प्रतिशत पंजीकृत बूचड़खाने इन्हीं तीन
राज्यों में चल रहे हैं। उत्तरप्रदेश में 58 बूचड़खाने पंजीकृत हैं, जहां
अवैध #पशुवधशालाओं के विरुद्ध नवगठित योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्रवाई
चर्चा में है।
🚩आंध्रप्रदेश
में 1, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 9, असम में 51, बिहार में 5,
छत्तीसगढ़ में 111, देहली में 14, गोवा में 4, गुजरात में 4, हरियाणा में
18, हिमाचल प्रदेश में 82, जम्मू-कश्मीर में 23, झारखंड में 11, कर्नाटक
में 30, केरल में 50, लक्षद्वीप में 65, मणिपुर में 4 और मेघालय में 1
बूचड़खाने को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत पंजीकृत किया गया
है।
🚩ओडिशा
में 5, पुडुचेरी में 2, पंजाब में 112, राजस्थान में 84, उत्तराखंड में 22
और पश्चिम बंगाल में पांच #बूचड़खाने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006
के तहत पंजीकृत हैं। एफएसएसएआई ने आरटीआई के तहत यह भी बताया कि, देश भर
में 162  बूचड़खानों को प्रदेशस्तरीय अनुज्ञाप‍त्र मिले हैं, जबकि 117
#पशुवधशालाओं को #केंद्रीय अनुज्ञाप‍त्र प्राप्त हैं।
🚩इस
बीच, पशुहितैषी संगठन पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट आॅफ #एनिमल्स (पेटा)
इंडिया की विज्ञप्ति में मोटे आकलन के हवाले से कहा गया है कि, देश में
अवैध या गैर अनुज्ञाप‍त्र वाले बूचड़खानों की संख्या 30,000 से ज्यादा है।
हालांकि, कई #अनुज्ञाप‍त्र प्राप्त बूचड़खानों में भी पशुओं को बेहद
क्रूरतापूर्वक मारा जाता है। पेटा इंडिया ने सभी #राज्यों और #केंद्रशासित
प्रदेशों से अनुरोध किया है कि, वे ऐसी पशुवधशालाओं को बंद कराएं जिनके पास
उपयुक्त प्राधिकरणों के अनुज्ञाप‍त्र नहीं है और जो कानून द्वारा निषिद्ध
तरीकों का उपयोग करती हैं।
🚩अब
एक सवाल उठता है कि पहले की सरकार तो निर्दोष #पशु और गौ-हत्या करने में
मानती थी पर वर्तमान सरकार जो गौ-हत्या बन्द करवाने और #हिंदुत्ववादी के
नाम से चुनकर आई है । फिर भी इतने अवैद्य कत्लखानें क्यो चालू?
🚩वर्तमान #सरकार आने के बाद पहला बजट पास किया गया जिसमें कत्लखाने खोलने के लिए 15 करोड़ सब्सिडी प्रदान की जाती है ।
🚩2014 में  4.8 अरब #डॉलर का बीफ एक्सपोर्ट हुआ था । 2015 में भी भारत, 2.4 मिलियन टन बीफ एक्सपोर्ट कर दुनिया में नंबर वन बन गया।
🚩#भारत
में प्रतिदिन लगभग 50 हजार से अधिक गायें बड़ी बेरहमी से काटी जा रही हैं ।
1947 में गोवंश की जहाँ 60 नस्लें थी,वहीं आज उनकी संख्या घटकर 33 ही रह
गयी है । हमारी #अर्थव्यवस्था का आधार गाय है और जब तक यह बात हमारी समझ
में नहीं आयेगी तबतक भारत की गरीबी मिटनेवाली नहीं है । गोमांस विक्रय जैसे
जघन्य पाप के द्वारा दरिद्रता हटेगी नहीं बल्कि बढ़ती चली जायेगी ।
🚩गौवध को रोकें और गोपालन कर #गोमूत्ररूपी विषरहित कीटनाशक तथा गौ दुग्ध का प्रयोग करें । गोवंश का संवर्धन कर देश को मजबूत करें ।
🚩गौमाता हमारे लिए कितनी उपयोगी है। लिंक पर पढ़े
🚩देश
का दुर्भाग्य है कि #कसाईघरों के आधुनिकीकरण पर #हजारों #करोड़ खर्च किये
जा रहे हैं, मगर गायों के संरक्षण के वास्ते सरकार के खजाने में पैसे नहीं
हैं।
🚩अभी
जनता की एक ही मांग है कि सरकार जल्द से जल्द #कत्लखानों को बंद करके
#गौ-शालाओं में #बजट को निवेश करें जिससे हमारी पवित्र गौ-माता की रक्षा हो
और फिर से #भारत #विश्वगुरु पद पर आसीन हो ।