innocent-is-not-getting-bail-convicted-sasikala-gets-parole

निर्दोषों को नहीं मिल रही है जमानत, दोषी शशिकला को मिल गई पैरोल

अक्टूबर 7,2017
🚩आय से अधिक संपत्ति के मामले में अदालत का फैसला आने में 19 साल का वक्त लगा, 19 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने वी .के. शशिकला को दोषी करार दिया और चार साल की सजा सुनाई है ।
🚩कर्नाटक जेल में बंद शशिकला को अपने बीमार पति से मिलने के लिए शुक्रवार को पांच दिन का पैरोल मिल गया है।
Innocent is not getting bail, convicted Sasikala gets parole

 

🚩पर जनता सवाल कर रही है कि ओडिसा के ओझर जेल में दारा सिंह(बजरंगदल) पिछले 18 सालों से सजा काट रहे हैं  जिन्हे अपने परिजनों से मिलने के लिए एक भी पैरोल नहीं मिली है और वहीं दूसरी तरफ वो शशिकला हैं  जिन्हें जेल में अभी 6 महीने हुए हैं उसको पैरोल दे दी गयी।
🚩दूसरा मामला हिन्दू संत आसारामजी बापू का है वे चार साल से अधिक समय से जोधपुर जेल में बंद हैं, उन पर अभी तक एक भी #आरोप #सिद्ध #नहीं #हुआ है, केवल #ट्रायल चल रहा है , उनकी उम्र 81 वर्ष है , उनका स्वास्थ्य भी काफी खराब रहता है लेकिन उनको इलाज कराने के लिए कुछ दिन के लिए भी #जमानत #नहीं मिल रही है, जबकि भारत के कानून के अनुसार जब तक दोष सिद्ध नहीं होता है तब तक उनको जमानत मिलती है लेकिन उनको जमानत नहीं मिल रही है ऐसी दोहरी नीति क्यों ?
🚩जबकि बापू #आसारामजी को #फंसाने के कई #सबूत भी मिले हैं और लड़की की #मेडिकल रिपोर्ट में एक खरोंच भी  नहीं पाई गई, मेडिकल में भी #क्लीन चिट मिल चुकी है, डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने केस पढ़कर बताया कि लड़की के #कॉल डिटल्स से पता चला कि जिस समय छेड़छाड़ी का आरोप लगाया है उस समय तो वहाँ थी ही नहीं, वो अपने मित्र से बात कर रही थी और बापू आसारामजी भी दूसरे कार्यक्रम में थे तो केस बनता ही नहीं है ।
🚩डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी  ने तो यहाँ तक कह दिया है कि मैंने तो #आशाराम बापू के जेल जाने से पहले ही  उनको बता दिया था कि आप जो #हिन्दू #धर्मपरिवर्तन कर चुके लाखों हिंदुओं की घर वापसी करवा रहे हो और धर्मपरिवर्तन पर #रोक #लगाई है इससे #वेटिकन सिटी बहुत नाराज है , #सोनिया गांधी से मिलकर आपको #जेल भेजने का #प्लान बना रहे  हैं ।
🚩और आखिर यही हुआ झूठा केस दर्ज करवाकर #मीडिया द्वारा #बदनाम करवाकर जेल भिजवाया गया ।
🚩#दारा सिंह(बजरंगदल) ने भी #धर्मपरिवर्तन का खूब #विरोध किया था वे ईसाई #मिशनरियों को धर्मपरिवर्तन करने नहीं दे रहे थे उसके फल स्वरूप जेल जाना पड़ा ।
🚩शशिकला जेल में लक्जिरियस जिंदगी जी रही हैं उसके कई खुलासे भी हुए हैं लेकिन इन हिन्दू समर्थकों को जेल में भी कोई विशेष सुविधा नहीं मिल रही है न ही पैरोल या जमानत ही दी जा  रही है ।
🚩आखिर ये किस तरह की दोहरी नीति है, जहां #भ्रष्टाचारी नेता की पैरोल की मांग उचित समझी जाती है और हिन्दू समर्थकों व हिंदुत्व के हक की लड़ाई लड़ने वालों को कानून द्वारा प्राप्त अधिकारों से भी वंचित रखा जाता है।
🚩#संजय दत्त को भी #दोषी सिद्ध होने पर भी बार-बार पैरोल पर छोड़ा जाता था, #लालूप्रसाद यादव भी बाहर घूम रहे हैं, पत्रकार तरुण #तेजपाल पर #आरोप #सिद्ध होने पर भी बाहर हैं, 9000 करोड़ लेकर भाग जाने वाला विजय माल्या को गिरफ्तार करने के बाद 3 घण्टे में जमानत मिल जाती है इससे सिद्ध होता है कि #नेता, #अभिनेता, #पत्रकार और #अमीरों को तुरंत #जमानत हासिल हो सकती है लेकिन हिंदुत्वनिष्ठों को न जमानत मिलती है  न ही कोई विशेष सुविधा ।
🚩सालों से हम देख रहे हैं कि एक के बाद एक #हिंदुत्वनिष्ठों को #टारगेट किया जा रहा है और हिन्दू मूक दर्शक बन तमाशा देख रहा हैलल
। पर अगर ऐसे ही चलता रहा तो एक समय ऐसा आएगा जब हिंदुओं के पक्ष में बोलने वाला कोई नहीं रहेगा ।
🚩अभी भी समय है चेत सकें तो चेत !!
एक कवि ने लिखा है :-
आज उठ रही हर ऊँगली #न्याय व्यवस्था पर,
जहाँ #भ्रष्टाचार का बोलबाला है,
निर्दोष सालों से बैठे जेल में न्याय की आस लगाये
और दोषी पा रहे पैरोल व बेल, वाह री न्याय व्यवस्था,अजब तेरा खेल !!
🚩Official Azaad Bharat Links:👇🏻
🔺Youtube : https://goo.gl/XU8FPk
🔺 Twitter : https://goo.gl/kfprSt
🔺 Instagram : https://goo.gl/JyyHmf
🔺Google+ : https://goo.gl/Nqo5IX
🔺 Word Press : https://goo.gl/ayGpTG
🔺Pinterest : https://goo.gl/o4z4BJ
Advertisements
conversion in india

भारत में ही हिन्दू हो रहे है अल्पसंख्यक, हिंदुओं को खत्म करने की चल रही है साजिश ।

अक्टूबर 6, 2017

बहुसंख्यक हिन्दू बाहुल भारत देश में भले हिन्दू निश्चिंत हों लेकिन रिपोर्ट चौकाने वाला है भारत के ही कई राज्यों में हिन्दू एकदम अल्पसंख्यक हो गए हैं उसमे बाकी जो बचे है उनको भी जबरदस्ती धर्मपरिवर्तन करने या यातनायें देकर भगाने की साजिश रची जा रही है ।
आंकडों के अनुसार इन सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हिन्दू इतने प्रतिशत ही बचे है मिजोरम (2.70%), लक्षद्वीप (2.80%), नागालैंड (8.70%), मेघालय (11.50%), जम्मू-कश्मीर (28.40%), अरुणाचल प्रदेश (29.00%), पंजाब (38.50%) और मणिपुर में (41.40) प्रतिशत है।  तीन राज्यों नागालैंड, मिजोरम और मेघालय में ईसाई बहुसंख्यक होते जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर और लक्षद्वीप में मुस्लिम समुदाय बहुसंख्यक है।
Hindus are becoming minor in India, Hindus are going to eliminate conspiracy
भारत मे हिन्दू ख़त्म किये जा रहे है। अगर अब भी हिन्दू नहीं जागे तो समाप्त होते चले जाएंगे। हिन्दुओं के खात्मे की बड़ी भयंकर साजिश रची जा रही है।
अभी हाल ही में एक सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा था उसमें बताया कि ये वीडियो नायगाओ पश्चिम में  विजय पार्क चेल्सी बिल्डिंग में रहने वाले गुजराती परिवार किरीट बारिया का है, इनकी बिल्डिंग में सारे परिवार क्रिश्चन है, सिर्फ यही एक फैमिली हिन्दू है। इनको  पिछले 10 साल से प्रताड़ित किया जा रहा है कभी पानी बन्द कर देते है, कभी मार पीट करते है। अभी नवरात्रि में इनके घर के बाहर तुलसी का पौधा तोड़ दिया, बच्चो से मारपीट की ओर कहा कि तुम लोग क्रिश्चन बन जाओ । पुलिस भी इनको सहयोग नहीं कर रही है।
उत्तर प्रदेश में भी आए दिन धर्म परिवर्तन करने के मामले सामने आते हैं। जहां आये दिन जबरन धर्मपरिवर्तन कराया जाता है, धर्म की आड़ में ना जाने कितने लोगों को निशाना बनाया जाता है, उत्तर प्रदेश में रहेने वाले लोगों को जबरदस्ती या फिर उनकी कमज़ोरी का फायदा उठाकर उन्हें धर्मपरिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है। जिसको लेकर आए दिन हंगामा हो रहा है। नया मामला कानपुर का है, जहां श्रवण को जबरन धर्मपरिवर्तन करने को मजबूर कर रहे थे, लेकिन श्रवण को अपना हिंदू धर्म छोड़ कर किसी और धर्म में जाना मंजूर नहीं था इसलिए पुलिस से धर्म परिवर्तन करवाने की शिकायत कर डाली।
श्रवण ने बताया कि उसके इलाके में चर्च का पादरी प्रदीप राव लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कर गुमराह कर रहा है।
आपको बता दें कि केवल उत्तर प्रदेश या मुम्बई में ही नही भारत में हर कोने में ईसाई पादरी प्रलोभन देकर धर्मान्तरण करवा रहे हैं दूसरी और मुस्लिमों द्वारा जबरन धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा है अभी भी हिन्दू नहीं जागे तो जैसे आठ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गये है ऐसे ही अन्य राज्यों में भी होने लगेंगे ।
 वेटिकन सिटी और इस्लामिक देशों द्वारा भारतीय मीडिया में भारी फंडिंग की जा रही है जिससे वे श्री राम मंदिर, धारा 370, गौ-हत्या, महंगाई, किसानों की आत्महत्या, जवानों की हत्या, हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार आदि समस्याओं पर बहस नहीं करके केवल हिन्दू साधु-संतों के खिलाफ ही खबरें दिखाते हैं और भोले हिन्दू इसी बात को सही समझकर उनके ही धर्मगुरुओं पर उंगली उठाता है और गलत बोलता है जबकि मीडिया ईसाई पादरियों और मौलवियों द्वारा हो रहे कुकर्मो को छुपाता है क्योंकि उनके द्वारा फंडिग की जा रही है।
गौरतलब है कि आजतक जिन्होंने भी हिन्दू धर्म की हित की बात की, धर्मांतरण पर रोक लगाई, हिन्दुओ की घर वापसी करवाई, विदेशी कम्पनियों का बहिष्कार करवाया, पाश्चात्य संस्कृति का विरोध किया उन हिन्दू साधु-संतों एवं कार्यकताओं के खिलाफ सुनियोजित षडयंत्र करके उनकी हत्या करवा दी या मीडिया द्वारा बदनाम करवाकर राजनेताओं से मिलकर जेल में भिजवा दिया ।
अतः हिन्दू आज भी एकजुट होकर इन षडयंत्रों का विरोध नहीं करेंगे तो एक के बाद एक हिन्दुओं को नष्ट कर दिया जायेगा और हिन्दू अल्पसंख्यक होते जायेंगे ।
rape by pastor

हिन्दू संतों पर कोलाहल करने वाली मीडिया पादरियों के बलात्कार करने पर चुप क्यों ??

🚩 *हिन्दू संतों पर कोलाहल करने वाली मीडिया पादरियों के बलात्कार करने पर चुप क्यों ??*
सितम्बर 1, 2017
🚩हाल ही में केरल कोट्टियूर में सेंट #सेबास्टियन चर्च के #कैथोलिक पादरी 48 वर्षीय फादर रोबिन उर्फ मैथ्यू वडकनचेरिल को 16 वर्षीय #नाबालिक से बलात्कार के आरोप में तब गिरफ्तार किया गया, जब वह #विदेश भागने की फिराक में था । मामला गत वर्ष मई का है । किन्तु इसका खुलासा तब हुआ, जब इस 16 वर्षीय अविवाहिक लड़की ने कोथुपरमवा के एक निजी #अस्पताल में #शिशु को जन्म दिया ।
Minor raped by pastor Media is silent
🚩इस मामले में उस तरह का हंगामा, समाचार पत्रों के मुख्यपृष्ठों पर सुर्खियां और न्यूज #चैनलों पर लंबी बहस नहीं दिखी, जो हिन्दू संतों पर लगे #यौन -उत्पीड़न के आरोप के बाद नजर आती है ।
🚩क्या किसी जघन्य अपराध के आरोपी पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए ?
🚩यदि उसका उत्तर ‘हाँ’ में है, तो इस मामले में मीडिया की चुप्पी का कारण क्या है ?
🚩कोट्टियूर में चर्च से संबधित इस तरह का मामला देश में नया नहीं है । बीते कई वर्षो से भारत में विभिन्न कैथोलिक अधिष्ठान, चाहे वह चर्च हो या फिर कॉन्वेंट स्कूल, कई बार इस घृणित अपराध से कलंकित हो चुके हैं।  किन्तु इसके विरोध में मीडिया, स्वघोषित #सेक्युलर-उदारवादी जमात और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मुँह तक नहीं खोला ।
🚩कोट्टियूर की घटना से पूर्व, केरल के ही #एर्नाकुलम में एक नाबालिक लड़की से बलात्कार के आरोपी 41 वर्षीय #पादरी एडविन को एक साथ दो-दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी ।
🚩कोच्चि में एक #कॉन्वेंट स्कूल के #प्रिंसिपल फादर कुरियाकोस को #पुलिस ने एक लड़के से कुकर्म के आरोप में गिरफ्तार किया था ।
🚩2014 में केरल के ही #त्रिचूर में #सेंटपॉल #चर्च के पादरी पर 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अपना शिकंजा कसा था ।
🚩फरवरी-अप्रैल 2014 में ही केरल में तीन कैथोलिक पादरी बच्चों से #बलात्कार के मामले में कानून की पकड़ में आए थे ।
🚩वर्ष 2016 में #प.बंगाल में भी एक पादरी पर महिला से दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा था ।
🚩छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में नवी कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ शाम 6 बजे प्रार्थना कराने बहाने अंदर ले गया और बलात्कार किया ।
🚩श्री नगर के 32 वर्षीय बीजूमन #के. एल. पादरी #शादी के बहाने #19 वर्षीय एक #लड़की को पेय पदार्थ में #नशीली #चीजें मिलाकर पिलाने के बाद उससे #बलात्कार करता था ।
🚩हाल ही में आस्ट्रेलिया की कैथोलिक चर्च ने #ईसाई पादरियों के #3066 बच्चों के #यौन-शोषण करने के मामले में #करीब 21 करोड़ 20 लाख 90 हजार अमेरिकी डॉलर (1426 करोड़ रुपए) का हर्जाना दिया है।
🚩सन् 2002 में आयरलैंड को अपने #पादरियों के #यौन-शोषण के #अपराधों के कारण #12 करोड़ 80 लाख डॉलर का दंड चुकाना पड़ा था ।
🚩यह तो कुछ ही नमूने हैं जो धर्म के ठेकेदार ईसाई पादरी के काले कुकर्मों को उजागर करते हैं पर लगभग कई ईसाई चर्चो में ये काम चल रहा है, लेकिन मीडिया इसको नही बतायेगी क्योंकि मीडिया अधिकतर विदेशी फंड से चलने वाली है, #मीडिया केवल #हिन्दू धर्म में ही बुराई दिखाएगी, #हिन्दू संतों पर #श्रद्धा करने पर #अंधश्रद्धा #बतायेगी ।
🚩क्या यह एक षड्यंत्र नही है?
🚩अभी हाल ही में बाबा राम रहीम पर आरोप सिद्ध होने पर उनके खिलाफ कई मनगढंत कहानियां बनाकर परोसी जा रही है कि उनके जैसा कोई दुनिया में अपराधी ही न हो, जबकि अभी उनके पास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता बाकी है कई बार ऐसा हुआ है कि नीचली अदालत ने दोषी करार दिया और ऊपरी कोर्ट ने निर्दोष बरी किया हो । कोर्ट ने अपना डिसीजन दिया लेकिन बिना तथ्य की झूठी खबरें जनता में परोस रही है वो कहां तक उचित है?
🚩बाबा कोर्ट में रोये , अपनी गाड़ी में और जेल में अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म किया, गुफा में दुष्कर्म होते है, ये सब #झूठी #कहानियां बनाना कहाँ तक उचित है?
🚩कल यही मीडिया बाबा राम रहीम की फिल्म प्रमोट कर रही थी, उनका प्रचार कर रही थी अचानक क्या हुआ कि उनके खिलाफ अभियान चल पड़ा?
 क्या यह एक बड़ा षडयंत्र नही है?
🚩इस बारे में प्रखर राष्ट्रवादी चैनल सुदर्शन न्यूज के मालिक श्री सुरेश चव्हाणके ने बताया कि अधिकतर मीडिया को #ईसाई मिशनरियों की #वेटिकन सिटी और #अरब देश से #फंडिग होती है, जिससे वे #हिन्दू संस्कृति को #तोड़ने और #हिन्दू साधु-संतों के प्रति भारत की #जनता के मन में #नफरत #पैदा करने का #काम करते हैं । वे #हिन्दुओं के #मन में ये डालने का प्रयास करते हैं कि आपके #धर्मगुरु तो अपराधी हैं आप #हिन्दू धर्म #छोड़कर #हमारे #धर्म मे आ #जाओ । ये उनकी थ्योरी है ।
🚩अब आपके मन में प्रश्न होता होगा कि उनको इससे क्या फायदा होगा?
🚩आपको बता दें कि भारतीय #मीडिया को हिन्दू संतों को बदनाम करने के लिए और #पादरियों के #दुष्कर्म छुपाने के लिए पैसा मिलता है ।
अगर हिन्दू साधु-संतों के प्रति देशवासियों की आस्था बनी रही तो भारत में धर्मांतरण का कार्य आसानी से नहीं होगा।
🚩अब सवाल है कि धर्मांतरण करवाने से उनको क्या फायदा मिलेगा..??
🚩भारतीय #संस्कृति वो उत्तम और पवित्र संस्कृति है जो हमें कम सुविधाओं में भी सुखी स्वस्थ और सम्मानित जीवन जीने की शैली देती है । पश्चिम संस्कृति में भोग की प्रधानता है जबकि भारतीय संस्कृति में योग की प्रधानता है । ये वो #संस्कृति है जो मानव को #महेश्वर तक की यात्रा कराने में सक्षम है और दूसरी ओर पाश्चात्य संस्कृति बाहरी चकाचौंध वाले जीवन को ही सर्वस्व समझती है।
🚩अब अगर भारत पर राज्य करना है तो सबसे पहले भारतवासियों का नैतिक व चारित्रिक पतन कराना होगा व इनके आस्था के केंद्र साधु-संतों को तोड़ना होगा ।
🚩यही काम #मीडिया द्वारा #मिशनरियाँ करा रही हैं हिन्दू #साधु संतों के प्रति समाज के मन में #नफरत पैदा करके ।
🚩अतः हिन्दू सावधान रहें!
बिकाऊ मीडिया और सेकुलर लोगो से,नहीं तो फिर से हिंदुस्तान गुलामी की जंजीरों में जकड़ा जाएगा ।
🚩Azaad Bharat Links:👇🏻Official
🔺Youtube : https://goo.gl/XU8FPk
🔺 Twitter : https://goo.gl/kfprSt
🔺 Instagram : https://goo.gl/JyyHmf
🔺Google+ : https://goo.gl/Nqo5IX
🔺 Word Press : https://goo.gl/ayGpTG
🔺Pinterest : https://goo.gl/o4z4BJ
SAKSHI MAHARAJ

राम रहीम को बुला लिया, इमाम बुखारी को क्यों नही ? :साक्षी महाराज

राम रहीम को बुला लिया, इमाम बुखारी को क्यों नही बुलाती कोर्ट, यह षडयंत्र है: साक्षी महाराज
उन्नाव. बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने डेरा सच्चा सौदा
प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सपोर्ट करते हुए कहा- ”एक आदमी ने कंप्लेन की
है यौन शोषण की और करोड़ों लोग डेरा सच्चा बाबा को भगवान मान रहे हैं।

Called Ram Rahim, why not Imam Bukhari? : Sakshi Maharaj

तो
एक की बात सुनी जा रही है, करोड़ों की कोर्ट क्यों नहीं सुन रहा है। अगर
ज्यादा बड़ी घटनाएं घटती हैं तो इसके लिए डेरा के लोग ही नहीं कोर्ट भी
जिम्मेदार होगा।”


भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र
– साक्षी महाराज ने कहा- ”एक आदमी यौन शोषण का आरोप लगा रहा
है। पूर्वाग्रह भी हो सकता है। कुछ लोभ लालच भी हो सकता है। हो सकता है
भारतीय संस्कृति की छवि को धूमिल करने, बर्बाद करने के लिए भी किया गया
हो।”
– ” कर्नल पुरोहित के साथ क्या हुआ? प्रज्ञा भारती ठाकुर के
साथ क्या हुआ? ये योजना बद्ध तरीके से साधु-सन्यासी नहीं बल्कि भारतीय
संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र है।”
– ”मुझे लगता है कि माननीय न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय
को गंभीरता से इस बात को लेना चाहिए। इतना नुक्सान हो गया और ज्यादा नुकसान
न हो। अगर ज्यादा बड़ी घटनायें घटती है तो उसके लिए डेरा के लोग जिम्मेदार
नहीं होंगे न्यायालय भी जिम्मेदार होगा।”
जामा मस्जिद का इमाम कोर्ट का रिश्तेदार है क्या?
– साक्षी महाराज ने आगे कहा- ”लॉ एंड ऑडर की स्थिति खराब हो
गई। लोग मर रहे हैं, दंगे हो रहे हैं। जामा मस्जिद के इमाम को हाईकोर्ट
क्यों नहीं बुला लेता है। वो कोई रिश्तेदार लगता है क्या?”
– ”राम रहीम तो सीधे साधे हैं तो बुला लिया और जामा मस्जिद
के इमाम को नहीं बुला सकते। कितने केसों में वो वांछित है। कहीं न कहीं
प्रश्न चिन्ह तो खड़ा होता है।” ( स्त्रोत : दैनिक भास्कर)
आपको बता दें कि इमाम बुखारी पर कई गैरजमानती वारंट निकले हैं
पर वे कभी आजतक कोर्ट में पेश नही हुए । इसलिए साक्षी महाराज ने उनपर बयान
दिया ।
गुजरात द्वारका के केशवानंदजी महाराज पर कुछ समय पूर्व एक
महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया और कोर्ट ने 12 साल की सजा भी सुना दी
लेकिन जब दूसरे जज की बदली हुई तब देखा कि ये मामला झूठा है तब उनको 7 साल
के बाद निर्दोष बरी किया गया था।
अब साक्षी महाराज की बात को लेकर कहीं न कहीं पुष्टि हो रही
है कि कहीं ये भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का सुनियोजित षडयंत्र तो नही
चल रहा है?

 

conversion media love jihad

कवि: हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा

अगस्त 23, 2017
धर्मान्तरण,
लव जिहाद, मीडिया और पाश्चात्य संस्कृति द्वारा हिन्दू संस्कृति एवं
हिन्दू धर्म रक्षक संतों पर हो रहे कुठाराघात को लेकर एक कवि ने बहुत ही
सुंदर कविता बनाई है ।
आइये पढ़ते है क्या लिखा है कवि ने…

हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
हिन्दुत्व की पताका को परचम पर लहराना ही होगा॥
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।

conversion media love jihad

बचाना ही होगा……

अत्याचार हो रहे निर्दोष संतों पर अपने ही देश में,
मानवता को शर्मसार कर रहे दुष्ट सज्जन के भेष में,
औकात क्या है इन दुष्टों की, अब इनको दिखाना ही होगा।
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
धर्मांतरण का चल रहा गौरख धंधा ईसाई मिशनरियों के दम पर,
पैसे, बल व शक्ति का दुरूपयोग कर रहे इस कुकर्म पर,
बन भगतसिंह, आजाद इन गौरों को भगाना ही होगा
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
लव जिहाद के नाम से फिर मुल्लों ने वार किया,
अपना नाम बदलकर बहनों की अस्मिता पर प्रहार किया,
द्रोपदी की लुटती अस्मिता को कृष्ण बन बचाना ही होगा,
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
हिन्दू धर्म की मान्यताओं का खूब मीडिया ने मजाक उड़ाया,
दूसरे धर्म की कुमान्यताओं को छुपाकर सिर पर बैठाया,
कमजोर नहीं है हिन्दुत्व ये मीडिया को दिखाना ही होगा,
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
पाश्चात्य संस्कृति की तरफ लोगों का रूझान बढ़ा,
हिन्दू संस्कृति भूल रहे धार्मिक मान्यताओं का अपमान बढ़ा,
बन विवेकानन्द, आशारामजी बापू विश्व को चेताना ही होगा,
हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा।
बचाना ही होगा……
कवि ने सच ही लिखा है कि हिन्दू संस्कृति को दुश्मनों के हाथों से बचाना ही होगा क्योंकि हिन्दू संस्कृति नही बचेगी तो दुनिया में से मानवता ही खत्म हो जाएगी ।
हिन्दू संस्कृति ही ऐसी है जिसने “वसुधैव कुटुम्बकम” के वाक्य को चरितार्थ कर दिखाया है और सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना रखती है ।
ईसाई चाहते कि ईसायत बढ़े, मुसलमान चाहते है मुस्लिम धर्म बढ़े, पारसी चाहते है कि पारसी धर्म का प्रचार, प्रसार हो ।
लेकिन हिन्दू धर्म ही एक ऐसा धर्म है जो चाहता है कि प्राणिमात्र का कल्याण हो, विश्व का मंगल हो ऐसी भावना किसी मत, पंथ या मजहब में नहीं देखने को मिलेगी ।
हिन्दू धर्म पुरातन नहीं सनातन है मुस्लिम मजहब को 1450 साल हुए, ईसाई पंथ को 2017 साल हुए बाकि जो भी धर्म हैं कुछ साल पहले ही बनाये गए हैं लेकिन सनातन (हिन्दू) धर्म जबसे सृष्टि की उत्पति हुई तब से है ।
दूसरे धर्म जैसे कि मुस्लिम धर्म की मोहम्मद पैंगबर ने स्थापना की, ईसाई धर्म की यीशु ने स्थापना की लेकिन हिन्दू धर्म की स्थापना किसी ने नही की ।
हिन्दू धर्म में कई भगवानों के अवतार हो गये लेकिन स्थापना नही की इसलिए हिन्दू धर्म ही सबसे प्राचीन और उत्तम है उसको तोड़ने के लिए दुष्ट प्रकृति के लोग लगे हुए हैं लेकिन सनातन धर्म न कभी मिटा है न कभी मिटेगा ।
लेकिन फिर भी आज सभी हिंदुओं का कर्तव्य है कि जिस धर्म में अपना जन्म हुआ उस पर हो रहे कुठाराघात को रोके ।
जैसे अधर्म बढ़ गया तो श्री कृष्ण ने भी युद्ध किया था तो हिन्दुओं को भी दुष्ट लोगों का नाश कर धर्म की रक्षा करने के लिए आगे आना होगा ।
Minorities-in-Pakistan-do-not-have-religious-freedom-claims-in-US-report

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को नहीं है धार्मिक आजादी – अमेरिकी रिपोर्ट में दावा

🚩अगस्त 16, 2017
🚩वाशिंगटन
: अमेरिका द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, पाकिस्तान में
सिख, हिन्दू जैसे अल्पसंख्यक #जबरन #धर्मांतरण के डर में रहते हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि, अल्पसंख्यकों को यह चिंता भी है कि,
पाकिस्तान सरकार जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठा पाती
है।
Minorities-in-Pakistan-do-not-have-religious-freedom-claims-in-US-report
🚩अमेरिका
के विदेश मंत्री रेक्स #टिलरसन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में ये बात कही गई
है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के
अधिकारों और #धार्मिक आजादी को #संरक्षण नहीं दिया जा रहा है।
🚩इसके
अलावा पाकिस्तान में हुक्मरानों की कार्यशैली पर भी प्रश्न उठाए गए हैं।
कहा गया है कि, केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर हिन्दू, सिख और ईसाइयों
की आजादी सुनिश्चित करने वाले कानूनों पर सही ढंग से अमल नहीं किया जा रहा
है।
🚩रिपोर्ट
में कहा कि, पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों का कहना है कि,
अल्पसंख्यकों को जबरन इस्लाम कबूल करवाने से रोकने में सरकार द्वारा उठाए
गए कदम पर्याप्त नही हैं। पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता पर खतरा है,
वहां दो दर्जन से अधिक लोग ईशनिंदा के कारण या तो फांसी का इंतजार कर रहे
हैं या उम्रकैद काट रहे हैं।
🚩रिपोर्ट
में कहा गया है कि, सरकार अल्पसंख्यकों को ईंट बनाने जैसी बंधुआ मजदूरी से
नहीं बचा पा रही है। ईंट बनाने और खेती से जुडे़ क्षेत्रों में ईसाई और
हिन्दुओं को बंधुआ मजदूर रखा जाता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि, हिन्दू
और सिख नेताओं का कहना है कि, अल्पसंख्यकों को विवाह रजिस्टर कराने में भी
कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
🚩#पाकिस्तान
और #बांग्लादेश में दिन-रात #हिन्दुओं के #घर जलाये जा रहे हैं #हिन्दू
#महिलाओं की #इज्जत #लूटी जा रही है, #मंदिर, घर, दुकानों को तोड़ा जा रहा
है, पुजारियों की हत्या की जा रही है, हिन्दुओ की संपत्ति हड़प ली जाती है,
#हिन्दुओं को मारा-पीटा जा रहा है, दिन-रात #हिन्दुओं को पलायन होना पड़ रहा
है उसपर किसी नेता, मीडिया, संयुक्त राष्ट्र और सेक्युलर लोगों की नजर
क्यों नही जाती है?
🚩भारत
में तो मुसलमानों को अधिक सुख-सुविधाएं दी जा रही है फिर भी कुछ गद्दार,
सेक्युलर बोलते है कि भारत में मुसलमान डरे हुए हैं लेकिन आजतक ये नहीं
बोला कि पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि मुसलमान बाहुल देश में हिन्दुओं पर
कितना अत्याचार हो रहा है । नर्क से भी बत्तर जीवन जीना पड़ता है ।
🚩एक
तरफ #बांग्लादेश में #हिन्दुओं पर #अत्याचार हो रहा है दिन-प्रतिदिन
हिन्दू कम हो रहे हैं दूसरी ओर बंगाल, कश्मीर, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक आदि
राज्यों में हिन्दुओं की हत्यायें हो रही हैं उस पर सभी ने चुप्पी क्यों
साध ली है?
🚩जो #हिन्दू कार्यकर्ता #हिन्दू #संत इन अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते हैं उनको जेल भेज दिया जाता है या हत्या करवा दी जाती है ।
🚩ईसाई मिशनरियाँ और #मुस्लिम देश दिन-रात #हिंदुस्तान और पूरी दुनिया से हिन्दुस्तान को मिटाने में लगे हैं अतः हिन्दू #सावधान रहें ।
🚩अभी समय है हिन्दू #एक होकर #हिन्दुओं पर हो रहे प्रहार को रोके तभी हिन्दू बच पायेंगे ।हिन्दू होगा तभी सनातन संस्कृति बचेगी ।
🚩अगर
#सनातन #संस्कृति नही बचेगी तो दुनिया में इंसानियत ही नही बचेगी क्योंकि
#हिन्दू संस्कृति ही ऐसी है जिसने “वसुधैव कुटुम्बकम्” का वाक्य चरितार्थ
करके दिखाया है ।
🚩#प्राणिमात्र
में ईश्वरत्व के दर्शन कर, सर्वोत्वकृष्ट ज्ञान प्राप्त कर जीव में से
#शिवत्व को प्रगट करने की क्षमता अगर किसी संस्कृति में है तो वो सनातन
हिन्दू #संस्कृति में है ।
🚩#हिंदुओं
की बहुलता वाले देश #हिंदुस्तान में अगर आज हिन्दू #पीड़ित है तो सिर्फ और
सिर्फ हिंदुओं की निष्क्रियता और अपनी महान संस्कृति की ओर विमुखता के
#कारण !!
🚩इन सब देखकर भी #हिन्दू कबतक चुपचाप बैठा रहेगा..???
 🚩जागो हिन्दू!!
🚩Official Azaad Bharat Links:👇🏻
🔺Youtube : https://goo.gl/XU8FPk
🔺 Twitter : https://goo.gl/kfprSt
🔺 Instagram : https://goo.gl/JyyHmf
🔺Google+ : https://goo.gl/Nqo5IX
🔺 Word Press : https://goo.gl/ayGpTG
🔺Pinterest : https://goo.gl/o4z4BJ

दस साल बाद सामने आया ‘समझौता ब्लास्ट’ का सच

🚩 दस साल बाद सामने आया ‘समझौता ब्लास्ट’ का सच, पाकिस्तानी को बचाया, हिंदुस्तानी को फंसाया
जून, 22, 2017
p chidambaram samjhauta express blast
🚩नई
दिल्ली: #समझौता ब्लास्ट केस में एक बड़ा खुलासा हुआ है। समझौता ब्लास्ट
केस को बहाना बनाकर हिन्दू #आतंकवाद का जुमला इजाद किया गया। पाकिस्तानियों
को बचाने के लिए और हिन्दुस्तानियों को फंसाने के लिए 2007 में हुए
#समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट का इस्तेमाल किया गया। इस केस में पाकिस्तानी
#आतंकवादी पकड़ा गया था, उसने अपना गुनाह भी कबूल किया था लेकिन महज 14
दिनों में उसे चुपचाप छोड़ दिया। इसके बाद इस केस में #स्वामी असीमानंद जी
को  फंसाया गया ताकि भगवा आतंकवाद या हिन्दू आतंकवाद को अमली जामा पहनाया
जा सके।
🚩#समझौता केस के जांच अधिकारी का खुलासा :
🚩हादसा
10 साल पुराना है लेकिन ये खुलासा सिर्फ बारह दिन पहले हुआ, जब जांच
अधिकारी ने अदालत में अपना बयान दर्ज करवाया। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि
पाकिस्तानी #आतंकवादी को छोड़ने का आदेश देने वाला कौन था?
🚩किसने पाकिस्तानी आतंकवादी को छोड़ने के लिए कहा, वो कौन है जिसके दिमाग में भगवा आतंकवाद का खतरनाक आइडिया आया…
🚩18
फरवरी 2007 को #समझौता एक्सप्रैस में ब्लास्ट हुआ था इसमें 68 लोग मारे
गए। दस साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अबतक आखिरी फैसला नहीं आया है। इस
केस में दो पाकिस्तानी संदिग्ध पकड़े गए, इनमें से एक ने गुनाह कबूल किया
लेकिन पुलिस ने सिर्फ 14 दिन में जांच पूरी करके उसे बेगुनाह करार दिया।
अदालत में पाकिस्तानी संदिग्ध को केस से बरी करने की अपील की गई और अदालत
ने पुलिस की बात पर यकीन किया और पाकिस्तानी संदिग्ध आजाद हो गया। फिर कहां
गया ये किसी को नहीं मालूम….क्या ये सब इत्तेफाक था या फिर एक बड़ी
राजनीतिक साजिश थी?
🚩इस
केस से जुड़े #डॉक्युमेंट्स सामने आए हैं जिसे देखने के बाद कोई भी सोचने
पर मजबूर हो जाये कि उस समय की सरकार को #2 पाकिस्तानी संदिग्ध को छोड़ने
की इतनी जल्दी क्यों थी ?
फिर अचानक इस केस में हिन्दू आतंकवाद कैसे आ गया?
🚩इस
केस के पहले इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर थे इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह जो कि अब
रिटायर हो चुके हैं। गुरदीप सिंह ने 9 जून को कोर्ट में अपना बयान रिकॉर्ड
करवाया है।
🚩इस
बयान में इंस्पेक्टर #गुरदीप ने कहा है, ‘ये सही है कि समझौता ब्लॉस्ट में
पाकिस्तानी अजमत अली को गिरफ्तार किया गया था। वो बिना पासपोर्ट के, बिना
लीगल ट्रैवल डाक्यूमेंटस के भारत आया था। दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई
शहरों में घूमा था। मैंने अपने सीनियर अधिकारियों, सुपिरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस
#भारती अरोड़ा और डीआईजी के निर्देश के मुताबिक #अजमत अली को कोर्ट से बरी
करवाया।
🚩इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर ने कोर्ट को जो बयान दिया वो काफी हैरान करने वाला है
‘ऊपर से आदेश आया, पाकिस्तानी संदिग्ध छोड़ा गया’
पुलिस
अधिकारी ऐसा तभी करते हैं जब उन पर ऊपर से दवाब आता है। आखिर इतने सीनियर
अधिकारियों को पाकिस्तानी संदिग्ध को छोड़ने के लिए किसने दबाव बनाया?
एक ब्लास्ट केस में सिर्फ 14 दिन में पुलिस ने ये कैसे तय कर लिया कि आरोपी बेगुनाह है और उसे छोड़ देना चाहिए?
🚩#अजमत अली है कौन?
🚩कोर्ट
में जमा डॉक्युमेंट्स के मुताबिक अजमत अली पाकिस्तानी नागरिक था। उसे भारत
में अटारी बॉर्डर के पास से GRP ने अरेस्ट किया था। उसके पास न तो
पासपोर्ट था, न वीजा था और ना ही कोई लीगल डॉक्यूमेंट। इस शख्स ने पूछताछ
में कबूल किया कि वो पाकिस्तानी है और उसके पिता का नाम मेहम्मद शरीफ है।
उसने अपने घर का पता बताया था- हाउस नंबर 24, गली नंबर 51, हमाम स्ट्रीट
जिला लाहौर, पाकिस्तान।
🚩सबसे
बड़ी बात ये है कि ब्लास्ट के बाद दो प्रत्यक्षदर्शियों ने बम रखने वाले
का जो हुलिया बताया था वो #अजमत अली से मिलता जुलता था। प्रत्यक्षदर्शी के
बताने पर स्केच तैयार किए गए थे, और उस स्केच के आधार पर ही अजमत अली और
#मोहम्मद उस्मान को इस केस में आरोपी बनाया गया था। #इंस्पेक्टर गुरदीप ने
भी 12 दिन पहले कोर्ट को जो बयान दिया था उसमें कहा है कि ट्रेन में सफर कर
रहीं शौकत अली और रुखसाना के बताए हुलिए के आधार पर दोनों आरोपियों के
स्केच बनाए गए थे।
🚩समझौता
ब्लास्ट 18 फरवरी 2007 को हुआ था। पुलिस ने $अजमत अली को एक मार्च 2007 को
अटारी बॉर्डर के पास से बिना लीगल डॉक्युमेंट्स के गिरफ्तार किया था। उस
वक्त वो पाकिस्तान वापस लौटने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद अजमत
अली को अमृतसर की सेंट्रल जेल में भेजा गया। वहीं से समझौता ब्लास्ट की
जांच टीम को बताया गया था कि समझौता ब्लास्ट के जिन संदिग्धों के उन्होंने
स्केच जारी किए हैं उनमें से एक का चेहरा अजमत अली से मिलता है। इसके बाद
लोकल पुलिस ने अजमत अली को कोर्ट में समझौता पुलिस की जांच टीम को हैंडओवर
कर दिया।
🚩जांच
टीम ने 6 मार्च 2007 को कोर्ट से अजमत अली की 14 दिन की रिमांड मांगी। जो
ऐप्लिकेशन पुलिस ने कोर्ट में जमा की थी, इस एप्लिकेशन में जांच अधिकारी ने
साफ साफ लिखा है कि समझौता ब्लास्ट मामले में गवाहों की याददाश्त के
मुताबिक संदिग्धों के स्केचेज बनाकर टीवी और अखबारों को जारी किए गए थे।
#अटारी जीआरपी ने इस स्केच से मिलते जुलते संदिग्ध अजमत अली को गिरफ्तार
किया। इसने पूछताछ में बताया कि वो तीन नवंबर 2006 को #बिना पासपोर्ट और
वीजा के भारत आया था। इसी आधार पर कोर्ट ने अजमत अली को 14 दिन की पुलिस
रिमांड में भेज दिया था।
🚩अबतक
की कहानी साफ है समझौता ट्रेन में ब्लास्ट हुआ, इस ब्लास्ट के दो
आईविटनेसेज ने ट्रेन में बम रखने वालों का हुलिया बताया, उसके आधार पर दो
लोगों के स्केच बने, उन्हें अटारी रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार किया और फिर
पूछताछ करने के बाद समझौता ब्लास्ट की जांच कर रही टीम को सौंप दिया। इस
टीम ने भी उसका चेहरा स्केच से मिला कर देखा, चेहरा मिलता जुलता दिखा, तो
उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट ने इसे 14 दिन की पुलिस
रिमांड में भेज दिया। 14 दिन की पुलिस #रिमांड में पूछताछ हुई।
🚩पूछताछ
और जांच के बाद उम्मीद थी कि कुछ कंक्रीट निकल कर सामने आएगा लेकिन 14 दिन
बाद, 20 मार्च को जब पुलिस ने दोबारा अजमत अली को कोर्ट में पेश किया तब
उम्मीद थी कि पुलिस दोबारा उसका रिमांड मांगेगी, लेकिन हुआ उल्टा। पुलिस ने
कोर्ट को बताया कि उनकी जांच पूरी हो गयी है, #अजमत अली के खिलाफ कोई ठोस
#सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए उसे इस केस से #डिस्चार्ज कर दिया जाए। कोर्ट
ने पुलिस की दलील पर भरोसा किया और कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा कि अजमत
अली की रिहाई की अर्जी पुलिस ने ये कहते हुए दी है कि मौजूदा केस की जांच
में इसकी कोई जरूरत नहीं है। जब जांच टीम ने ही ये कह दिया तो कोर्ट ने
अजमत अली को रिहा कर दिया।
🚩करनाल
में इंडिया टीवी रिपोर्टर #चंदर किशोर को गुरदीप सिंह ने बताया कि शुरुआती
जांच के बाद ही अजमत को छोड़ दिया गया था। उन बड़े अफसरों के बारे में भी
बताया जो इस टीम का हिस्सा थे जिन्होंने इस केस की जांच की और पाकिस्तानी
नागरिक को छोड़ा ।
🚩अब
यहां एक बड़ा सवाल तो यह है कि इतने सारे शहरों में पुलिस ने जांच सिर्फ
14 दिन में कैसे पूरी कर ली। अजमत अली का न तो नार्को टेस्ट हुआ, न ही
पोलीग्राफी टेस्ट किया गया। सिर्फ 14 दिन की पूछताछ के बाद पुलिस ने ये मान
लिया कि समझौता ब्लास्ट में अजमत अली का हाथ नहीं है…ये शक को पैदा करता
है।
🚩अजमत
अली को छोड़ देना तो एक बड़ा ट्विस्ट था लेकिन इससे भी बड़ा ट्विस्ट इस
केस की शुरुआती जांच में आया था। शुरुआत में उस वक्त की #कांग्रेस सरकार ने
कहा था कि #समझौता ब्लास्ट के पीछे #लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है लेकिन जांच
बढ़ने के कुछ ही दिन बाद इस केस में भगवा आतंकवाद का नाम आया।
🚩इस केस में शुरुआत में जांच में जल्दी-जल्दी ट्विस्ट आए इसपर हमारे कुछ सवाल हैं…
🚩क्या
एक पाकिस्तानी नागरिक जो बम धमाके का आरोपी हो उसे इतनी आसानी से छोड़ा जा
सकता है? अक्सर छोटे क्राइम में भी पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक की जांच
में भी ऐसी जल्दीबाजी नहीं होती उससे पूछताछ होती है, उसकी बातों को
वैरीफाई किया जाता है लेकिन समझौता ब्लास्ट के केस में अजमत अली को तुरंत
छोड़ दिया गया।
🚩आखिर
सरकार की तरफ से अजमत को छोड़ने की ऐसी जल्दबाजी क्यों की गयी? क्या पुलिस
को अजमत अली का नार्को या पोलीग्राफी टेस्ट करके सच निकलवाने की कोशिश
नहीं करनी चाहिए थी? पहले जब इंटेलिजेंस और जांच एजेंसियों ने इस धमाके को
लश्कर का मॉड्यूल बताया तो फिर एकाएक इसे हिंदू टेरर का नाम कैसे दिया गया?
🚩हम
आपको बताते है कि हिंदू टेरर का नाम कैसे आया, इसका जवाब भी पुलिस
अधिकारियों की एक मीटिंग की नोटिंग में मिला। 21 जुलाई 2010 को बंद कमरे
में कुछ अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में ये तय हुआ था कि
हरियाणा पुलिस द्वारा समझौता एक्सप्रैस ब्लास्ट की जांच किसी नतीजे पर नहीं
पहुंच पा रही है इसलिए इसे नेशनल इनवेस्टिगेटिव एजेंसी को सौंप देना
चाहिए। इसी मीटिंग में ये बात भी हुई थी कि इस केस की जांच हिंदू ग्रुप के
इन्वॉल्वमेंट पर भी होना चाहिए। नोटिंग में लिखा है कि एसएस (आईएस) को याद
होगा, उनके चेंबर में इस बात पर डिस्कशन हुआ था, कि इसकी जांच हिंदू ग्रुप
के ब्लास्ट में शामिल होने की संभावना पर भी होनी चाहिए।
🚩पुलिस की नोटिंग से सवाल ये उठता है कि  किसके कहने पर हिंदू टेरर ग्रुप का नाम इस धमाके से जोड़ने का आइडिया आया?
बंद
कमरे में वो कौन-कौन ऑफिसर थे जिन्होंने इस धमाके को हिन्दू टेरर का एंगल
देने की कोशिश की? इन अफसरों के नाम सामने आना जरूरी हैं, उनसे पूछताछ
होगी, तभी पता चलेगा कि उनपर किसका दबाव था?
🚩बीजेपी
नेता #सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि ये देश के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ #हिंदू आतंकवाद का नाम देने के लिए ये पूरी #साजिश
रची गयी थी।
🚩आपको
बता दें कि तत्कालीन #गृह मंत्री #सुशील कुमार शिंदे ने AICC की मीटिंग
में भगवा #आतंकवाद की बात करके सबको चौंका दिया था बाद में #पी चिदंबरम ने
और #दिग्विजय सिंह ने बार-बार बीजेपी को बैकफुट पर लाने के लिए इस जुमले का
इस्तेमाल किया।
🚩समझौता
ब्लास्ट के केस में जिस तरह से पहले लश्कर ए तैयबा का नाम आया फिर उस वक्त
की सरकार ने पाकिस्तानियों को छोड़ दिया और स्वामी असीमानंद को आरोपी
बनाकर इस केस को पूरी तरह से पलट दिया….इसके पीछे एक सोची समझी साजिश थी।
🚩अब
ये साफ है कि भगवा आतंकवाद का जुमला क्वाइन करने के लिए, हिन्दू आतंकवाद
का हब्बा खड़ा करने के लिए इस केस में पाकिस्तानियों को बचाया गया और
हिन्दुस्तानियों को फंसाया गया।
🚩अब सवाल सिर्फ इतना है कि इस साजिश के पीछे किसका शातिर दिमाग था ??
क्या पी चिदंबरम, दिग्विजय सिंह या सुशील कुमार शिन्दे में से कोई इस साजिश में शामिल था…..ये सच बाहर आना जरूरी है।
🚩स्त्रोत्र:इंडिया टीवी
🚩आपको
बता दें कि जॉइंट #इंटेलीजेंसी कमेटी के पूर्व प्रमुख और पूर्व
उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. एस.डी. प्रधान ने देश में भगवा आतंक की
थ्योरी को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
🚩उन्होंने
भी स्पष्ट बताया है कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट, मालेगाँव ब्लास्ट,
#इशरतजहाँ मामला का पहले से ही हमें पता था और अमेरिकन खुफिया विभाग ने भी
बताया था कि ये सब घटनाएं होने वाली थी और ये पाकिस्तान करवा रहा है और
हमने तात्कालीन #गृहमंत्री पी.चिदंबरम को बताया भी था लेकिन उन्होंने
राजनैतिक फायदे के लिए भगवा #आतंकवाद सिद्ध करने के लिए #डी.जी.वंजारा,
साध्वी प्रज्ञा, स्वामी #असीमानन्द, #शंकराचार्य अमृतानन्दजी, कर्नल
पुरोहित और बाद में दूसरे फर्जी केस बनाकर  हिन्दू संत आसारामजी बापू और
उनके बेटे को जेल भेजा गया था ।
 🚩जब
साध्वी प्रज्ञा जमानत पर बाहर आई तो कहा कि कांग्रेस के तात्कालीन
गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने भगवा आतंकवाद की परिभाषा गढ़ी थी और मुझे फंसाने
की साजिश की थी लेकिन कोर्ट में इतना तो साबित हो गया कि कोई भगवा आतंकवाद
नहीं होता ।
🚩आज
भी #कांग्रेस सरकार द्वारा रचे गए #षडयंत्र के तहत कई #हिन्दू साधु-संत
जेल में बंद है लेकिन अब #हिंदुत्ववादी कहलाने वाली #BJP सरकार कैसे
हिंदुओं के माप-दण्ड पर खरी उतरती है , ये देखना है ।
🚩कब #निर्दोष संतों की जल्द से जल्द सह-सम्मान रिहाई करवाती है उसी पर सभी #हिंदुओं की निगाहें टिकी है ।
🚩Official Azaad Bharat Links:👇🏻
🔺Youtube : https://goo.gl/XU8FPk
🔺 Twitter : https://goo.gl/he8Dib
🔺 Instagram : https://goo.gl/PWhd2m
🔺Google+ : https://goo.gl/Nqo5IX
🔺Blogger : https://goo.gl/N4iSfr
🔺 Word Press : https://goo.gl/ayGpTG
🔺Pinterest : https://goo.gl/o4z4BJ
   🚩🇮🇳🚩 आज़ाद भारत🚩🇮🇳🚩